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नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:16 AM IST
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मां कात्यायनी की पूजा अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नवरात्र उत्सव के बीच मंगलवार को जिलेभर में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के उपलक्ष्य में सभी मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया गया है। माता गेट स्थित शीतला माता मंदिर, छोटी देवी मंदिर व बड़ी देवी मंदिर में मां के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। छठे दिन श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांगी और सुख समृाद्धि की कामना की। ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम के पंडित प्रेमशंकर ने बताया कि मां कात्यायानी मां दुर्गा का छठा स्वरूप है। उन्होंने बताया कि मां कात्यायनी ने अपने पुत्री स्वरूप से पिता कुल की रक्षा का संदेश दिया है। कात्यायन ऋषि ने देवी से वरदान मांगा कि आप पुत्री रूप में मेरे घर जन्म लें। देवी ने ऋषि की प्रसन्नता के लिए अजन्मा स्वरूप त्याग कर पुत्री रूप में जन्म लिया। इस रात्रि जप करने से साधक को मां कात्यायनी की कृपा का लाभ मिलता है। इस मौके अमन, रिपंी, साहिल, ममता, अशोक, राजीव, सीमा सहित सैकड़ों भक्तों ने मां के मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख शांति की कामना की।
राजौंद में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना को उमड़े श्रद्धालु
राजौंद। पावन नवरात्रों के छठे दिन मंदिरों में मां के श्रद्धालुओं ने मां भगवती कात्यायनी के स्वरूप में मां के चरणों की पूजा अर्चना कर मंगल की कामना की। वैसे तो श्रद्धालु प्रथम नवरात्र से ही मंदिरों में सुबह व सायं पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन ज्यों ज्यों दुर्गा अष्टमी नजदीक आ रही है उसके साथ साथ मंदिरों में भगतों की चहल पहल भी बढ़ रही है। आचार्य बृृजभूषण हरित ने बताया कि नवरात्रों के दौरान नौ देवियों की पूजा करनी चाहिए तथा घर में अखंड जोत जागृत करनी चाहिए। मां आदि शक्ति के ये नौ रूप सारे ब्रह्मांड को शक्ति देते है। आचार्य ने बताया कि नवरात्रा उपवास रखने वाले श्रद्धालु अष्टमी को कंजक पूजन के साथ अपना उपवास खोलते हैं, जबकि कई श्रद्धालु नवमी को उपवास खोलते हैं।
फोटो नंबर-5,6
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नवरात्र उत्सव के बीच मंगलवार को जिलेभर में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के उपलक्ष्य में सभी मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया गया है। माता गेट स्थित शीतला माता मंदिर, छोटी देवी मंदिर व बड़ी देवी मंदिर में मां के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। छठे दिन श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांगी और सुख समृाद्धि की कामना की। ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम के पंडित प्रेमशंकर ने बताया कि मां कात्यायानी मां दुर्गा का छठा स्वरूप है। उन्होंने बताया कि मां कात्यायनी ने अपने पुत्री स्वरूप से पिता कुल की रक्षा का संदेश दिया है। कात्यायन ऋषि ने देवी से वरदान मांगा कि आप पुत्री रूप में मेरे घर जन्म लें। देवी ने ऋषि की प्रसन्नता के लिए अजन्मा स्वरूप त्याग कर पुत्री रूप में जन्म लिया। इस रात्रि जप करने से साधक को मां कात्यायनी की कृपा का लाभ मिलता है। इस मौके अमन, रिपंी, साहिल, ममता, अशोक, राजीव, सीमा सहित सैकड़ों भक्तों ने मां के मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख शांति की कामना की।
राजौंद में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना को उमड़े श्रद्धालु
राजौंद। पावन नवरात्रों के छठे दिन मंदिरों में मां के श्रद्धालुओं ने मां भगवती कात्यायनी के स्वरूप में मां के चरणों की पूजा अर्चना कर मंगल की कामना की। वैसे तो श्रद्धालु प्रथम नवरात्र से ही मंदिरों में सुबह व सायं पूजा अर्चना के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन ज्यों ज्यों दुर्गा अष्टमी नजदीक आ रही है उसके साथ साथ मंदिरों में भगतों की चहल पहल भी बढ़ रही है। आचार्य बृृजभूषण हरित ने बताया कि नवरात्रों के दौरान नौ देवियों की पूजा करनी चाहिए तथा घर में अखंड जोत जागृत करनी चाहिए। मां आदि शक्ति के ये नौ रूप सारे ब्रह्मांड को शक्ति देते है। आचार्य ने बताया कि नवरात्रा उपवास रखने वाले श्रद्धालु अष्टमी को कंजक पूजन के साथ अपना उपवास खोलते हैं, जबकि कई श्रद्धालु नवमी को उपवास खोलते हैं।
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फोटो नंबर-5,6