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अध्यापकों ने एसआरबीडी सर्वे में शामिल होने से किया साफ इंकार
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:19 AM IST
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अध्यापकों ने एसआरबीडी सर्वे में शामिल होने से किया साफ इंकार
कलायत। एसआरडीबी सर्वे में अपनी ड्यूटी देने से सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने पूरी तरह से इंकार कर दिया। बुधवार को शुरू हुए प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम के दूसरे दिन वीरवार को शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान था। सुबह शिक्षक उपमंडल कार्यालय परिसर में पहुंचे तो जरूर पर वे हाल में जाने की बजाए बाहर खुले में दरी बिछा कर बैठ गए। परिसर में बैठे शिक्षकों ने सरकार की नीतियों पर सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हरियाणा अध्यापक संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर ने कहा कि सरकारी अध्यापक इस सर्वे में अपनी ड्यूटी नही लगवाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी अध्यापकों का सरकार द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है। इसके बाद अध्यापक प्रशिक्षण शिविर का विरोध कर कैथल के लिए रवाना हो गए। शिविर के मास्टर ट्रेनर रविप्रकाश गर्ग, विनीत भार्गव, सोहन लाल, कानूनगो महावीर सिंह ने बताया कि वे लोग सर्वे के लिए प्रशिक्षण देने के लिए हाल में बैठे रहे पर प्रशिक्षणार्थी आए ही नहीं। उन्होंने बताया कि गत दिवस सक्षम युवाओं को इस संदर्भ में प्रशिक्षित किया गया था तथा उनको सर्वे से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवा दी गई थी। सर्वे में सक्षम युवाओं को डाटा टैबलेट में फीड़ करना होगा तथा अध्यापकों को बतौर मुख्य प्रगणक सर्वे में व्यक्ति से प्रश्न करने की जिम्मेवारी दी गई है।
प्रशिक्षण लेने की बजाए अध्यापकों ने लगाए सरकार व शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारे
फोटो नंबर- 37
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कलायत। एसआरडीबी सर्वे में अपनी ड्यूटी देने से सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने पूरी तरह से इंकार कर दिया। बुधवार को शुरू हुए प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम के दूसरे दिन वीरवार को शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान था। सुबह शिक्षक उपमंडल कार्यालय परिसर में पहुंचे तो जरूर पर वे हाल में जाने की बजाए बाहर खुले में दरी बिछा कर बैठ गए। परिसर में बैठे शिक्षकों ने सरकार की नीतियों पर सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हरियाणा अध्यापक संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर ने कहा कि सरकारी अध्यापक इस सर्वे में अपनी ड्यूटी नही लगवाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी अध्यापकों का सरकार द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है। इसके बाद अध्यापक प्रशिक्षण शिविर का विरोध कर कैथल के लिए रवाना हो गए। शिविर के मास्टर ट्रेनर रविप्रकाश गर्ग, विनीत भार्गव, सोहन लाल, कानूनगो महावीर सिंह ने बताया कि वे लोग सर्वे के लिए प्रशिक्षण देने के लिए हाल में बैठे रहे पर प्रशिक्षणार्थी आए ही नहीं। उन्होंने बताया कि गत दिवस सक्षम युवाओं को इस संदर्भ में प्रशिक्षित किया गया था तथा उनको सर्वे से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवा दी गई थी। सर्वे में सक्षम युवाओं को डाटा टैबलेट में फीड़ करना होगा तथा अध्यापकों को बतौर मुख्य प्रगणक सर्वे में व्यक्ति से प्रश्न करने की जिम्मेवारी दी गई है।
प्रशिक्षण लेने की बजाए अध्यापकों ने लगाए सरकार व शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारे
फोटो नंबर- 37