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दो जिलों के लोगों की खत्म हुई रेल मार्ग से मेरठ से जुडने की आस
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:08 AM IST
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कैथल से करनाल मेरठ रेलवे लाइन का डिजिटल सर्वे रेलवे सर्वे रिपोर्ट से हुआ गायब
दो जिलों के लोगों की खत्म हुई रेल मार्ग से मेरठ से जुड़ने की आस
पिछले वर्ष के बजट में रेलवे ने नई रेल लाइन के लिए की थी सर्वे की घोषणा
फोटो नंबर-01
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। फरवरी 2017 में जारी हुए बजट में रेलवे की ओर से कैथल से मेरठ तक वाया कैथल तक नई रेलवे लाइन का सर्वेे को अब रेलवे ने नॉन फिजिबल बता दिया है। जिससे यह अब रेल विभाग की तिमाही रिपोर्ट में भी गायब है। बता दें कि पिछले वर्ष में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए डिजिटल सर्वे शुरू हुआ था। जिससे प्रदेश के दो जिलों के हजारों यात्रियों को मेरठ का सफर रेल यात्रा से करने की उम्मीद बनी थी। लेकिन करीब डेढ़ वर्ष के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को विभाग की सर्वे रिपोर्ट से ही गायब कर दिया है।
सीएम ने भी ट्विट कर दिलवाया था आश्वासन : इस रेल मार्ग को लेकर प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की घोषणा को लेकर अथक प्रयास करने का ट्विट कर यात्रियों को आश्वासन दिया था। यह टिवट् सीएम ने 13 अगस्त 2015 को किया था। जिसमें इसे बुनियादी स्तर पर प्रयास शुरू करने की बात कही थी। सीएम का यह ट्विट उस समय आया था जब रेल विभाग की ओर से इन लाइनों पर सर्वे शुरू किया गया था। यह सर्वे लगभग दो साल तक हुआ, लेकिन इसके बाद जब तिमाही रिपोर्ट आई तो उनमें इस प्रोजेक्ट को गायब कर दिया गया।
रेल लाइन के निर्माण से व्यापारियों को मिलेगा फायदा : कैथल से करनाल मेरठ तक रेल लाइन के निर्माण होने से यूपी जानेेेे का रेल का यह दूसरा मार्ग होगा। इससे व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा। बता दें कि कैथल जिला धान का एक प्रसिद्ध हब है। यदि आगामी कुछ वर्षों में इस रेल मार्ग का निर्माण होगा तो यूपी में धान के व्यापार को काफी बढ़ावा भी मिलेगा, जो इस समय काफी कम है।
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तकनीकी कारणों से हो सकती समस्या : उत्तर रेलवे के सीपीआरो नीरज शर्मा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट से यह प्रोजेक्ट न होना किसी तकनीकी कारणों से हो सकता है। अभी रेलवे की ओर से लिखित में जारी नहीं किया गया है कि इस प्रोजेक्ट को बिल्कुल खत्म कर दिया है।
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दो जिलों के लोगों की खत्म हुई रेल मार्ग से मेरठ से जुड़ने की आस
पिछले वर्ष के बजट में रेलवे ने नई रेल लाइन के लिए की थी सर्वे की घोषणा
फोटो नंबर-01
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। फरवरी 2017 में जारी हुए बजट में रेलवे की ओर से कैथल से मेरठ तक वाया कैथल तक नई रेलवे लाइन का सर्वेे को अब रेलवे ने नॉन फिजिबल बता दिया है। जिससे यह अब रेल विभाग की तिमाही रिपोर्ट में भी गायब है। बता दें कि पिछले वर्ष में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए डिजिटल सर्वे शुरू हुआ था। जिससे प्रदेश के दो जिलों के हजारों यात्रियों को मेरठ का सफर रेल यात्रा से करने की उम्मीद बनी थी। लेकिन करीब डेढ़ वर्ष के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को विभाग की सर्वे रिपोर्ट से ही गायब कर दिया है।
सीएम ने भी ट्विट कर दिलवाया था आश्वासन : इस रेल मार्ग को लेकर प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की घोषणा को लेकर अथक प्रयास करने का ट्विट कर यात्रियों को आश्वासन दिया था। यह टिवट् सीएम ने 13 अगस्त 2015 को किया था। जिसमें इसे बुनियादी स्तर पर प्रयास शुरू करने की बात कही थी। सीएम का यह ट्विट उस समय आया था जब रेल विभाग की ओर से इन लाइनों पर सर्वे शुरू किया गया था। यह सर्वे लगभग दो साल तक हुआ, लेकिन इसके बाद जब तिमाही रिपोर्ट आई तो उनमें इस प्रोजेक्ट को गायब कर दिया गया।
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रेल लाइन के निर्माण से व्यापारियों को मिलेगा फायदा : कैथल से करनाल मेरठ तक रेल लाइन के निर्माण होने से यूपी जानेेेे का रेल का यह दूसरा मार्ग होगा। इससे व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा। बता दें कि कैथल जिला धान का एक प्रसिद्ध हब है। यदि आगामी कुछ वर्षों में इस रेल मार्ग का निर्माण होगा तो यूपी में धान के व्यापार को काफी बढ़ावा भी मिलेगा, जो इस समय काफी कम है।
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तकनीकी कारणों से हो सकती समस्या : उत्तर रेलवे के सीपीआरो नीरज शर्मा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट से यह प्रोजेक्ट न होना किसी तकनीकी कारणों से हो सकता है। अभी रेलवे की ओर से लिखित में जारी नहीं किया गया है कि इस प्रोजेक्ट को बिल्कुल खत्म कर दिया है।