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जातिसूचक शब्द कहने पर भिड़े रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता, दो हुए घायल
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:08 AM IST
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जातिसूचक शब्द कहने पर भिड़े रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता, बस अड्डे पर चले लात-घूसे, दो हुए घायल
घायलों को ले जाया गया अस्पताल, दोनों यूनियन पदाधिकारियों ने पुलिस में शिकायत देकर लगाया एक दूसरे पर आरोप
पुलिस ने कहा- दोनों से जानकारी जुटाकर होगी कार्रवाई
फोटो नंबर-2 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बुधवार सुबह बस अड्डे पर कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों में जमकर लात-घूसे चले। कारण किसी एक द्वारा दूसरे को जातिसूचक शब्द कहना बताया जा रहा है। हालांकि असली कारण पुलिस जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन सुबह-सवेरे कर्मचारियों की आपसी भिड़ंत के चलते काफी संख्या में कर्मचारी मौके पर एकजुट हो गए। इस विवाद में दो कर्मचारी नेता घायल हुए हैं। जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बस अड्डे पर वर्कशॉप के निकट भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान मांगेराम व कर्मचारी महासंघ के प्रवीण व रामफल के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते-देखते ही यह विवाद झगड़े में तब्दील हो गया और कर्मचारी नेता आपस में भिड़ पड़े। इस दौरान दोनों पक्षों ने जमकर लात-घूसे चलाए। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्रधान मांगे राम व महासंघ के पदाधिकारी प्रवीन क्योड़क को चोटें आई हैं। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी जिला अस्पताल पहुुंची और दोनों कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद दोनों पक्ष जिला अस्पताल से मेडिकल करवाकर पुलिस थाने पहुंचे।
बीएमएस के जिला प्रधान मांगे राम ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी करने के लिए सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे वर्कशॉप में ड्यूटी इंचार्ज के कक्ष में पहुंचा था। जहां महासंघ का पदाधिकारी रामफल शिमला भी पहुंचा। उसने उससे दुर्व्यवहार किया। इतने में महासंघ का ही सदस्य परिचालक प्रवीन क्योड़क भी आ गया और उसने उस पर टिकट काटने वाले पंच से हमला कर दिया। इसका कारण केवल यह रहा कि बीएमएस के सदस्य रोडवेज हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। जिस कारण उनमें इस बात की रंजिश पैदा हुई।
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वहीं दूसरे पक्ष की ओर से रामफल शिमला ने कहा कि मांगे राम एक क्लर्क है, जिसकी ड्यूटी हेड ऑफिस से आने वाली टिकटों पर हस्ताक्षर करने की है। लेकिन वह अपने आप को जीएम जैसा अधिकारी साबित करने पर तुला रहता है। वह अपना कार्य छोड़कर अधिकतर जीएम कार्यालय में ही रहता है। वह अपने मन मुताबिक परिचालकों को रूटों पर भेजता है। जो उसका कोई कार्य नहीं है। मांगे राम को केवल उसकी जगह पर ही ड्यूटी करने की बात कही थी। इस दौरान परिचालक प्रवीन क्योड़क को उसने जातिसूचक शब्द कहे और उस पर हमला कर दिया। घायल हुए महासंघ के कर्मचारी प्रदीप ने जातिसूचक कहने व हमला करने की सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी है। वहीं बीएमएस के प्रधान मांगे राम की ओर से एक इरादे के तहत हमला करने की जवाब में शिकायत दर्ज करवाई है।
जीएम रामकुमार ने कहा कि कर्मचारियों के बीच विवाद का पता चला था। उनके पास किसी पक्ष की शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी धर्मपाल ने कहा कि पुलिस के पास दोनों पक्षों की शिकायतें आई हैं। मामले की जांच की जा रही है। सारी जानकारी पता करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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घायलों को ले जाया गया अस्पताल, दोनों यूनियन पदाधिकारियों ने पुलिस में शिकायत देकर लगाया एक दूसरे पर आरोप
पुलिस ने कहा- दोनों से जानकारी जुटाकर होगी कार्रवाई
फोटो नंबर-2 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बुधवार सुबह बस अड्डे पर कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों में जमकर लात-घूसे चले। कारण किसी एक द्वारा दूसरे को जातिसूचक शब्द कहना बताया जा रहा है। हालांकि असली कारण पुलिस जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन सुबह-सवेरे कर्मचारियों की आपसी भिड़ंत के चलते काफी संख्या में कर्मचारी मौके पर एकजुट हो गए। इस विवाद में दो कर्मचारी नेता घायल हुए हैं। जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बस अड्डे पर वर्कशॉप के निकट भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान मांगेराम व कर्मचारी महासंघ के प्रवीण व रामफल के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते-देखते ही यह विवाद झगड़े में तब्दील हो गया और कर्मचारी नेता आपस में भिड़ पड़े। इस दौरान दोनों पक्षों ने जमकर लात-घूसे चलाए। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्रधान मांगे राम व महासंघ के पदाधिकारी प्रवीन क्योड़क को चोटें आई हैं। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी जिला अस्पताल पहुुंची और दोनों कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद दोनों पक्ष जिला अस्पताल से मेडिकल करवाकर पुलिस थाने पहुंचे।
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बीएमएस के जिला प्रधान मांगे राम ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी करने के लिए सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे वर्कशॉप में ड्यूटी इंचार्ज के कक्ष में पहुंचा था। जहां महासंघ का पदाधिकारी रामफल शिमला भी पहुंचा। उसने उससे दुर्व्यवहार किया। इतने में महासंघ का ही सदस्य परिचालक प्रवीन क्योड़क भी आ गया और उसने उस पर टिकट काटने वाले पंच से हमला कर दिया। इसका कारण केवल यह रहा कि बीएमएस के सदस्य रोडवेज हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। जिस कारण उनमें इस बात की रंजिश पैदा हुई।
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वहीं दूसरे पक्ष की ओर से रामफल शिमला ने कहा कि मांगे राम एक क्लर्क है, जिसकी ड्यूटी हेड ऑफिस से आने वाली टिकटों पर हस्ताक्षर करने की है। लेकिन वह अपने आप को जीएम जैसा अधिकारी साबित करने पर तुला रहता है। वह अपना कार्य छोड़कर अधिकतर जीएम कार्यालय में ही रहता है। वह अपने मन मुताबिक परिचालकों को रूटों पर भेजता है। जो उसका कोई कार्य नहीं है। मांगे राम को केवल उसकी जगह पर ही ड्यूटी करने की बात कही थी। इस दौरान परिचालक प्रवीन क्योड़क को उसने जातिसूचक शब्द कहे और उस पर हमला कर दिया। घायल हुए महासंघ के कर्मचारी प्रदीप ने जातिसूचक कहने व हमला करने की सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी है। वहीं बीएमएस के प्रधान मांगे राम की ओर से एक इरादे के तहत हमला करने की जवाब में शिकायत दर्ज करवाई है।
जीएम रामकुमार ने कहा कि कर्मचारियों के बीच विवाद का पता चला था। उनके पास किसी पक्ष की शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी धर्मपाल ने कहा कि पुलिस के पास दोनों पक्षों की शिकायतें आई हैं। मामले की जांच की जा रही है। सारी जानकारी पता करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।