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हिंदी और अंग्रेजी में 33 शब्द प्रति मिनट स्पीड नहीं हुई तो नौकरी गई
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:03 AM IST
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हिंदी और अंग्रेजी में 33 शब्द प्रति मिनट स्पीड नहीं हुई तो नौकरी गई
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की यदि हिंदी व अंग्रेजी में 33 शब्द प्रति मिनट स्पीड नहीं हुई तो उन्हें उनकी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। निवर्तमान डीसी संजय जून ने 61 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को एक नोटिस के माध्यम से उनके लिए एक टाइपिंग टेस्ट निर्धारित करने का फैसला किया था। इसी फैसले के विरोध में शनिवार को कंप्यूटर ऑपरेटर सड़कों पर उतरे और इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के आह्वान पर प्रदर्शन भी किया। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने निवर्तमान डीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो डीसी साहब विभिन्न विभागों में कार्य के लिए उन पर जोर अजमाते थे। लेकिन उन्हें शायद ये मालूम नहीं है कि हर विभाग का अब अपना एक अलग सॉफ्टवेयर आने लगा है, जिस पर एक जैसी टाइपिंग नहीं होती है।
शनिवार को हुए प्रदर्शन में प्रदेश के अन्य जिलों के कंप्यूटर ऑपरेटर भी जिलेभर के कंप्यूटर ऑपरेटरों के समर्थन में आए। वे हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए जहां उन्होंने बैठक की और समस्याओं पर विचार विमर्श कर रणनीति बनाई। जिसके बाद वे प्रदर्शन करते हुए डीसी आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने नवनियुक्त डीसी सुनीता वर्मा को मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के राज्य प्रधान हवा सिंह ने की, जबकि अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाष ने की। मंच संचालन राज्य महासचिव जितेंद्र काद्यान ने किया। हवा सिंह ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटरों का संगठन प्रदेश के सभी विभागों, निगमों व राजस्व विभाग के साथ-साथ डीसी कार्यालयों व ई-दिशा के कंप्यूटर प्रोफेशनल का प्रतिनिधि संगठन है। उन्होंने कहा कि कैथल जिला में बार-बार टाइपिंग शर्तों को लगाया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन की नीति व नीयत ठीक नहीं हैं। प्रशासन बार-बार टाइपिंग टेस्ट का बहाना बनाकर पिछले 10 वर्षों से कार्यरत सभी डाटा ऑपरेटरों के रोजगार को छीनना चाहता है। पूर्व की हुड्डा सरकार ने वर्ष 2014 में डीसी रेट पर कार्यरत सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियमित करने की पॉलिसी भी बनाई थी। लेकिन उसे भी भाजपा सरकार ने निरस्त किया है। जिससे कंप्यूटर ऑपरेटरों में गहरा रोष व्याप्त है।
संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष ने कहा कि कोई भी कंप्यूटर ऑपरेटर टेस्ट देने से मना नहीं कर रहा है। लेकिन निवर्तमान डीसी संजय जून ने उन्हें एक स्पेशल सॉफ्टवेयर में टाइपिंग टेस्ट लेने का फरमान जारी किया। जिसमें कभी भी टाइपिंग टेस्ट नहीं होता है। उन्होंने बताया कि 61 कंप्यूटर ऑपरेटरों को यह नोटिस 7 जुलाई को मिला है। जिसमें 21 जुलाई को टेस्ट देने की बात है और यदि कोई भी ऑपरेटर इस टेस्ट को पास नहीं करता तो उनकी सेवाएं समाप्त करने की बात भी नोटिस में कही गई है। इस मौके पर राजेश गौतम, अंजू बाला, सुशील भिवानी, श्वेता, ओमबीर, संदीप, राजेश शर्मा, सुरेंद्र मोर, वंदना, सोनिया, अनुराधा, भीम प्रेस प्रवक्ता सहित अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।
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कई प्रमुख विभागों में काम कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स के भरोसे
प्रमुख रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर डीसी, एसडीएम कार्यालय, तहसील, एनआईसी, एमए, एलटीए, एलएसए व उप तहसील में कार्यरत है जहां अब सारा काम ऑनलाइन हो गया है। चाहे व पब्लिक डीलिंग का काम हो या कार्यालय का। ऐसे यदि इनकी सेवाएं खत्म कर दी गई तो काफी परेशानी होगी।
कंप्यूटर ऑपरेटरों के टेस्ट संबंधी पूरा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। निवर्तमान डीसी ने उन्हें क्या नोटिस भेजा है, इस पर सोमवार को कार्यालय में विभाग से मामले की जानकारी प्राप्त करके आगे की कार्रवाई करूंगी। जो भी कार्रवाई नियमानुसार होगी वह की जाएगी।
सुनीता वर्मा, डीसी, कैथल।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की यदि हिंदी व अंग्रेजी में 33 शब्द प्रति मिनट स्पीड नहीं हुई तो उन्हें उनकी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। निवर्तमान डीसी संजय जून ने 61 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को एक नोटिस के माध्यम से उनके लिए एक टाइपिंग टेस्ट निर्धारित करने का फैसला किया था। इसी फैसले के विरोध में शनिवार को कंप्यूटर ऑपरेटर सड़कों पर उतरे और इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के आह्वान पर प्रदर्शन भी किया। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने निवर्तमान डीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो डीसी साहब विभिन्न विभागों में कार्य के लिए उन पर जोर अजमाते थे। लेकिन उन्हें शायद ये मालूम नहीं है कि हर विभाग का अब अपना एक अलग सॉफ्टवेयर आने लगा है, जिस पर एक जैसी टाइपिंग नहीं होती है।
शनिवार को हुए प्रदर्शन में प्रदेश के अन्य जिलों के कंप्यूटर ऑपरेटर भी जिलेभर के कंप्यूटर ऑपरेटरों के समर्थन में आए। वे हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए जहां उन्होंने बैठक की और समस्याओं पर विचार विमर्श कर रणनीति बनाई। जिसके बाद वे प्रदर्शन करते हुए डीसी आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने नवनियुक्त डीसी सुनीता वर्मा को मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के राज्य प्रधान हवा सिंह ने की, जबकि अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाष ने की। मंच संचालन राज्य महासचिव जितेंद्र काद्यान ने किया। हवा सिंह ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटरों का संगठन प्रदेश के सभी विभागों, निगमों व राजस्व विभाग के साथ-साथ डीसी कार्यालयों व ई-दिशा के कंप्यूटर प्रोफेशनल का प्रतिनिधि संगठन है। उन्होंने कहा कि कैथल जिला में बार-बार टाइपिंग शर्तों को लगाया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन की नीति व नीयत ठीक नहीं हैं। प्रशासन बार-बार टाइपिंग टेस्ट का बहाना बनाकर पिछले 10 वर्षों से कार्यरत सभी डाटा ऑपरेटरों के रोजगार को छीनना चाहता है। पूर्व की हुड्डा सरकार ने वर्ष 2014 में डीसी रेट पर कार्यरत सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियमित करने की पॉलिसी भी बनाई थी। लेकिन उसे भी भाजपा सरकार ने निरस्त किया है। जिससे कंप्यूटर ऑपरेटरों में गहरा रोष व्याप्त है।
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संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष ने कहा कि कोई भी कंप्यूटर ऑपरेटर टेस्ट देने से मना नहीं कर रहा है। लेकिन निवर्तमान डीसी संजय जून ने उन्हें एक स्पेशल सॉफ्टवेयर में टाइपिंग टेस्ट लेने का फरमान जारी किया। जिसमें कभी भी टाइपिंग टेस्ट नहीं होता है। उन्होंने बताया कि 61 कंप्यूटर ऑपरेटरों को यह नोटिस 7 जुलाई को मिला है। जिसमें 21 जुलाई को टेस्ट देने की बात है और यदि कोई भी ऑपरेटर इस टेस्ट को पास नहीं करता तो उनकी सेवाएं समाप्त करने की बात भी नोटिस में कही गई है। इस मौके पर राजेश गौतम, अंजू बाला, सुशील भिवानी, श्वेता, ओमबीर, संदीप, राजेश शर्मा, सुरेंद्र मोर, वंदना, सोनिया, अनुराधा, भीम प्रेस प्रवक्ता सहित अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।
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कई प्रमुख विभागों में काम कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स के भरोसे
प्रमुख रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर डीसी, एसडीएम कार्यालय, तहसील, एनआईसी, एमए, एलटीए, एलएसए व उप तहसील में कार्यरत है जहां अब सारा काम ऑनलाइन हो गया है। चाहे व पब्लिक डीलिंग का काम हो या कार्यालय का। ऐसे यदि इनकी सेवाएं खत्म कर दी गई तो काफी परेशानी होगी।
कंप्यूटर ऑपरेटरों के टेस्ट संबंधी पूरा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। निवर्तमान डीसी ने उन्हें क्या नोटिस भेजा है, इस पर सोमवार को कार्यालय में विभाग से मामले की जानकारी प्राप्त करके आगे की कार्रवाई करूंगी। जो भी कार्रवाई नियमानुसार होगी वह की जाएगी।
सुनीता वर्मा, डीसी, कैथल।