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21 एमएम बारिश : गेहूं की फसल को होगा फायदा, सब्जियों पर संकट के बादल
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21 mm rain: Wheat crop will benefit, clouds of crisis on vegetables
- फोटो : Kaithal
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कैथल। मौसम का बदले मिजाज ने जिले के लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। शुक्रवार देर रात्रि से जिले में बारिश जारी है। बीते 12 घंटे में कई जगह ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई स्थान पर पानी की निकासी न होने से गलियां भी पानी से लबालब भर गईं। जिले में कुल 21 एमएम बारिश दर्ज की गई।
शनिवार की दोपहर 1 बजे तक शहर में जमकर बादल बरसे। इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। शहर के निचले इलाकों में जल निकासी नहीं होने से सड़क व गलियों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सबसे अधिक बारिश कलायत में हुई, इसके अलावा सीवन, राजौंद, ढांड और पूंडरी में भी पूरे दिन बदरा बरसते रहे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कई दिनों तक बादल छाए रहेंगे।
वहीं किसान मियाराम, सुभाष, तेजी, कृष्ण, राजबीर का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसलों के लिए वरदान है। क्योंकि इस बार जिले में गेहूं की फसलों को अब तक पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिला। यह बारिश खाद का काम करेगी और इससे फसलों में अच्छा फुटाव होगा। बीते तीन दिनों से कभी बूंदाबांदी, कभी शीतलहर तो कभी तेज बारिश लोगों को सता रही है। धूप न निकलने से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
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चिकित्सक दे रहे सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह
मौसम में यह बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल बीमारी का प्रकोप बढ़ने लगा है। अस्पतालों में ऐसे मरीज की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिन्हें सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त की शिकायत है। चिकित्सक दवा-उपचार के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सिविल अस्पताल के डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल बीमारी होना सामान्य बात है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में बढ़ी है। एक तरफ तो कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है तो दूसरी ओर उससे मिलते जुलते लक्षणों के कारण भी लोग भयभीत हैं। मौसमी बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज बच्चे हैं, जो सर्दी खांसी, बुखार, गले में जकड़न की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
गुनगुने पानी का सेवन करें, साफ-सफाई का भी रखें ध्यान
डॉ. अनिल कुमार ने बताया सर्दी के कारण खांसी, बुखार से सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रतिदिन हल्के गुनगुने पानी का सेवन करें, ज्यादा तला-भुना खाने से बचें, हरी सब्जियां व फल का सेवन करें। कोरोना के खतरे को देखते हुए मास्क लगाते रहें और हाथ धुलने की आदत न छोड़ें। मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुखार, सर्दी जुकाम और खांसी के मरीज सर्वाधिक हैं। कोरोना जैसे लक्षण होने के कारण लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने और परिवार की सुरक्षा के लिए खानपान और यात्रा में सावधानी बरतें। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि इस समय चल रहे वायरल बुखार व कोरोना के लक्षण करीब-करीब एक जैसे हैं। यदि बुखार है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। चिकित्सक यदि सलाह दें कि कोरोना टेस्ट जरूरी है तो उसी समय कोरोना की जांच करवाएं, जितना जल्दी कोरोना की जांच हो जाएगी, उतना जल्दी ठीक है। यदि चिकित्सक सामान्य बुखार बता रहे हैं तो फिर उसी अनुसार दवा लें।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को हुआ नुकसान
सीवन। शनिवार सुबह हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि ने सब्जी की फसल में भारी नुकसान पहुंचाया है। शनिवार सुबह की बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है और इससे सब्जी की फसल को नुकसान हो रहा है। किसान बारिश से तो परेशान हो रहे थे रही सही कसर शनिवार दोपहर को अचानक हुई ओलावृष्टि ने पूरी कर दी।
सुबह से बारिश रुक रुककर हो रही थी, परंतु अचानक दोपहर के समय मौसम ने करवट बदली और ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलावृष्टि से नगर की गलियां भी सफेद हो गई। किसान वीरेंद्र सरदाना, मनीष मेहता, राजेश रहेजा, अंतरजीत सिंह, जगरूप सिंह, जरनैल सिंह, सतीश सरदाना ने बताया कि पिछले तीन से जो बारिश हो रही थी, वह गेहूं की फसल के लिए लाभदायक थी। किसानों ने मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए फसल में पानी नहीं लगाया था। आरंभ में हुई बारिश बहुत अच्छी रही परंतु शनिवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि का बहुत नुकसान हुआ है। बारिश ने आलू, मटर, गोभी, टमाटर व सब्जी की बाकी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सरसों की फसल पर फूल आ गए थे, परंतु ओलावृष्टि के कारण बिखर कर गिर गए हैं।
राजेश रहेजा ने बताया कि सब्जी की जो भी फसलें हैं सभी को नुकसान हुआ है, जो जमीन के नीचे की फसलें जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर हैं, अगर वहां पानी जमा होता है तो सब्जी गलनी शुरू हो जाएंगी और उससे बहुत अधिक नुकसान होगा। आगे यदि और बारिश होती है तो यह बहुत अधिक नुकसानदायक होगी।
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शनिवार की दोपहर 1 बजे तक शहर में जमकर बादल बरसे। इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। शहर के निचले इलाकों में जल निकासी नहीं होने से सड़क व गलियों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सबसे अधिक बारिश कलायत में हुई, इसके अलावा सीवन, राजौंद, ढांड और पूंडरी में भी पूरे दिन बदरा बरसते रहे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कई दिनों तक बादल छाए रहेंगे।
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वहीं किसान मियाराम, सुभाष, तेजी, कृष्ण, राजबीर का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसलों के लिए वरदान है। क्योंकि इस बार जिले में गेहूं की फसलों को अब तक पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिला। यह बारिश खाद का काम करेगी और इससे फसलों में अच्छा फुटाव होगा। बीते तीन दिनों से कभी बूंदाबांदी, कभी शीतलहर तो कभी तेज बारिश लोगों को सता रही है। धूप न निकलने से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
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चिकित्सक दे रहे सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह
मौसम में यह बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल बीमारी का प्रकोप बढ़ने लगा है। अस्पतालों में ऐसे मरीज की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिन्हें सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त की शिकायत है। चिकित्सक दवा-उपचार के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सिविल अस्पताल के डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल बीमारी होना सामान्य बात है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में बढ़ी है। एक तरफ तो कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है तो दूसरी ओर उससे मिलते जुलते लक्षणों के कारण भी लोग भयभीत हैं। मौसमी बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज बच्चे हैं, जो सर्दी खांसी, बुखार, गले में जकड़न की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
गुनगुने पानी का सेवन करें, साफ-सफाई का भी रखें ध्यान
डॉ. अनिल कुमार ने बताया सर्दी के कारण खांसी, बुखार से सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रतिदिन हल्के गुनगुने पानी का सेवन करें, ज्यादा तला-भुना खाने से बचें, हरी सब्जियां व फल का सेवन करें। कोरोना के खतरे को देखते हुए मास्क लगाते रहें और हाथ धुलने की आदत न छोड़ें। मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुखार, सर्दी जुकाम और खांसी के मरीज सर्वाधिक हैं। कोरोना जैसे लक्षण होने के कारण लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने और परिवार की सुरक्षा के लिए खानपान और यात्रा में सावधानी बरतें। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि इस समय चल रहे वायरल बुखार व कोरोना के लक्षण करीब-करीब एक जैसे हैं। यदि बुखार है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। चिकित्सक यदि सलाह दें कि कोरोना टेस्ट जरूरी है तो उसी समय कोरोना की जांच करवाएं, जितना जल्दी कोरोना की जांच हो जाएगी, उतना जल्दी ठीक है। यदि चिकित्सक सामान्य बुखार बता रहे हैं तो फिर उसी अनुसार दवा लें।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को हुआ नुकसान
सीवन। शनिवार सुबह हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि ने सब्जी की फसल में भारी नुकसान पहुंचाया है। शनिवार सुबह की बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है और इससे सब्जी की फसल को नुकसान हो रहा है। किसान बारिश से तो परेशान हो रहे थे रही सही कसर शनिवार दोपहर को अचानक हुई ओलावृष्टि ने पूरी कर दी।
सुबह से बारिश रुक रुककर हो रही थी, परंतु अचानक दोपहर के समय मौसम ने करवट बदली और ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलावृष्टि से नगर की गलियां भी सफेद हो गई। किसान वीरेंद्र सरदाना, मनीष मेहता, राजेश रहेजा, अंतरजीत सिंह, जगरूप सिंह, जरनैल सिंह, सतीश सरदाना ने बताया कि पिछले तीन से जो बारिश हो रही थी, वह गेहूं की फसल के लिए लाभदायक थी। किसानों ने मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए फसल में पानी नहीं लगाया था। आरंभ में हुई बारिश बहुत अच्छी रही परंतु शनिवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि का बहुत नुकसान हुआ है। बारिश ने आलू, मटर, गोभी, टमाटर व सब्जी की बाकी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सरसों की फसल पर फूल आ गए थे, परंतु ओलावृष्टि के कारण बिखर कर गिर गए हैं।
राजेश रहेजा ने बताया कि सब्जी की जो भी फसलें हैं सभी को नुकसान हुआ है, जो जमीन के नीचे की फसलें जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर हैं, अगर वहां पानी जमा होता है तो सब्जी गलनी शुरू हो जाएंगी और उससे बहुत अधिक नुकसान होगा। आगे यदि और बारिश होती है तो यह बहुत अधिक नुकसानदायक होगी।

21 mm rain: Wheat crop will benefit, clouds of crisis on vegetables- फोटो : Kaithal