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सरस्वती की पवित्र धारा भूमिगत रूप से आज भी है प्रवाहित: अरुण गुप्ता

Mon, 22 Jan 2018 12:19 AM IST
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:19 AM IST
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सरस्वती की पवित्र धारा भूमिगत रूप से आज भी है प्रवाहित: अरुण गुप्ता

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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। सरस्वती विकास यात्रा के कलायत में पहुंचने पर जिला प्रशासन द्वारा कपिल मुनि मंदिर में भव्य स्वागत किया गया। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने एसडीएम जगदीप सिंह के साथ सरस्वती यात्रा के साथ चल रहे हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी अरूण गुप्ता, वैज्ञानिक भूपेंद्र जैन, सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग के उपनिदेशक डा. साहिब राम गोदारा का फूल मालाओं से स्वागत किया। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरस्वती नदी के प्राचीन महत्व को मद्देनजर रखते हुए इसकी भूमिगत धारा को धरातल पर लाने के लिए विशेष प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। हरियाणा सरकार द्वारा गत 18 जनवरी से 22 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत यमुनानगर के आदिबद्री तथा सिरसा से 2 सरस्वती यात्राएं शुरू की गई हैं, जो 22 जनवरी को पिहोवा में संपन्न होंगी। प्राचीन गं्रथों में भी सरस्वती नदी का वर्णन मिलता है। सरकार द्वारा लोगों को सरस्वती के बारे में जागरूक करने के लिए गत 18 जनवरी से सरस्वती नदी के उद्गम स्थल यमुनानगर के आदिबद्री तथा सिरसा से दो सरस्वती यात्राएं शुरू की गई हैं, जो विभिन्न जिलों से होते हुए 22 जनवरी को पिहोवा में अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में संपन्न होगी। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी अरूण गुप्ता ने कहा कि इस यात्रा में प्रचार वाहनों के माध्यम से सरस्वती के महत्व तथा प्रमाणों को प्रदर्शित किया गया है। यात्रा में सरस्वती नदी के बारे में पुरातात्विक तथा वैज्ञानिक प्रमाणों को प्रदर्शित किया गया है। इसके अतिरिक्त हिसार के राखीगढ़ी में सरस्वती सभ्यता के पुरास्थल के अवशेषों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा फतेहाबाद के बनावली में लगभग 4500 वर्ष पुराना कुंआ भी मिला है, जिसको प्रदर्शनी वाहनों के माध्यम से दर्शाया गया है। वैज्ञानिक भूपेंद्र जैन ने कहा कि सरस्वती को भारत ही नही विश्व में ज्ञान की देवी के रूप में विशेष पहचान मिली है। सरकार द्वारा सरस्वती की विलुप्त धारा को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा सैटेलाईट के माध्यम से लिए गए चित्रों के अनुसार सरस्वती की पवित्र धारा आज भी भूमिगत रूप से प्रवाहित मानी गई है। मानवता के कल्याण के लिए इस धारा को धरातल पर लाना होगा। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता रवि शंकर मित्तल, कार्यकारी अभियंता बनारसी दास, एसडीओ रूबन गर्ग, मंदिर पुजारी कृष्ण गौतम, राममेहर शर्मा, निजानंद कुराड, श्याम लाल शर्मा, मार्र्कीट कमेटी अध्यक्ष संजीव राणा, पार्षद राजू कौशिक, संजय सिंगला, धर्मपाल धीमान, राजा राम पार्षद, प्रवीण गर्ग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


सरस्वती की पवित्र धारा भूमिगत रूप से आज भी है प्रवाहित: अरुण गुप्ता
सरस्वती विकास यात्रा का कलायत में पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
फोटो नंबर- 41, 42
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