फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   नगर परिषद कैथल में चल रहा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा

नगर परिषद कैथल में चल रहा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा

Thu, 09 Nov 2017 11:39 PM IST
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
नगर परिषद कैथल में चल रहा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा
नगर परिषद कैथल में चल रहा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल में फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा चल रहा है। हाल यह है कि, रुपये दो और मनचाहा प्रमाण पत्र बनवा लो। यह खुलासा तब हुआ जब, एक आरटीआई कार्यकर्ता से महज छह हजार रुपये लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाली एजेंसी के कर्मचारी ने बिना किसी पड़ताल के जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया। यह प्रमाण पत्र भी परिषद के उस नियमित कर्मचारी का था, जिसके पास प्रमाण पत्र बनाए जाने की शाखा की जिम्मेदारी है और वह कैथल जिले का रहने वाला ही नहीं है। मामले के संज्ञान में आने के बावजूद जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। बताया यह भी जा रहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाला एजेंसी का कर्मचारी इस खुलासे के बावजूद उसी सीट पर काम कर रहा है। इधर, सीएमओ ने इस मामले में ईओ से रिपोर्ट मांगी है।
आरटीआई कार्यकर्ता जगरुप ढुल ने बताया कि उन्हें पता चला था कि कैथल नगर परिषद में रिश्वत लेकर एजेंसी कर्मचारी प्रमाण पत्र बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक एजेंसी कर्मचारी से संपर्क किया। उसे 6 हजार रुपये दिए और एक सादे कागज पर नगर परिषद में जन्म एवं मुत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाली शाखा के प्रभारी प्रवीण कुमार का नाम, पिता का नाम, माता का नाम व बिना किसी प्रमाण के जन्म स्थान अर्जुन नगर कैथल बता दिया। साथ ही बिना किसी प्रमाण के जन्म तिथि बता दी। इस कर्मचारी ने उसी सादे कागज के आधार पर दी गई जानकारी पर 6 हजार रुपये में प्रमाण पत्र बनाए जाने की बात कही। जिस पर उन्होंने उसे 6 हजार रुपये के की राशि दे दी। कर्मचारी ने महज एक सप्ताह में असली प्रमाण पत्र बनाकर उसे थमा दिया। उसने इसकी जांच की तो पता चला कि उसने पूर्व में बन चुके रजिस्ट्रेशन संख्या 1561 पर यह प्रमाण पत्र बनाया है। अब जिस व्यक्ति के नाम से इस रजिस्ट्रेशन पर पहले से प्रमाण पत्र बना हुआ है, उस व्यक्ति को जीवन भर अपने जन्म को सिद्ध करने के लिए भटकना पड़ेगा।
विज्ञापन

ऐसे तो देश की सुरक्षा पड़ जाएगी खतरे में:-जगरुप ढुल ने सवाल उठाए कि यदि फर्जी प्रमाण पत्र इतनी आसानी से बन सकता है तो पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या फिर कोई भी आतंकी यहां से अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकता है। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच के नाम पर हो रही है लीपापोती:-ईओ नगर परिषद विक्रम सिंह ने कहा कि उनके पास कोई लिखित शिकायत तो नहीं आई है। लेकिन एक व्यक्ति प्रमाण पत्र की प्रति देकर गया था। उसने उसे फर्जी बताया है। इसके लिए जांच टीम बनाई है। दो कर्मचारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि ऐसे तो कोई भी कंप्यूटर से प्रिंट निकाल कर देकर जा सकता है। इसीलिए जांच जरूरी है। जांच के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। उनके पास कोई लिखित शिकायत भी नहीं है। इसके बावजूद वे जांच करवा रहे हैं।

जांच हो तो और भी हो सकता है खुलासा:-नगर परिषद में चल रहे इस घालमेल की जांच हो तो ओर भी खुलासे हो सकते हैं। बताया तो यह जा रहा है कि यहां हर रोज 8 से 10 फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। रजिस्टरों में कटिंग की हुई हैं। लेकिन इस बात का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
रिपोर्ट मांगी है:-सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने कहा कि नगर परिषद से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed