गांव दीवाल में ड्रेन के दोनों तरफ 200 एकड़ के करीब धान की फसल डूबी हुई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की निकासी का प्रबंध किया जाए। ड्रेन ओवरफ्लो चल रही है। जिस कारण खेतों का पानी ड्रेन में नहीं जा रहा। ड्रेन का पानी खेतों में आने को है। लोगों ने खुद के प्रयास करके इसे रोका हुआ है।
ग्रामीण ने अपने स्तर पर गांव व खेतों की तरफ ड्रेन पर मिट्टी के कटों से बांध लगाया हुआ है। ताकि ड्रेन का पानी गांव व खेतों में ने टूटे। ग्रामीण जगदीश राठी, रामदिया व राजेश का कहना है कि गांव दीवाल में एक कैथल से ओर से व एक जींद की ओर से दो डे्रेन आती हैं, जो गांव में आकर मिलती है। उन्होंने कहा कि जींद रोड से आने वाली ड्रेन में सिरसा ब्रांच नहर से पानी छोड़ दिया जाता है। जिससे गांव दीवार में आकर पानी का बहावा अधिक हो जाता है।जिसके कारण ग्रामीणों को पानी टूटने का भय बना रहता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जब तक ड्रेनों में पानी कम न हो नहरी पानी न छोड़ा जाए। क्योंकि अगर ड्रेन की पटरी गांव या खेतों की ओर टूट गई तो हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाएगी। इस समय भी ड्रेन के साथ लगते खेतों उनकी फसल पूरी तरह से डूब चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल की गिरदावरी करवाई जाए और जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनको मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर गांव के सरपंच जगदीश राठी, रामदिया, राजेश कुमार, अशोक कुमार, चांदीराम, बालाराम, बलजीत व बुद्धू राम मौजूद थे।