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जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:19 AM IST
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रात भर तड़पती रही गर्भवती, सुबह परिजनों ने डीसी कैंपस कार्यालय में किया फोन, इसके बाद ऑपरेशन से हुआ बच्चा
जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही
- परिजनों ने सीएम विंडो, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार की रात एक गर्भवती महिला पूरी रात तड़पती रही। सुबह उसके साथ गई महिला को जब जच्चा-बच्चा की जान को खतरा महसूस हुआ तो उसने परिजनों को फोन पर सूचित किया। परिजनों ने डीसी कैंपस कार्यालय में फोन किया। इसके बाद चिकित्सीय स्टाफ हरकत में आया और बच्चे का सुबह ऑपरेशन के माध्यम से जन्म हुआ। दिन में परिजनों ने सीएम विंडो सहित सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को मामले की शिकायत भेजी है।
सीएम विंडो पर दी शिकायत में सुरेश व रणबीर निवासी डिफेंस कॉलोनी ने बताया कि मनजीत कौर पत्नी प्रदीप कुमार को जिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद दाखिल करवाया गया था। जहां वह मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह 3 बजे तक दर्द से कराहती रही। लेकिन किसी भी कर्मचारी ने मदद नहीं की। उसकी ननद नीरू ने परिजनों को सूचित किया कि पीड़िता की हालत बद से बदतर हो रही है। जिस पर सुरेश ने डीसी कैंपस कार्यालय में फोन किया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी हरकत में आए और सुबह ऑपरेशन किया गया। उन्हें पता चला है कि बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे नर्सरी में रखा गया है। परिजनों ने शिकायत में यह भी कहा है कि एक डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया। अपनी शिकायत में इन लोगों ने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले व पीड़िता व बच्चे के जीवन का मजाक बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं इस संबंध में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरडी चावला का कहना है कि उन्होंने सुबह ही मामले का पता किया था। ऐसा कुछ नहीं है कि बच्चा बाहर निकला हुआ था। यदि वह बाहर होता तो ऑपरेशन कहां से होता। महिला व बच्चे की देखभाल की गई है। इसके बावजूद भी शिकायत की जाती है तो करें। परिजनों ने लिखित में दिया है कि वे यहीं पर डिलीवरी करवाना चाहते हैं।
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जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही
- परिजनों ने सीएम विंडो, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार की रात एक गर्भवती महिला पूरी रात तड़पती रही। सुबह उसके साथ गई महिला को जब जच्चा-बच्चा की जान को खतरा महसूस हुआ तो उसने परिजनों को फोन पर सूचित किया। परिजनों ने डीसी कैंपस कार्यालय में फोन किया। इसके बाद चिकित्सीय स्टाफ हरकत में आया और बच्चे का सुबह ऑपरेशन के माध्यम से जन्म हुआ। दिन में परिजनों ने सीएम विंडो सहित सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को मामले की शिकायत भेजी है।
सीएम विंडो पर दी शिकायत में सुरेश व रणबीर निवासी डिफेंस कॉलोनी ने बताया कि मनजीत कौर पत्नी प्रदीप कुमार को जिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद दाखिल करवाया गया था। जहां वह मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह 3 बजे तक दर्द से कराहती रही। लेकिन किसी भी कर्मचारी ने मदद नहीं की। उसकी ननद नीरू ने परिजनों को सूचित किया कि पीड़िता की हालत बद से बदतर हो रही है। जिस पर सुरेश ने डीसी कैंपस कार्यालय में फोन किया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी हरकत में आए और सुबह ऑपरेशन किया गया। उन्हें पता चला है कि बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे नर्सरी में रखा गया है। परिजनों ने शिकायत में यह भी कहा है कि एक डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया। अपनी शिकायत में इन लोगों ने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले व पीड़िता व बच्चे के जीवन का मजाक बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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वहीं इस संबंध में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरडी चावला का कहना है कि उन्होंने सुबह ही मामले का पता किया था। ऐसा कुछ नहीं है कि बच्चा बाहर निकला हुआ था। यदि वह बाहर होता तो ऑपरेशन कहां से होता। महिला व बच्चे की देखभाल की गई है। इसके बावजूद भी शिकायत की जाती है तो करें। परिजनों ने लिखित में दिया है कि वे यहीं पर डिलीवरी करवाना चाहते हैं।
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