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हेल्मेट का प्रयोग किया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कम होगी मौतें
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:18 AM IST
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हेल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोगों को सेफ ड्राइविंग के तहत जागरूक करने के उद्देश्य से अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान पर बुधवार को एसएस बाल सदन पब्लिक स्कूल में एक सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर विद्यार्थियों को दो पहिया वाहनों की ड्राइविंग के समय हेलमेट पहनने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें विद्यार्थियों ने अपने सगे संबंधियों और दोस्तों सहित आस पड़ोस के लोगों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने का प्रण भी लिया।
कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल राजरानी गर्ग ने विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि ड्राइविंग के समय यदि हेलमेट का प्रयोग किया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक लोगों की जान जाने का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि जहां हेलमेट पहनने वाला शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जहां पर दुर्घटना के बाद चोट लगने के बाद व्यक्ति की मौके पर ही मौत होने का अधिक खतरा रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुुए कहा कि वे ड्राइविंग के समय सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को हेलमेट करने के लिए प्रेरित करें।
छात्रा निशा ने कहा कि हेलमेट का प्रयोग दुर्घटना होने पर सुरक्षा का एक ऐसा उपाय है जो हमारी बेशकीमती जिंदगी को बचाता है। उसने कहा कि हेलमेट पहनने को लोग इसे सिर पर बोझ समझते हैं। लेकिन यहां तो दुर्घटना होने पर एक संजीवनी साबित होता है। इसलिए सभी लोगों को ड्राइविंग करते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
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स्कूल प्रबंधक समिति के सदस्य हिमांशु गर्ग ने कहा कि हेलमेट का प्रयोग करने की जागरूकता के साथ इसके लिए बनाए गए कानून को भी सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। इसके लागू होने से सार्थक परिणाम आएंगे। गर्ग ने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि सामान्य शहरों में यदि दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ड्राइविंग करते है तो पुलिस भी उन पर शिकंजा कम कसती है। ट्रैफिक पुलिस को बिना हेलमेट ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों पर भी सख्ती लागू करनी चाहिए। जिससे हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा कम हो सके।
यह रहे मौजूद :
इस कार्यक्रम में स्कूल की स्टाफ सदस्य कुसुम बिंदलिश, रेनू सैनी, तृप्ता शर्मा, शकुंतला वर्मा, ओमप्रकाश, पलक मित्तल, रिंकी शर्मा, सपना सिंगला सहित देवेंद्र, प्रेम, सिमरन, निशा, रानी, ममता व अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
मेट के प्रयोग से सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कम हो सकती है मौतें
हेल्मेट अपनाए जान बचाएं अभियान के तहत एसएस बाल सदन स्कूल में सेमिनार आयोजित
विद्यार्थियों को हेल्मेट के बताए महत्व
फोटो नंबर-1 से 4
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोगों को सेफ ड्राइविंग के तहत जागरूक करने के उद्देश्य से अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान पर बुधवार को एसएस बाल सदन पब्लिक स्कूल में एक सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर विद्यार्थियों को दो पहिया वाहनों की ड्राइविंग के समय हेलमेट पहनने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें विद्यार्थियों ने अपने सगे संबंधियों और दोस्तों सहित आस पड़ोस के लोगों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने का प्रण भी लिया।
कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल राजरानी गर्ग ने विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि ड्राइविंग के समय यदि हेलमेट का प्रयोग किया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक लोगों की जान जाने का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि जहां हेलमेट पहनने वाला शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जहां पर दुर्घटना के बाद चोट लगने के बाद व्यक्ति की मौके पर ही मौत होने का अधिक खतरा रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुुए कहा कि वे ड्राइविंग के समय सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को हेलमेट करने के लिए प्रेरित करें।
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छात्रा निशा ने कहा कि हेलमेट का प्रयोग दुर्घटना होने पर सुरक्षा का एक ऐसा उपाय है जो हमारी बेशकीमती जिंदगी को बचाता है। उसने कहा कि हेलमेट पहनने को लोग इसे सिर पर बोझ समझते हैं। लेकिन यहां तो दुर्घटना होने पर एक संजीवनी साबित होता है। इसलिए सभी लोगों को ड्राइविंग करते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
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स्कूल प्रबंधक समिति के सदस्य हिमांशु गर्ग ने कहा कि हेलमेट का प्रयोग करने की जागरूकता के साथ इसके लिए बनाए गए कानून को भी सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। इसके लागू होने से सार्थक परिणाम आएंगे। गर्ग ने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि सामान्य शहरों में यदि दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ड्राइविंग करते है तो पुलिस भी उन पर शिकंजा कम कसती है। ट्रैफिक पुलिस को बिना हेलमेट ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों पर भी सख्ती लागू करनी चाहिए। जिससे हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा कम हो सके।
यह रहे मौजूद :
इस कार्यक्रम में स्कूल की स्टाफ सदस्य कुसुम बिंदलिश, रेनू सैनी, तृप्ता शर्मा, शकुंतला वर्मा, ओमप्रकाश, पलक मित्तल, रिंकी शर्मा, सपना सिंगला सहित देवेंद्र, प्रेम, सिमरन, निशा, रानी, ममता व अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
मेट के प्रयोग से सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कम हो सकती है मौतें
हेल्मेट अपनाए जान बचाएं अभियान के तहत एसएस बाल सदन स्कूल में सेमिनार आयोजित
विद्यार्थियों को हेल्मेट के बताए महत्व
फोटो नंबर-1 से 4