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चार किलोमीटर के सफर में जान जोखिम में डालकर बस स्टैंड तक पहुंचते हैं विद्यार्थी
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कैथल। आईटीआई शहर के अंदर स्थित है। इसके 1000 से अधिक विद्यार्थियों को रोडवेज बस की सुविधा न होने पर चार किलोमीटर तक जान जोखिम में डालकर बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी आईटीआई की छात्राओं को होती है, जो पहले तो जींद रोड बाईपास तक पैदल सफर करती हैं। उसके बाद लिफ्ट लेकर बस स्टैंड तक पहुंचती हैं। यदि लिफ्ट न मिले तो छात्राओं को 4 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है।
आईटीआई विद्यार्थियों की इस भारी परेशानी पर न तो रोडवेज विभाग ने स्पेशल बस चलाने की जहमत उठाई और न ही सरकार ने अन्य कोई प्रबंध किया है। विद्यार्थियों का कहना है यदि यहां पर सुबह व शाम को छुट्टी के समय दो रोडवेज की स्पेशल बसें चला दी जाएं तो उन्हें अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।
पहले बस स्टैंड के लिए और बाद में बस स्टैंड पर नहीं मिलती गांव के लिए बस : पिहोवा निवासी आईटीआई छात्र लवकेश ने बताया कि आईटीआई से लेकर बस स्टैंड तक स्पेशल बस न होने के विद्यार्थियों को काफी कठिनाई होती है। शाम को 4.30 बजे छुट्टी होने के बाद पहले तो विद्यार्थियों को बस स्टैंड जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है बाद में जब विद्यार्थी भारी परेशानी के बीच जब बस स्टैंड पर पहुंचते हैं तो यहां पर अपने घरों तक जाने के लिए बसें नहीं मिल पाती है।
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वहीं जींद के गांव किठाना से आने वाले छात्र पंकज ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी जींद रूट के गांवों में जाने वाले विद्यार्थियों को होती है। छुट्टी के बाद पांच बजे तक तो आईटीआई से बस स्टैंड तक मुश्किल से पहुंचा जाता है उसके बाद एक-एक घंटे तक रूट की बसें नहीं मिलती है।
राजौंद निवासी छात्र मोनू ने कहा कि आईटीआई से नया बस स्टैंड की दूरी करीब चार किलोमीटर तक है। जिसे पैदल तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लगता है। जिस कारण विद्यार्थियों को मजबूरन खुले वाहनों में लिफ्ट मांगकर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। लेकिन रोडवेज विभाग व सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
चीका निवासी छात्र ओंकार ने कहा कि कुछ महीने पहले कलायत के राजकीय आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र की नेशनल हाईवे पर बस पकड़ते हुए मौत हो गई। उसके बावजूद भी विभाग ने कोई सबक नहीं ली और न ही विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करवाई है।
राजकीय आईटीआई के प्राचार्य सतीश मच्छाल ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या देखते हुए बच्चों की संख्या के अनुसार रूटों की जानकारी रोडवेज को दी गई है, जो सीधा विभाग के निदेशक के पास जाएगी। उसके बाद रोडवेज की बसें रुट के अनुसार लग जाएगी।
रोडवेज के जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए बाईपास पर बसें रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन बसों की कमी के चलते आईटीआई से बस स्टैंड तक की स्पेशल बसें नहीं लगाई जा सकती।
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आईटीआई विद्यार्थियों की इस भारी परेशानी पर न तो रोडवेज विभाग ने स्पेशल बस चलाने की जहमत उठाई और न ही सरकार ने अन्य कोई प्रबंध किया है। विद्यार्थियों का कहना है यदि यहां पर सुबह व शाम को छुट्टी के समय दो रोडवेज की स्पेशल बसें चला दी जाएं तो उन्हें अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।
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पहले बस स्टैंड के लिए और बाद में बस स्टैंड पर नहीं मिलती गांव के लिए बस : पिहोवा निवासी आईटीआई छात्र लवकेश ने बताया कि आईटीआई से लेकर बस स्टैंड तक स्पेशल बस न होने के विद्यार्थियों को काफी कठिनाई होती है। शाम को 4.30 बजे छुट्टी होने के बाद पहले तो विद्यार्थियों को बस स्टैंड जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है बाद में जब विद्यार्थी भारी परेशानी के बीच जब बस स्टैंड पर पहुंचते हैं तो यहां पर अपने घरों तक जाने के लिए बसें नहीं मिल पाती है।
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वहीं जींद के गांव किठाना से आने वाले छात्र पंकज ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी जींद रूट के गांवों में जाने वाले विद्यार्थियों को होती है। छुट्टी के बाद पांच बजे तक तो आईटीआई से बस स्टैंड तक मुश्किल से पहुंचा जाता है उसके बाद एक-एक घंटे तक रूट की बसें नहीं मिलती है।
राजौंद निवासी छात्र मोनू ने कहा कि आईटीआई से नया बस स्टैंड की दूरी करीब चार किलोमीटर तक है। जिसे पैदल तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लगता है। जिस कारण विद्यार्थियों को मजबूरन खुले वाहनों में लिफ्ट मांगकर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। लेकिन रोडवेज विभाग व सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
चीका निवासी छात्र ओंकार ने कहा कि कुछ महीने पहले कलायत के राजकीय आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र की नेशनल हाईवे पर बस पकड़ते हुए मौत हो गई। उसके बावजूद भी विभाग ने कोई सबक नहीं ली और न ही विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करवाई है।
राजकीय आईटीआई के प्राचार्य सतीश मच्छाल ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या देखते हुए बच्चों की संख्या के अनुसार रूटों की जानकारी रोडवेज को दी गई है, जो सीधा विभाग के निदेशक के पास जाएगी। उसके बाद रोडवेज की बसें रुट के अनुसार लग जाएगी।
रोडवेज के जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए बाईपास पर बसें रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन बसों की कमी के चलते आईटीआई से बस स्टैंड तक की स्पेशल बसें नहीं लगाई जा सकती।