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करोडा की छोरी शोभा बनवाला ने दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिंरगा
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:27 AM IST
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शोभा ने दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
कैथल। हौसले के आगे कोई भी बाधा टिक नही सकती। अपने इन्हीं हौसले की बदौलत गांव करोडा निवासी शोभा बनवाला दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई पूरी कर ली है और देश की आन बान शान तिरंगे को विदेशी धरती पर लहराया है। बनवाला ने बताया कि वह माउंट किलिमंजारो जिसकी ऊंचाई 5895 मीटर है की 16 नवंबर को चढ़ाई शुरू की थी। इससे पहले शोभा बनवाला ने बताया कि माउंट एवरेस्ट विजेता संतोष यादव से प्रेरणा लेकर मैंने माउंटेनरिंग फील्ड में कदम रखा। उन्होंने बताया कि अपने पर्वतारोहण की शुरूआत में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ विंटर स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से 29 अगस्त से लेकर 21 अक्टूबर तक बेसिक कोर्स की ट्रेनिंग ली। उन्होंने बताया किएक महीने का कोर्स किया फिर मैंने हिमालयाज एक्सपीडिशन नाम की कंपनी से कांटेक्ट किया और माउंट किलिमंजारो अभियान की शरूआत की। इस माउंटेन फील्ड में अशोक शुक्ल और संतोष यादव को अपना गुरु मानती हूं और उन्हीं की बदौलत मैंने किलिमंजारो की चढ़ाई करके एक नई उपलब्धि हासिल की।
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कैथल। हौसले के आगे कोई भी बाधा टिक नही सकती। अपने इन्हीं हौसले की बदौलत गांव करोडा निवासी शोभा बनवाला दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई पूरी कर ली है और देश की आन बान शान तिरंगे को विदेशी धरती पर लहराया है। बनवाला ने बताया कि वह माउंट किलिमंजारो जिसकी ऊंचाई 5895 मीटर है की 16 नवंबर को चढ़ाई शुरू की थी। इससे पहले शोभा बनवाला ने बताया कि माउंट एवरेस्ट विजेता संतोष यादव से प्रेरणा लेकर मैंने माउंटेनरिंग फील्ड में कदम रखा। उन्होंने बताया कि अपने पर्वतारोहण की शुरूआत में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ विंटर स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से 29 अगस्त से लेकर 21 अक्टूबर तक बेसिक कोर्स की ट्रेनिंग ली। उन्होंने बताया किएक महीने का कोर्स किया फिर मैंने हिमालयाज एक्सपीडिशन नाम की कंपनी से कांटेक्ट किया और माउंट किलिमंजारो अभियान की शरूआत की। इस माउंटेन फील्ड में अशोक शुक्ल और संतोष यादव को अपना गुरु मानती हूं और उन्हीं की बदौलत मैंने किलिमंजारो की चढ़ाई करके एक नई उपलब्धि हासिल की।