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असंतुष्ट ब्लाक समिति सदस्यों ने डीसी से मिल चेयरमैन पर लगाया गबन का आरोप
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:28 AM IST
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ब्लॉक समिति सदस्यों ने चेयरमैन पर लगाया गबन का आरोप
- डीसी से मिलकर की कार्यवाही रजिस्टर, रेजूलेशन रजिस्टर व बैंक खाते की जांच की मांग
फोटो नंबर-21
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। ब्लॉक समिति के सदस्यों ने समिति के चेयरमैन पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही कार्यवाही रजिस्टर, रेजूलेशन रजिस्टर व बैंक खाते की जांच किसी उच्च अधिकारी से करवाए जाने की मांग की है। इस विषय में ब्लॉक समिति सदस्यों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, कष्ट निवारण समिति कैथल के चेयरमैन अनिल विज को पत्र लिख कर अवगत करवाया है।
अपनी शिकायत को लेकर उपायुक्त से मिले ब्लॉक समिति के सदस्यों आनंद वर्मा, राजेश, दिलबाग, रोहताश, राममेहर, सुमन, प्रमिला देवी, वार्ड 19 से सुमन, वीना, सुरेंद्र, बबीता, दर्शना आदि का आरोप था कि चेयरमैन ने कुछ चहेते सदस्यों के साथ मिलकर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए सरकारी पैसे का गबन किया है। विकास कार्यों को लेकर हुई बैठकों में सदस्यों के केवल हाजिरी रजिस्टर में ही हस्ताक्षर करवाए जाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 सदस्यों में से किसी भी बैठक व प्रस्ताव को पास करने के लिए 12 सदस्यों की आवश्यकता होती है। विकास कार्य पर खर्च करने के लिए 12 सदस्यों की सहमति व उनके हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। विकास कार्य के लिए जो प्रस्ताव डाले गए हैं उन पर केवल चेयरमैन के ही हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मर्जी से कोई भी प्रस्ताव पास कर चेयरमैन ने सरकारी पैसे डकार लिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के न होने के बारे में जब चेयरमैन से बार-बार पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि सरकार से विकास कार्यों के लिए कोई भी पैसा नहीं आया है। अपने चहेते सदस्यों के वार्डों में विकास कार्यों को करवाने में जो प्रस्ताव डाले गए उन पर कोरम के हस्ताक्षर ही नही हैं। ब्लाक समिति सदस्यों की बात सुनने के बाद उपायुक्त ने निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया।
आरोप निराधार : आरोपों पर चेयरमैन परमवीर ने कहा कि असंतुष्ट खेमे द्वारा उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे पूरी तरह से निराधार हैं। विकास कार्य के लिए डाले गए हर प्रस्ताव पर उपाध्यक्ष आनंद वर्मा के अलावा सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। केवल उनके हस्ताक्षर से सरकारी पैसे की पेमेंट नहीं हो सकती। जांच में पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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- डीसी से मिलकर की कार्यवाही रजिस्टर, रेजूलेशन रजिस्टर व बैंक खाते की जांच की मांग
फोटो नंबर-21
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। ब्लॉक समिति के सदस्यों ने समिति के चेयरमैन पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही कार्यवाही रजिस्टर, रेजूलेशन रजिस्टर व बैंक खाते की जांच किसी उच्च अधिकारी से करवाए जाने की मांग की है। इस विषय में ब्लॉक समिति सदस्यों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, कष्ट निवारण समिति कैथल के चेयरमैन अनिल विज को पत्र लिख कर अवगत करवाया है।
अपनी शिकायत को लेकर उपायुक्त से मिले ब्लॉक समिति के सदस्यों आनंद वर्मा, राजेश, दिलबाग, रोहताश, राममेहर, सुमन, प्रमिला देवी, वार्ड 19 से सुमन, वीना, सुरेंद्र, बबीता, दर्शना आदि का आरोप था कि चेयरमैन ने कुछ चहेते सदस्यों के साथ मिलकर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए सरकारी पैसे का गबन किया है। विकास कार्यों को लेकर हुई बैठकों में सदस्यों के केवल हाजिरी रजिस्टर में ही हस्ताक्षर करवाए जाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 सदस्यों में से किसी भी बैठक व प्रस्ताव को पास करने के लिए 12 सदस्यों की आवश्यकता होती है। विकास कार्य पर खर्च करने के लिए 12 सदस्यों की सहमति व उनके हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। विकास कार्य के लिए जो प्रस्ताव डाले गए हैं उन पर केवल चेयरमैन के ही हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मर्जी से कोई भी प्रस्ताव पास कर चेयरमैन ने सरकारी पैसे डकार लिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के न होने के बारे में जब चेयरमैन से बार-बार पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि सरकार से विकास कार्यों के लिए कोई भी पैसा नहीं आया है। अपने चहेते सदस्यों के वार्डों में विकास कार्यों को करवाने में जो प्रस्ताव डाले गए उन पर कोरम के हस्ताक्षर ही नही हैं। ब्लाक समिति सदस्यों की बात सुनने के बाद उपायुक्त ने निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया।
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आरोप निराधार : आरोपों पर चेयरमैन परमवीर ने कहा कि असंतुष्ट खेमे द्वारा उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे पूरी तरह से निराधार हैं। विकास कार्य के लिए डाले गए हर प्रस्ताव पर उपाध्यक्ष आनंद वर्मा के अलावा सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। केवल उनके हस्ताक्षर से सरकारी पैसे की पेमेंट नहीं हो सकती। जांच में पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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