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हड्डियों के ऑपरेशन के सामान में धांधली का मामला
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:54 PM IST
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जांच में दोषी फिर भी कार्रवाई नहीं, शिकायतकर्ता ने भेजा लीगल नोटिस
हड्डियों के ऑपरेशन के सामान में धांधली का मामला, स्वास्थ्य मंत्री, डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने भेजा नोटिस
डॉक्टर व प्राइवेट फर्म की सांठ-गांठ के बावजूद कार्रवाई न होने पर पूछा कारण
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में हड्डियों के ऑपरेशन के सामान में डॉक्टर व निजी फर्म के बीच साठ-गांठ के मामले में शिकायतकर्ता सतीश कुमार ने अब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट में डॉक्टर को दोषी करार दिए जाने के बावजूद अभी तक कार्रवाई न होने पर तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का वे सीधे जिम्मेवार होंगे।
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता प्रदीप रापड़िया ने बताया कि सतीश कुमार की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आरआर जौल व डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा को लीगल नोटिस भेजा गया है। सतीश ने कहा है कि कैथल में जिला अस्पताल की जांच कमेटी द्वारा 7 अगस्त को जांच रिपोर्ट दे दी गई थी। जिसमें कैथल जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए डॉक्टर व प्राइवेट फर्मों के गठजोड़ का खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट में पता चला था कि डॉ. अमन सूद की प्राइवेट फर्मों से साठ-गांठ है। जिसमें मरीजों से 4 से 5 गुणा महंगे दामों पर सामान खरीदवाया जा रहा है। यह जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। नोटिस में कहा गया है कि रिपोर्ट में जो बात सामने आई है, वह गरीब लोगों से एक तरह की अवैध वसूली है। इस बारे में कई बार शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी ओर से मांग की गई है कि इस मामले में तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। संबंधित डॉक्टर व स्टाफ सदस्यों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। डॉक्टरों के खिलाफ सिविल सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई की जाए। लीगल नोटिस के माध्यम से स्पष्ट कहा गया है कि इस मामले में कार्रवाई की जानकारी दी जाए। अन्यथा जो भी कानूनी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी।
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जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। विभागीय कोई भी आदेश इस संबंध में प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ
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हड्डियों के ऑपरेशन के सामान में धांधली का मामला, स्वास्थ्य मंत्री, डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने भेजा नोटिस
डॉक्टर व प्राइवेट फर्म की सांठ-गांठ के बावजूद कार्रवाई न होने पर पूछा कारण
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में हड्डियों के ऑपरेशन के सामान में डॉक्टर व निजी फर्म के बीच साठ-गांठ के मामले में शिकायतकर्ता सतीश कुमार ने अब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट में डॉक्टर को दोषी करार दिए जाने के बावजूद अभी तक कार्रवाई न होने पर तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का वे सीधे जिम्मेवार होंगे।
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सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता प्रदीप रापड़िया ने बताया कि सतीश कुमार की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आरआर जौल व डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा को लीगल नोटिस भेजा गया है। सतीश ने कहा है कि कैथल में जिला अस्पताल की जांच कमेटी द्वारा 7 अगस्त को जांच रिपोर्ट दे दी गई थी। जिसमें कैथल जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए डॉक्टर व प्राइवेट फर्मों के गठजोड़ का खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट में पता चला था कि डॉ. अमन सूद की प्राइवेट फर्मों से साठ-गांठ है। जिसमें मरीजों से 4 से 5 गुणा महंगे दामों पर सामान खरीदवाया जा रहा है। यह जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। नोटिस में कहा गया है कि रिपोर्ट में जो बात सामने आई है, वह गरीब लोगों से एक तरह की अवैध वसूली है। इस बारे में कई बार शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी ओर से मांग की गई है कि इस मामले में तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। संबंधित डॉक्टर व स्टाफ सदस्यों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। डॉक्टरों के खिलाफ सिविल सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई की जाए। लीगल नोटिस के माध्यम से स्पष्ट कहा गया है कि इस मामले में कार्रवाई की जानकारी दी जाए। अन्यथा जो भी कानूनी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी।
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जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। विभागीय कोई भी आदेश इस संबंध में प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ