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राजकीय पशु अस्पताल की दयनीय हालात से पशुपालक परेशान
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:16 AM IST
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राजकीय पशु अस्पताल की दयनीय हालात से पशुपालक परेशान
फोटो नंबर-30
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। असंध रोड पर स्थित राजकीय पशु अस्पताल की दयनीय हालात होने से पशुपालक परेशान है। आलम यह है कि पशु अस्पताल में जाने वाले पशु पालकों को व पशु चिकित्सकों को स्वयं भी यह अहसास नही होता की वो किसी राजकीय इमारत में खड़े हैं। पशु अस्पताल का भवन सरकार व प्रशासन की उपेक्षा के चलते कई फूट गहराई के गर्त में गिरा हुआ है। नगर पालिका बनने के कई वर्ष बाद भी पशु अस्पताल अनदेखी का शिकार बना हुआ है। जहां किसान वर्ग अपने पशुओं के इलाज के लिए आते हैं, परंतु अस्पताल स्वयं बीमार दिखाई देता है। जिससे हर कोई पशु अस्पताल में आने वाला प्रशासन व सरकार की अनदेखी करार देने में जरा विलंब नही करता। एक तरफ तो प्रदेश सरकार किसान की दशा सुधारने में पशु पालन का अहम योगदान होने के दावे करती है, और किसान वर्ग को ज्यादा से ज्यादा से पशु पालन व्यवसाय अपनाने सीख देती है, लेकिन पशुओं के स्वास्थ्य को तंदरुस्त रखने के लिए आवश्यक पशु अस्पताल की सुध लेने की प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के पास फुर्सत नही है। इतना ही नही नगर के साथ साथ आसपास के गांवों के पशु पालक भी इसी पशु अस्पताल के सहारे हैं।
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फोटो नंबर-30
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। असंध रोड पर स्थित राजकीय पशु अस्पताल की दयनीय हालात होने से पशुपालक परेशान है। आलम यह है कि पशु अस्पताल में जाने वाले पशु पालकों को व पशु चिकित्सकों को स्वयं भी यह अहसास नही होता की वो किसी राजकीय इमारत में खड़े हैं। पशु अस्पताल का भवन सरकार व प्रशासन की उपेक्षा के चलते कई फूट गहराई के गर्त में गिरा हुआ है। नगर पालिका बनने के कई वर्ष बाद भी पशु अस्पताल अनदेखी का शिकार बना हुआ है। जहां किसान वर्ग अपने पशुओं के इलाज के लिए आते हैं, परंतु अस्पताल स्वयं बीमार दिखाई देता है। जिससे हर कोई पशु अस्पताल में आने वाला प्रशासन व सरकार की अनदेखी करार देने में जरा विलंब नही करता। एक तरफ तो प्रदेश सरकार किसान की दशा सुधारने में पशु पालन का अहम योगदान होने के दावे करती है, और किसान वर्ग को ज्यादा से ज्यादा से पशु पालन व्यवसाय अपनाने सीख देती है, लेकिन पशुओं के स्वास्थ्य को तंदरुस्त रखने के लिए आवश्यक पशु अस्पताल की सुध लेने की प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के पास फुर्सत नही है। इतना ही नही नगर के साथ साथ आसपास के गांवों के पशु पालक भी इसी पशु अस्पताल के सहारे हैं।