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परीक्षा केंद्र पर बांट दी पिछले साल की उतर पुस्तिका, आधी परीक्षा हो गई तो दी दूसरी उतर पुस्तिका,
Updated Thu, 08 Mar 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/पाई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही परीक्षाओं में पाई के परीक्षा केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के बी ब्लाक-1 में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब 40 बच्चों के अभिभावकों ने केवीएम स्कूल में पहुंच कर शिकायत दी कि परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने एक घंटे बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिका लेकर उन्हें दूसरी पुस्तिका दे दी और कहा कि गलती से उन्हें पिछले साल की उत्तर पुस्तिका दे दी थी। बाद में उन्हें अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया। जिस कारण बच्चों को मानसिक आघात पहुंचा और कुछ बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। बाद में बोर्ड के चेयरमैन को भेजे पत्र में केवीएम स्कूल के प्रिंसिपल ने केंद्र अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने व मेरिटोरियस बच्चों को न्याय दिलवाने की मांग की। पत्र में बच्चों द्वारा खुद की जान को हानि पहुंचाए जाने की बात भी कही गई है।
बच्चों ने बताया कि बुधवार को पेपर देने के लिये पाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के बी ब्लाक-1 के कमरा नंबर 3,4,5,6 में बैठ गए। उनको पेपर के उत्तर पुस्तिकाएं दी गई और बच्चों द्वारा भी पेपर लिखना शुरू कर दिया गया। अचानक 12.30 पर सुपरीटेंडेंट आए और यह कहते हुए बच्चों से पेपर वापस ले लिए की उनको गलती से वर्ष 2016-17 की उतर पुस्तिका दे दी गई है और बच्चों को दोबारा नए वर्ष की उतर पुस्तिका प्रदान की जाएंगी। जब बच्चों ने कहा की उनका लगभग आधा समय खत्म हो चुका है और वे अपना आधे से ज्यादा पेपर खत्म चुके हैं, तो अधीक्षक ने बच्चों के साथ गलत व्यवहार करते हुए उनको अपना पेपर वापस करने की सलाह दी। इस पर बच्चों ने पहले दिया पेपर वापस कर दिया। उनको दोबारा से नई उत्तर पुस्तिका दी गई। इस कारण बच्चों को 3 घंटे का पेपर आधे से भी कम समय में खत्म करना पड़ा। बच्चों ने बताया कि वे इतने कम समय में आधा पेपर ही कर पाए, कई बच्चे तो समय कम होने के डर के चलते अपना पेपर कर ही नहीं सके। कई बच्चे तो सदमे के कारण अस्पताल में दाखिल हैं।
केवीएम स्कूल प्रधानाचार्य मुकेश आर्य ने बताया कि उनके स्कूल के बच्चे मेरिट प्राप्त करने वाले बच्चे हैं। लापरवाही की वजह से उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। उनका एक पेपर ही अब उनके पूरे साल ही मेहनत पर पानी फेरने का कार्य करेगा। उन्होंने पाई बी-1 सेंटर पर पेपर दोबारा से लेने की मांग की है।
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वीरवार को दसवीं के बच्चों को दी धमकी : केवीएम स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि वीरवार को इसी स्कूल में उनके स्कूल के दसवीं के छात्रों की परीक्षा थी। परीक्षा के बाद वे भी स्कूल से रोते हुए आये और बताया कि उन्हें धमकी दी गई है।
अस्पताल ले जाने पड़े बच्चे : सदमे से आहत होकर बच्चों को अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। पिलनी निवासी रामफल ने बताया कि उनकी बेटी रितिका को इलाज के लिये पूंडरी अस्पताल में ले जाना पड़ा। उधर शिकायत करने वाले अभिभावकों सलिंद्र, रामकिशन, राजेश, शिशा ने बताया कि कल से उनके बच्चे रो रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका साल बर्बाद हो गया।
वहीं जिला शिक्षाधिकारी राम कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। ब्लाक शिक्षाधिकारी गिरीश शर्मा ने भी कहा कि उन्हें पता नहीं, केवल पत्रकारों को पता नहीं कैसे पता है।
परीक्षा केंद्र अधीक्षक दिलबाग ने कहा कि गलती से दूसरी उत्तर पुस्तिका दे दी गई थी। जितनी देरी बच्चों को हुई, उतना अतिरिक्त समय दे दिया गया था। बच्चे खुश होकर केंद्र से गए थे। वीरवार को भी बच्चे खुश होकर गए हैं। सभी आरोप बेवजह लगाए जा रहे हैं। केंद्र पर जाकर किसी से भी पूछा जा सकता है।
ड्यूटी बदलने की निंदा की : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ बाल विकास पब्लिक स्कूल कलायत के परीक्षा केंद्र से बोर्ड की तरफ से ड्यूटी पर लगाए गए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्राध्यापक सुरेंद्र सिंह को बिना किसी वजह राजनैतिक दबाव में आकर डिप्टी डीईओ शमशेर सिंह सिरोही द्वारा ड्यूटी से रिलीव किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करता है। संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर, सचिव रामपाल शर्मा व राज्य सचिव सतबीर गोयत ने कहा कि उप जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना वजह बाल विकास पब्लिक स्कूल कलायत के केंद्र से डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्राध्यापक सुरेंद्र सिंह को परीक्षा ड्यूटी से रिलीव किए जाने के विरोध में बाल विकास पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र में परीक्षा ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पर बांट दी पिछले साल की उत्तर पुस्तिका, आधे समय बाद दी दूसरी, सदमे में विद्यार्थी
बोर्ड को भेजी स्कूल ने शिकायत
बच्चों को मानसिक परेशानी के चलते दाखिल करवाना पड़ा अस्पताल
परिजनों ने जताया रोष
6 को पकड़ा नकल करते हुए
फोटो संख्या-39
कैथल/पाई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही परीक्षाओं में पाई के परीक्षा केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के बी ब्लाक-1 में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब 40 बच्चों के अभिभावकों ने केवीएम स्कूल में पहुंच कर शिकायत दी कि परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने एक घंटे बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिका लेकर उन्हें दूसरी पुस्तिका दे दी और कहा कि गलती से उन्हें पिछले साल की उत्तर पुस्तिका दे दी थी। बाद में उन्हें अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया। जिस कारण बच्चों को मानसिक आघात पहुंचा और कुछ बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। बाद में बोर्ड के चेयरमैन को भेजे पत्र में केवीएम स्कूल के प्रिंसिपल ने केंद्र अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने व मेरिटोरियस बच्चों को न्याय दिलवाने की मांग की। पत्र में बच्चों द्वारा खुद की जान को हानि पहुंचाए जाने की बात भी कही गई है।
बच्चों ने बताया कि बुधवार को पेपर देने के लिये पाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के बी ब्लाक-1 के कमरा नंबर 3,4,5,6 में बैठ गए। उनको पेपर के उत्तर पुस्तिकाएं दी गई और बच्चों द्वारा भी पेपर लिखना शुरू कर दिया गया। अचानक 12.30 पर सुपरीटेंडेंट आए और यह कहते हुए बच्चों से पेपर वापस ले लिए की उनको गलती से वर्ष 2016-17 की उतर पुस्तिका दे दी गई है और बच्चों को दोबारा नए वर्ष की उतर पुस्तिका प्रदान की जाएंगी। जब बच्चों ने कहा की उनका लगभग आधा समय खत्म हो चुका है और वे अपना आधे से ज्यादा पेपर खत्म चुके हैं, तो अधीक्षक ने बच्चों के साथ गलत व्यवहार करते हुए उनको अपना पेपर वापस करने की सलाह दी। इस पर बच्चों ने पहले दिया पेपर वापस कर दिया। उनको दोबारा से नई उत्तर पुस्तिका दी गई। इस कारण बच्चों को 3 घंटे का पेपर आधे से भी कम समय में खत्म करना पड़ा। बच्चों ने बताया कि वे इतने कम समय में आधा पेपर ही कर पाए, कई बच्चे तो समय कम होने के डर के चलते अपना पेपर कर ही नहीं सके। कई बच्चे तो सदमे के कारण अस्पताल में दाखिल हैं।
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केवीएम स्कूल प्रधानाचार्य मुकेश आर्य ने बताया कि उनके स्कूल के बच्चे मेरिट प्राप्त करने वाले बच्चे हैं। लापरवाही की वजह से उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। उनका एक पेपर ही अब उनके पूरे साल ही मेहनत पर पानी फेरने का कार्य करेगा। उन्होंने पाई बी-1 सेंटर पर पेपर दोबारा से लेने की मांग की है।
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वीरवार को दसवीं के बच्चों को दी धमकी : केवीएम स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि वीरवार को इसी स्कूल में उनके स्कूल के दसवीं के छात्रों की परीक्षा थी। परीक्षा के बाद वे भी स्कूल से रोते हुए आये और बताया कि उन्हें धमकी दी गई है।
अस्पताल ले जाने पड़े बच्चे : सदमे से आहत होकर बच्चों को अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। पिलनी निवासी रामफल ने बताया कि उनकी बेटी रितिका को इलाज के लिये पूंडरी अस्पताल में ले जाना पड़ा। उधर शिकायत करने वाले अभिभावकों सलिंद्र, रामकिशन, राजेश, शिशा ने बताया कि कल से उनके बच्चे रो रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका साल बर्बाद हो गया।
वहीं जिला शिक्षाधिकारी राम कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। ब्लाक शिक्षाधिकारी गिरीश शर्मा ने भी कहा कि उन्हें पता नहीं, केवल पत्रकारों को पता नहीं कैसे पता है।
परीक्षा केंद्र अधीक्षक दिलबाग ने कहा कि गलती से दूसरी उत्तर पुस्तिका दे दी गई थी। जितनी देरी बच्चों को हुई, उतना अतिरिक्त समय दे दिया गया था। बच्चे खुश होकर केंद्र से गए थे। वीरवार को भी बच्चे खुश होकर गए हैं। सभी आरोप बेवजह लगाए जा रहे हैं। केंद्र पर जाकर किसी से भी पूछा जा सकता है।
ड्यूटी बदलने की निंदा की : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ बाल विकास पब्लिक स्कूल कलायत के परीक्षा केंद्र से बोर्ड की तरफ से ड्यूटी पर लगाए गए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्राध्यापक सुरेंद्र सिंह को बिना किसी वजह राजनैतिक दबाव में आकर डिप्टी डीईओ शमशेर सिंह सिरोही द्वारा ड्यूटी से रिलीव किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करता है। संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर, सचिव रामपाल शर्मा व राज्य सचिव सतबीर गोयत ने कहा कि उप जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना वजह बाल विकास पब्लिक स्कूल कलायत के केंद्र से डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्राध्यापक सुरेंद्र सिंह को परीक्षा ड्यूटी से रिलीव किए जाने के विरोध में बाल विकास पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र में परीक्षा ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पर बांट दी पिछले साल की उत्तर पुस्तिका, आधे समय बाद दी दूसरी, सदमे में विद्यार्थी
बोर्ड को भेजी स्कूल ने शिकायत
बच्चों को मानसिक परेशानी के चलते दाखिल करवाना पड़ा अस्पताल
परिजनों ने जताया रोष
6 को पकड़ा नकल करते हुए
फोटो संख्या-39