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ऑनलाईन ब्रिकी को लेकर आढ़तियों ने किया विरोध

Thu, 07 Sep 2017 11:48 PM IST
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:48 PM IST
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ऑनलाईन ब्रिकी को लेकर आढ़तियों ने किया विरोध
ऑनलाइन बिक्री का आढ़तियों ने किया विरोध
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पाई। इस बार सरकार द्वारा अनाज मंडियों में किसानों की धान की फसल की बिक्री को लेकर पाई मंडी के आढ़तियों में सरकार के प्रति रोष है। पाई मंडी के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह, रामकुमार, सत नारायण सहित कई आढ़तियों ने बताया कि प्रदेश में सरकार के द्वारा आढ़तियों पर ऑनलाइन किसानों की फसल बेचने का जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है। इस कारण से बढ़ते खर्चे के बोझ से आढ़तियों को अपना आढ़त का कार्य बंद करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आढ़तियों का पिछला पैसा भी खरीदारों के पास बकाया है। सरकार पहले राइस मिलरों व निर्यातकों को जवाबदेह बनाए। यदि सरकार इनकी ओर डूबते पैसे को देने की लिखित गारंटी देती है तो कार्य आगे बढ़ाया जा सकता है, अन्यथा नहीं। सरकार कि इस व्यवस्था में किसानों को दिए जाने वाला जे फार्म और खरीदार को ई फार्म ई-उपार्जन साफ्टवेयर से स्वयं बनेगा। इसके लिए मार्केट कमेटी द्वारा मंडी गेट पर किसान से संबंधित सभी सूचनाएं जिनमें नाम, पता, बैंक खाता नंबर, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, फसल की किस्म, मात्रा शामिल हैं, आनलाइन भरा जाएगा।

मार्केट कमेटी के कार्यवाहक सचिव सतवीर राविश ने बताया कि प्रदेश की बड़ी अनाज मंडियों में किसानों की फसल आन लाइन बिकेगी, परंतु पाई की अनाज मंडी उनमें शामिल नही है। पाई में पहले की तरह ही किसानों की फसल मैनुअल बिकेगी।
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