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अब ठेकेदारों को भुगतान नहीं होगा आसान
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:05 AM IST
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अब ठेकेदारों को भुगतान नहीं होगा आसान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद भवन में मंगलवार को पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों की एक बैठक कार्यकारी चेयरमैन पवन थरेजा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर में हो रहे विकास कार्यों को लेकर कई तरह के फैसले लिए गए। विकास कार्यों के भुगतान, लेन देन के कार्य, कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परिषद के कर्मचारियों व अधिकारियों की गैर हाजिरी पर भी चिंता जताते हुए हाजिरी जांच का फैसला लिया गया। बैठक तके चेयरमैन पार्षद मोहन लाल शर्मा, सरदार हरजिंदर सिंह, विनोद सोनी, नरेश मित्तल, पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, भीम अग्रवाल, प्रवीन सिंगला, सुरेश कश्यप, जगरूप ढुल, एमई राजकुमार शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।
ठेकेदारों के काम को जांचेगी चार पार्षदों की कमेटी, फिर होगा भुगतान : बैठक में शहर में करवाए गए विकास कार्यों के लिए भुगतान न होने का मुद्दा उठा तो चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने सभी से ठेकेदार द्वारा किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की बात कही। इन विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए 4 पार्षदों की कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया। जिसमें पार्षद मोहन लाल शर्मा, रेखा सिंगला, निशा गर्ग, विनोद सोनी को शामिल किया गया। पार्षदों की यह कमेटी काम जांचेगी, तभी भुगतान होगा।
बिना ऑडिट के चल रहा था भुगतान का अधिकतर कार्य : बैठक के दौरान कई कागजातों के बिना ऑडिट के ही पास किए जाने की बात सामने आई। जिस पर चेयरमैन ने लेन-देन का पूरा ऑडिट करवाने का भी निर्णय लिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अब बिना ऑडिट हुआ लेन देन का कार्य के भुगतान के चेक पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।
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अटके हैं दस करोड़ रुपये के शहर में विकास कार्य : नगर परिषद में ऑडिट कार्य में लापरवाही होने के कारण शहर में करीब दस करोड़ रुपये के लेन देन के कार्य अटके हैं। इसमें गली निर्माण से लेकर स्ट्रीट लाइट तक के कार्य तक शामिल है। बताया जा रहा है कि कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण यह समस्या आई है। बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
गत वर्ष में भर्ती हुए भर्ती प्रक्रिया की करेंगे जांच
चेयरमैन ने बताया कि नगर परिषद में कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों के नदारद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी को झेलना पड़ता है। जिसके समाधान के लिए नगर परिषद की ओर से एक नोटिस जारी करके उन्हें अपने क्षेत्र के कार्य या अन्य कार्य के संबंध में अनुमति लेने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही गत वर्ष में जितने भी कर्मचारी कमेटी में कांट्रेक्ट आधार पर भर्ती हुए हैं। उनकी भर्ती प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं नदारद : मंगलवार को नगर परिषद के अधिकतर कर्मचारियों व अधिकारियों में से महज एमई राजकुमार ही कार्यालय में नजर आए। जिस पर सभी पार्षदों व स्वयं कार्यकारी चेयरमैन ने इस स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाजिरी का नियमित तौर पर निरीक्षण होगा। ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए भटकना ना पड़े।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद भवन में मंगलवार को पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों की एक बैठक कार्यकारी चेयरमैन पवन थरेजा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर में हो रहे विकास कार्यों को लेकर कई तरह के फैसले लिए गए। विकास कार्यों के भुगतान, लेन देन के कार्य, कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परिषद के कर्मचारियों व अधिकारियों की गैर हाजिरी पर भी चिंता जताते हुए हाजिरी जांच का फैसला लिया गया। बैठक तके चेयरमैन पार्षद मोहन लाल शर्मा, सरदार हरजिंदर सिंह, विनोद सोनी, नरेश मित्तल, पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, भीम अग्रवाल, प्रवीन सिंगला, सुरेश कश्यप, जगरूप ढुल, एमई राजकुमार शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।
ठेकेदारों के काम को जांचेगी चार पार्षदों की कमेटी, फिर होगा भुगतान : बैठक में शहर में करवाए गए विकास कार्यों के लिए भुगतान न होने का मुद्दा उठा तो चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने सभी से ठेकेदार द्वारा किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की बात कही। इन विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए 4 पार्षदों की कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया। जिसमें पार्षद मोहन लाल शर्मा, रेखा सिंगला, निशा गर्ग, विनोद सोनी को शामिल किया गया। पार्षदों की यह कमेटी काम जांचेगी, तभी भुगतान होगा।
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बिना ऑडिट के चल रहा था भुगतान का अधिकतर कार्य : बैठक के दौरान कई कागजातों के बिना ऑडिट के ही पास किए जाने की बात सामने आई। जिस पर चेयरमैन ने लेन-देन का पूरा ऑडिट करवाने का भी निर्णय लिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अब बिना ऑडिट हुआ लेन देन का कार्य के भुगतान के चेक पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।
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अटके हैं दस करोड़ रुपये के शहर में विकास कार्य : नगर परिषद में ऑडिट कार्य में लापरवाही होने के कारण शहर में करीब दस करोड़ रुपये के लेन देन के कार्य अटके हैं। इसमें गली निर्माण से लेकर स्ट्रीट लाइट तक के कार्य तक शामिल है। बताया जा रहा है कि कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण यह समस्या आई है। बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
गत वर्ष में भर्ती हुए भर्ती प्रक्रिया की करेंगे जांच
चेयरमैन ने बताया कि नगर परिषद में कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों के नदारद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी को झेलना पड़ता है। जिसके समाधान के लिए नगर परिषद की ओर से एक नोटिस जारी करके उन्हें अपने क्षेत्र के कार्य या अन्य कार्य के संबंध में अनुमति लेने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही गत वर्ष में जितने भी कर्मचारी कमेटी में कांट्रेक्ट आधार पर भर्ती हुए हैं। उनकी भर्ती प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं नदारद : मंगलवार को नगर परिषद के अधिकतर कर्मचारियों व अधिकारियों में से महज एमई राजकुमार ही कार्यालय में नजर आए। जिस पर सभी पार्षदों व स्वयं कार्यकारी चेयरमैन ने इस स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाजिरी का नियमित तौर पर निरीक्षण होगा। ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए भटकना ना पड़े।