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संयुक्त मेरिट लिस्ट के बाद नए 48 जेबीटी शिक्षकों को मिली
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:56 PM IST
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संयुक्त मेरिट लिस्ट के बाद नए 48 जेबीटी शिक्षकों को मिली नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों क ी नई संयुक्त मेरिट लिस्ट में 48 नए शिक्षकों को नियुक्ति मिली है। जिसमें से 44 जेबीटी टीचरों की नियुक्ति पत्र दे दिया है। जिले में नवनियुक्त जेबीटी अध्यापकों में से करीब 67 अध्यापकों को हटाने का नोटिस जारी किया गया था। जो कम मेरिट लिस्ट में आ गए थे। अब इसी संयुक्त लिस्ट में ऊपर आए 48 नए अध्यापकों को ज्वाइनिंग मिली है।
मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि वर्ष 2011 व 2013 की जेबीटी टीचरों की कंबाइन लिस्ट बनने पर 48 जेबीटी टीचरों की नियुक्ति हुई है। जिनमें से 44 जेबीटी टीचरों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। शिक्षा विभाग की मीटिंग के कारण वीरवार को जेबीटी टीचरों की ज्वाइनिंग नहीं हो सकी है। जिनकी शुक्रवार को मेडिकल के बाद ज्वाइनिंग करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंबाइन लिस्ट बनने के बाद जिले के 67 जेबीटी टीचरों को नोटिस देकर ज्वाइनिंग रद्द कर दी गई है। जिले में ऐसे 67 जेबीटी टीचर थे जिनकी कम मेरिट सूचि में आने के कारण ज्वाइनिंग रद्द हुई है। इन 67 जेबीटी शिक्षकों में से 65 शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया था।
दिव्यांग होने के बावजूद नहीं हारी हिम्मत
कैथल। जब सामान्य अस्पताल में मेडिकल चेकअप करवा रहे थे तो उस समय एक दिव्यांग नवनियुक्त अध्यापक लाइन में खड़ा था। हिसार जिला से आए नवनियुक्त अध्यापक मेनपाल ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से अध्यापक की नौकरी पाने के लिए संघर्षरत है। उसने बताया कि उसके घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के बावजूद भी उसने कभी हिम्मत नहीं हारी और वह हमेशा संघर्ष करता रहा। उसने बताया कि बचपन में उसकी दुर्घटना के कारण टांग में फ्रैक्चर हो गयी। जिस वजह से वह शारीरिक रूप से 70 प्रतिशत असमर्थ हुआ। इसके बावजूद भी अपने पिता के साथ खेती में कार्यरत था। बताया कि उसके पिता के अपने खेत नहीं थे। बल्कि वे किसी अन्य के खेतों में कार्य करते थे। उस समय अपने पिता के साथ व हाथ बंटाते थे। मेनपाल ने कहा कि उसने 2009 में ईग्रू से 70 प्रतिशत अंको के साथ स्नातक डिग्री हासिल की। जिसके बाद उसने जेबीटी की और वर्ष 2013 में एचटे पास किया। उसने कहा कि जिंदगी में व्यक्ति को कभी भी हार न मानकर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों क ी नई संयुक्त मेरिट लिस्ट में 48 नए शिक्षकों को नियुक्ति मिली है। जिसमें से 44 जेबीटी टीचरों की नियुक्ति पत्र दे दिया है। जिले में नवनियुक्त जेबीटी अध्यापकों में से करीब 67 अध्यापकों को हटाने का नोटिस जारी किया गया था। जो कम मेरिट लिस्ट में आ गए थे। अब इसी संयुक्त लिस्ट में ऊपर आए 48 नए अध्यापकों को ज्वाइनिंग मिली है।
मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि वर्ष 2011 व 2013 की जेबीटी टीचरों की कंबाइन लिस्ट बनने पर 48 जेबीटी टीचरों की नियुक्ति हुई है। जिनमें से 44 जेबीटी टीचरों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। शिक्षा विभाग की मीटिंग के कारण वीरवार को जेबीटी टीचरों की ज्वाइनिंग नहीं हो सकी है। जिनकी शुक्रवार को मेडिकल के बाद ज्वाइनिंग करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंबाइन लिस्ट बनने के बाद जिले के 67 जेबीटी टीचरों को नोटिस देकर ज्वाइनिंग रद्द कर दी गई है। जिले में ऐसे 67 जेबीटी टीचर थे जिनकी कम मेरिट सूचि में आने के कारण ज्वाइनिंग रद्द हुई है। इन 67 जेबीटी शिक्षकों में से 65 शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया था।
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दिव्यांग होने के बावजूद नहीं हारी हिम्मत
कैथल। जब सामान्य अस्पताल में मेडिकल चेकअप करवा रहे थे तो उस समय एक दिव्यांग नवनियुक्त अध्यापक लाइन में खड़ा था। हिसार जिला से आए नवनियुक्त अध्यापक मेनपाल ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से अध्यापक की नौकरी पाने के लिए संघर्षरत है। उसने बताया कि उसके घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के बावजूद भी उसने कभी हिम्मत नहीं हारी और वह हमेशा संघर्ष करता रहा। उसने बताया कि बचपन में उसकी दुर्घटना के कारण टांग में फ्रैक्चर हो गयी। जिस वजह से वह शारीरिक रूप से 70 प्रतिशत असमर्थ हुआ। इसके बावजूद भी अपने पिता के साथ खेती में कार्यरत था। बताया कि उसके पिता के अपने खेत नहीं थे। बल्कि वे किसी अन्य के खेतों में कार्य करते थे। उस समय अपने पिता के साथ व हाथ बंटाते थे। मेनपाल ने कहा कि उसने 2009 में ईग्रू से 70 प्रतिशत अंको के साथ स्नातक डिग्री हासिल की। जिसके बाद उसने जेबीटी की और वर्ष 2013 में एचटे पास किया। उसने कहा कि जिंदगी में व्यक्ति को कभी भी हार न मानकर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।
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