{"_id":"5cfff766bdec22070d45b90f","slug":"156027887714-kaithal-news127","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंट्रोल यू आर सेल्फ....पर पीछे हट गईं महिला पुलिसकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंट्रोल यू आर सेल्फ....पर पीछे हट गईं महिला पुलिसकर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। पांच महिला पुलिस कर्मचारी जिला परिषद भवन में आयोजित परिषद की हाउस की बैठक शुरू होते ही पार्षद अंजू जागलान के पीछे खड़ी थीं। जैसे ही बैठक शुरू हुई तो अंजू जागलान ने अपनी बात कहना शुरू कर दी। इसी बीच चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर समर्थक पार्षदों ने उनकी बातों का जवाब देना शुरू किया। इसी बीच अंजू जागलान को शांत करने के लिए उनके पीछे खड़ी 5 महिला पुलिस कर्मचारी जैसे ही अंजू जागलान की ओर आईं तो उंगली दिखाते हुए अंजू जागलान चिल्लाकर बोलीं-कंट्रोल यू आर सेल्फ, इतना सुनते ही महिला पुलिस कर्मचारी एक बार तो पीछे हट गईं। इसी बीच जैसे ही अंजू जागलान ने उनका विरोध कर रहे पार्षदों की ओर लपकीं तो महिला पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। बैठक शुरू होते ही करीब 20 मिनट तक जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद बैठक में 3 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों पर चर्चा कर सभी 10 एजेंडे बहुमत से पास कर दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर आंधली ने की व सीईओ के रूप में एडीसी आरके सिंह मौजूद थे। बैठक में कुल 21 पार्षदों में से 19 पार्षद शामिल हुए, जिसमें तीन करोड़ 23 लाख रुपये से होने वाले विकास के कुल 10 एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। ज्यादातर एजेंडों पर तकरीबन सभी पार्षदों ने सहमति जताई। इनमें सबसे बड़ा एजेंडा सभी वार्डों में पेयजल की व्यवस्था और गंदे पानी की निकासी को लेकर रहा।
बैठक में जहां पिछली बैठक कार्रवाई की पुष्टि की गई वहीं नए 10 एजेंडों पर विचार किया गया। इनमें विभिन्न सरकारी स्कीमों के तहत ग्रांट का वितरण करने, सीवन में जिप की जमीन की निशानदेही करने, सब हेल्थ सेंटर की मरम्मत की राशि की स्वीकृति को रद्द करने, आंगनबाड़ी केंद्रों व बस क्यू शेल्टर का निर्माण, जिप भवन के रेस्ट हाउस के लिए नया फर्नीचर खरीदने, नगर परिषद से कार्यकारी अधिकारी से जिला परिषद की भूमि की मांग करने व विभिन्न वार्डों में हुए विकास कार्य और उनकी समस्याओं पर विचार किया गया।
विज्ञापन
पेयजल और निकासी की समस्या से जूझ रहे वार्ड:
पार्षद अंजू जागलान व वार्ड 12 से भाग सिंह खनौदा ने कहा कि अब तक उनके वार्ड में कोई प्रमुख कार्य जिला परिषद की ओर से नहीं करवाया गया है। गलियां खराब पड़ी हैं और बच्चों के खेलने के लिए स्टेडियम तक नहीं है। अगर वे ग्रांट की मांग करते हैं तो हर बार उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि उनके वार्डों में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। निकासी भी खराब है। उन्हें हर बार इसलिए भी परेशान होना पड़ता है कि उनके वार्डों में लोगों को इन दिक्कतों से छुटकारा नहीं मिल रहा। वहीं पार्षद बबली चंदाना ने कहा कि उनके वार्ड में भी विकास के लिए सिर्फ एक बार ही ग्रांट मिली है।
बोलने की अनुमति को लेकर हुआ हंगामा:
बैठक में मौजूद कुछ पार्षदों ने कहा कि यह चेयरपर्सन ही तय करेंगी कि कब और किस पार्षद को अपनी समस्या रखनी है। इस पर गुस्साई पार्षद अंजू जागलान ने कहा कि अगर मैडम ऐसा करेंगी तो किसी सवाल के लिए जवाबदेही भी उन्हीं की होगी न कि अधिकारियों की। पार्षद अंजू को कहा कि वे अभी बैठी रहें और उन्हें भी बोलने का मौका दिया जाएगा। लेकिन जब अंजू जमकर आरोप-प्रत्यारोप जड़ने लगीं तो चेयपर्सन के समर्थकों और महिला पार्षद के बीच जमकर तू-तड़ाक हुई। अंजू ने जिला परिषद चेयरसर्पन और उसके समर्थकों पर ग्रांट में धांधली करने के आरोप जड़े।
चेयरपर्सन ने आरोपों को नकारा:
जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर ने पार्षद अंजू जागलान के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने किसी प्रकार की धांधली नहीं की है। हर वार्ड में समान रूप से विकास करवाया जा रहा है। अंजू के वार्ड में भी 16 लाख रुपये से ज्यादा के कार्य हो चुके हैं। उनके खुद के गांव में भी कई काम हुए हैं। आगे भी कार्य करवाए जाएंगे। एक पार्षद द्वारा बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। बैठक में सर्वसम्मति से सभी एजेंडे पास किए गए हैं।
ये रहे बैठक में मौजूद:
बैठक में पार्षद रवि तारांवाली, इंद्र पाई, रतिराम, मुसिया, रिंपी, पतासो देवी, सुदेश चंदाना, शकुंतला वजीरखेड़ा व अन्य पार्षर्दों सहित सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन, जीएम रोडवेज रामकुमार, जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी, जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा, डीईईओ शमशेर सिंह सिरोही, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर आंधली ने की व सीईओ के रूप में एडीसी आरके सिंह मौजूद थे। बैठक में कुल 21 पार्षदों में से 19 पार्षद शामिल हुए, जिसमें तीन करोड़ 23 लाख रुपये से होने वाले विकास के कुल 10 एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। ज्यादातर एजेंडों पर तकरीबन सभी पार्षदों ने सहमति जताई। इनमें सबसे बड़ा एजेंडा सभी वार्डों में पेयजल की व्यवस्था और गंदे पानी की निकासी को लेकर रहा।
विज्ञापन
बैठक में जहां पिछली बैठक कार्रवाई की पुष्टि की गई वहीं नए 10 एजेंडों पर विचार किया गया। इनमें विभिन्न सरकारी स्कीमों के तहत ग्रांट का वितरण करने, सीवन में जिप की जमीन की निशानदेही करने, सब हेल्थ सेंटर की मरम्मत की राशि की स्वीकृति को रद्द करने, आंगनबाड़ी केंद्रों व बस क्यू शेल्टर का निर्माण, जिप भवन के रेस्ट हाउस के लिए नया फर्नीचर खरीदने, नगर परिषद से कार्यकारी अधिकारी से जिला परिषद की भूमि की मांग करने व विभिन्न वार्डों में हुए विकास कार्य और उनकी समस्याओं पर विचार किया गया।
विज्ञापन
पेयजल और निकासी की समस्या से जूझ रहे वार्ड:
पार्षद अंजू जागलान व वार्ड 12 से भाग सिंह खनौदा ने कहा कि अब तक उनके वार्ड में कोई प्रमुख कार्य जिला परिषद की ओर से नहीं करवाया गया है। गलियां खराब पड़ी हैं और बच्चों के खेलने के लिए स्टेडियम तक नहीं है। अगर वे ग्रांट की मांग करते हैं तो हर बार उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि उनके वार्डों में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। निकासी भी खराब है। उन्हें हर बार इसलिए भी परेशान होना पड़ता है कि उनके वार्डों में लोगों को इन दिक्कतों से छुटकारा नहीं मिल रहा। वहीं पार्षद बबली चंदाना ने कहा कि उनके वार्ड में भी विकास के लिए सिर्फ एक बार ही ग्रांट मिली है।
बोलने की अनुमति को लेकर हुआ हंगामा:
बैठक में मौजूद कुछ पार्षदों ने कहा कि यह चेयरपर्सन ही तय करेंगी कि कब और किस पार्षद को अपनी समस्या रखनी है। इस पर गुस्साई पार्षद अंजू जागलान ने कहा कि अगर मैडम ऐसा करेंगी तो किसी सवाल के लिए जवाबदेही भी उन्हीं की होगी न कि अधिकारियों की। पार्षद अंजू को कहा कि वे अभी बैठी रहें और उन्हें भी बोलने का मौका दिया जाएगा। लेकिन जब अंजू जमकर आरोप-प्रत्यारोप जड़ने लगीं तो चेयपर्सन के समर्थकों और महिला पार्षद के बीच जमकर तू-तड़ाक हुई। अंजू ने जिला परिषद चेयरसर्पन और उसके समर्थकों पर ग्रांट में धांधली करने के आरोप जड़े।
चेयरपर्सन ने आरोपों को नकारा:
जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर ने पार्षद अंजू जागलान के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने किसी प्रकार की धांधली नहीं की है। हर वार्ड में समान रूप से विकास करवाया जा रहा है। अंजू के वार्ड में भी 16 लाख रुपये से ज्यादा के कार्य हो चुके हैं। उनके खुद के गांव में भी कई काम हुए हैं। आगे भी कार्य करवाए जाएंगे। एक पार्षद द्वारा बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। बैठक में सर्वसम्मति से सभी एजेंडे पास किए गए हैं।
ये रहे बैठक में मौजूद:
बैठक में पार्षद रवि तारांवाली, इंद्र पाई, रतिराम, मुसिया, रिंपी, पतासो देवी, सुदेश चंदाना, शकुंतला वजीरखेड़ा व अन्य पार्षर्दों सहित सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन, जीएम रोडवेज रामकुमार, जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी, जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा, डीईईओ शमशेर सिंह सिरोही, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।