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15 दिन के बाद शहर में दिखा अंधेरो तो नपेंगे अधिकारी
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नगर परिषद प्रशासक एवं एसडीएम संजय कुमार ने अमर उजाला के जगमग शहर अभियान के तहत उठाए जा रहे लाइट के मामले में संज्ञान लिया है। उनका कहना है कि वे पंद्रह दिन का समय देंगे, इसके बाद भी यदि शहर में कहीं अंधेरा मिला तो वे 133 सीआरपीसी के तहत संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी करेंगे। डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि वे वीरवार को दस लाख रुपये की अनुमति के लिए स्वयं प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारी को पत्र लिखेंगे। विदित रहे कि शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों के लिए राज्यस्तरीय एजेंसी का इंतजार किया जा रहा है।
अधिकारियों के पास एक ही जवाब रहता है कि राज्य स्तर पर जिस एजेंसी को यह काम सौंपा गया है, वही एजेंसी रिपेयर का काम करेगी। इस मामले में अमर उजाला की पड़ताल में राज्य नोडल अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि मेंनटिनेंस के लिए कभी भी इंकार नहीं किया गया। इसके बावजूद शहर की स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों में से दर्जनों लाइटों के लोहे के पोल भी लापता हैं। न जाने नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी इस ओर कब ध्यान देंगे। करनाल रोड से दर्जनों पोल लापता-शहर में करनाल रोड पर डिवाइडर से आगे भैणी माजरा तक एक साइड में लोहे के अनेकों पोल लगे थे, जो इस समय सड़क पर नहीं हैं। इसी प्रकार से कई पोल करनाल रोड पर भी लापता हैं।
वहीं जींद रोड पर भी पोल लापता बताए जा रहे हैं। इस संबंध में डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि राज्यस्तर पर दस लाख रुपये की राशि के लिए पत्र लिखा गया है। वे दो दिन से चंडीगढ़ में हैं। वीरवार को वे स्वयं फिर से नोडल अधिकारी से बात करके इस मामले में पता करेंगे कि यह अनुमति कहां लटकी हुई है?
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नगर परिषद कैथल के प्रशासक एवं एसडीएम संजय कुमार ने अमर उजाला के अभियान पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि जनता को सुविधा मुहैया करवाना नगर परिषद कर्मचारियों और अधिकारियों का काम है। वे एक जुलाई से पंद्रह दिन का समय दे रहे हैं। इसके बाद भी सड़कों पर कहीं अंधेरा मिला तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
एक्सईएन हिमांशू लाटका ने फोन करने पर महज इतना रिप्लाई दिया कि वे बैठक में हैं, बाद में बात कर पाएंगे।
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अधिकारियों के पास एक ही जवाब रहता है कि राज्य स्तर पर जिस एजेंसी को यह काम सौंपा गया है, वही एजेंसी रिपेयर का काम करेगी। इस मामले में अमर उजाला की पड़ताल में राज्य नोडल अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि मेंनटिनेंस के लिए कभी भी इंकार नहीं किया गया। इसके बावजूद शहर की स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों में से दर्जनों लाइटों के लोहे के पोल भी लापता हैं। न जाने नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी इस ओर कब ध्यान देंगे। करनाल रोड से दर्जनों पोल लापता-शहर में करनाल रोड पर डिवाइडर से आगे भैणी माजरा तक एक साइड में लोहे के अनेकों पोल लगे थे, जो इस समय सड़क पर नहीं हैं। इसी प्रकार से कई पोल करनाल रोड पर भी लापता हैं।
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वहीं जींद रोड पर भी पोल लापता बताए जा रहे हैं। इस संबंध में डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि राज्यस्तर पर दस लाख रुपये की राशि के लिए पत्र लिखा गया है। वे दो दिन से चंडीगढ़ में हैं। वीरवार को वे स्वयं फिर से नोडल अधिकारी से बात करके इस मामले में पता करेंगे कि यह अनुमति कहां लटकी हुई है?
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नगर परिषद कैथल के प्रशासक एवं एसडीएम संजय कुमार ने अमर उजाला के अभियान पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि जनता को सुविधा मुहैया करवाना नगर परिषद कर्मचारियों और अधिकारियों का काम है। वे एक जुलाई से पंद्रह दिन का समय दे रहे हैं। इसके बाद भी सड़कों पर कहीं अंधेरा मिला तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
एक्सईएन हिमांशू लाटका ने फोन करने पर महज इतना रिप्लाई दिया कि वे बैठक में हैं, बाद में बात कर पाएंगे।