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नप में तैनात लिफ्टिंग कर्मचारियों को पिछले दो महीने से नहीं मिला वेतन, शुरु की हड़ताल
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दो महीने से नहीं मिला वेतन, नप में तैनात लिफ्टिंग कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल
ठेकेदार पर लगाया वेतन न देनेे का आरोप, पूरे शहर में डोर टू डोर कचरा उठान न होने की समस्या
नहीं उठ पाया 70 से अधिक टन कचरा
फोटो नंबर-06 व 07
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर पालिका द्वारा पूरे शहर के 31 वार्डों में सफाई के साथ कचरा उठान के तहत ठेके पर रखे गए लिफ्टिंग के 85 कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। जिससे सभी 85 कर्मचारी सोमवार को विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सोमवार को शहर में कचरा उठान की व्यवस्था ठप हो गई। वहीं कर्मचारियों ने ठेकेदार पर उनका दो महीने तक वेतन नहीं देने का आरोप लगाया। प्रदीप, बंटी, अजय, सोनू, अनिल, रोहित व कपिल सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी उन्होंने कुछ घंटे के काम को रोका था। लेकिन उस समय सीएसआई मोहन भारद्वाज ने उन्हें वेतन जल्द दिलवाने का आश्वासन देकर काम पर दोबारा लौटने के लिए कहा। जिसके बाद वे दोबारा काम पर लौटे। लेकिन एक सप्ताह के बाद भी वेतन नहीं मिला। जिस कारण उन्हें सोमवार को मजबूरन काम को रोककर हड़ताल पर जाना पड़ा।
डोर टू डोर अभियान के तहत नहीं उठ पाया 70 से अधिक टन कचरा : वहीं लिफ्टिंग के कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल के कारण सोमवार को शहर में से 70 टन से अधिक कचरे का उठान नहीं हो पाया है। जिस कारण शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर कचरा एकत्रित होने की समस्या बन गई है। इसके साथ घरों में डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य भी बंद हो गया है।
मोहन ठेकेदार ने बताया कि तकनीकी कारणों से चेक बनाने में समस्या आई थी। जिसके कारण कर्मचारियों का वेतन देने में देरी हुई है। उन्हें मंगलवार सुबह चेक दे दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है।
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ठेकेदार पर लगाया वेतन न देनेे का आरोप, पूरे शहर में डोर टू डोर कचरा उठान न होने की समस्या
नहीं उठ पाया 70 से अधिक टन कचरा
फोटो नंबर-06 व 07
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर पालिका द्वारा पूरे शहर के 31 वार्डों में सफाई के साथ कचरा उठान के तहत ठेके पर रखे गए लिफ्टिंग के 85 कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। जिससे सभी 85 कर्मचारी सोमवार को विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सोमवार को शहर में कचरा उठान की व्यवस्था ठप हो गई। वहीं कर्मचारियों ने ठेकेदार पर उनका दो महीने तक वेतन नहीं देने का आरोप लगाया। प्रदीप, बंटी, अजय, सोनू, अनिल, रोहित व कपिल सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी उन्होंने कुछ घंटे के काम को रोका था। लेकिन उस समय सीएसआई मोहन भारद्वाज ने उन्हें वेतन जल्द दिलवाने का आश्वासन देकर काम पर दोबारा लौटने के लिए कहा। जिसके बाद वे दोबारा काम पर लौटे। लेकिन एक सप्ताह के बाद भी वेतन नहीं मिला। जिस कारण उन्हें सोमवार को मजबूरन काम को रोककर हड़ताल पर जाना पड़ा।
डोर टू डोर अभियान के तहत नहीं उठ पाया 70 से अधिक टन कचरा : वहीं लिफ्टिंग के कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल के कारण सोमवार को शहर में से 70 टन से अधिक कचरे का उठान नहीं हो पाया है। जिस कारण शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर कचरा एकत्रित होने की समस्या बन गई है। इसके साथ घरों में डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य भी बंद हो गया है।
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मोहन ठेकेदार ने बताया कि तकनीकी कारणों से चेक बनाने में समस्या आई थी। जिसके कारण कर्मचारियों का वेतन देने में देरी हुई है। उन्हें मंगलवार सुबह चेक दे दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है।
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