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अभय चौटाला ने मुझे 3 बार धमकाया-गालियां दीं, लेकिन पार्टी अजय चौटाला के साथ
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:29 AM IST
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अभय चौटाला ने मुझे तीन बार धमकाया, गालियां दीं, पार्टी अजय चौटाला के साथ : राजू ढुल
- इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजू ढुल पाई व हरदीप सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अभय चौटाला पर लगाए आरोप
कहा- इनेलो पार्टी अजय चौटाला के साथ, 17 नवंबर को जींद में हो जाएगी स्थिति साफ
- पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन बचन सिंह माजरी भी आए अजय चौटाला के समर्थन में
फोटो संख्या-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजू ढुल पाई ने कहा कि दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला के कार्यक्रम करवाने के कारण अभय चौटाला ने मुझे तीन बार धमकाया। लेकिन वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। आगामी 17 नवंबर को जींद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की बैठक में साबित हो जाएगा कि इनेलो में कौन है और बाहर कौन।
मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में राजू ढुल पाई, जिला प्रवक्ता रहे हरदीप सिंह पाड़ला ने कहा कि जिले में कई नेता अजय चौटाला के समर्थन में हैं। बुधवार को चंडीगढ़ में अजय चौटाला से मुलाकात के बाद गुहला हलका के तीन बार ब्लॉक अध्यक्ष एवं मार्केट कमेटी चीका के अध्यक्ष रहे बचन सिंह माजरी ने भी अजय चौटाला का समर्थन कर दिया है। राजू ढुल पाई ने कहा कि अजय चौटाला व उनके पुत्रों दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला के निष्कासन का षड्यंत्र चार-पांच सालों से चल रहा था। दुष्यंत व दिग्विजय का जगह-जगह अपमान किया गया। लेकिन वे पार्टी की मजबूती के लिए डटे रहे। अजय चौटाला जनता के दिलों में वास करते हैं और अभय व उनकी टीम को इस फैसले को भुगतना पड़ेगा। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा सहित कई नेताओं पर षडयंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगाया।
अजय के निष्कासन पर उठाए सवाल : राजू ने कहा कि अजय चौटाला के निष्कासन का पत्र फर्जी है। आरएस चौधरी ने डिजिटल हस्ताक्षर को सुप्रीमो ओपी चौटाला के हस्ताक्षर बताए हैं। क्योंकि 4 दिनों से ओपी चौटाला से कोई भी व्यक्ति नहीं मिला था। अशोक अरोड़ा बताएं कि पार्टी से निकालने से पूर्व उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया गया या नहीं? उनकी बात सुनी गई नहीं। कौन से आरोप के तहत उन्हें निकाला गया है? एक प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव को कैसे हटा सकते हैं। अजय चौटाला को पार्टी सुप्रीमो वर्ष 2004 में सीएम बनाना चाहते थे, लेकिन अभय चौटाला ने विरोध किया। जब दोनों नेता जेल गए, उस समय पार्टी के 32 विधायक थे। जो घटकर 19 रह गए।
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अभय चौटाला ने तीन बार धमकाया : राजू ढुल ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने पाई में युवा सम्मेलन बुलाया। उस समय 12 दिसंबर को रात को 8.11 बजे उनके पास अभय चौटाला का फोन आया। उन्होंने मुझे गालियां दीं और कहा था कि दिग्विजय का सम्मेलन करवाओगे तो पार्टी से बाहर कर दिए जाओगे। इसके बाद 5 अगस्त की रैली से पूर्व 2 अगस्त को कुरुक्षेत्र में कार्यकारिणी की बैठक में अभय चौटाला ने मुझे धमकाया। इसके बाद 16 अगस्त को होने वाले सम्मेलन से पूर्व 15 अगस्त को कैथल में एक पैलेस के बाहर सभी के सामने मुझे धमकी दी और कहा कि पार्टी को आपकी और युवाओं की जरूरत नहीं है।
जिला कार्यकारिणी व्यक्ति विशेष की पसंद, न कि इनेलो की : हरदीप सिंह व राजू ढुल पाई ने कहा कि जिला कार्यकारिणी में अधिकतर पदाधिकारी इनेलो संगठन की जगह एक व्यक्ति विशेष की पसंद के हैं। इसलिए वे जहां हैं, वहां होने का उन्हें कोई दुख नहीं हैं।
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- इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजू ढुल पाई व हरदीप सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अभय चौटाला पर लगाए आरोप
कहा- इनेलो पार्टी अजय चौटाला के साथ, 17 नवंबर को जींद में हो जाएगी स्थिति साफ
- पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन बचन सिंह माजरी भी आए अजय चौटाला के समर्थन में
फोटो संख्या-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राजू ढुल पाई ने कहा कि दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला के कार्यक्रम करवाने के कारण अभय चौटाला ने मुझे तीन बार धमकाया। लेकिन वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। आगामी 17 नवंबर को जींद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की बैठक में साबित हो जाएगा कि इनेलो में कौन है और बाहर कौन।
मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में राजू ढुल पाई, जिला प्रवक्ता रहे हरदीप सिंह पाड़ला ने कहा कि जिले में कई नेता अजय चौटाला के समर्थन में हैं। बुधवार को चंडीगढ़ में अजय चौटाला से मुलाकात के बाद गुहला हलका के तीन बार ब्लॉक अध्यक्ष एवं मार्केट कमेटी चीका के अध्यक्ष रहे बचन सिंह माजरी ने भी अजय चौटाला का समर्थन कर दिया है। राजू ढुल पाई ने कहा कि अजय चौटाला व उनके पुत्रों दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला के निष्कासन का षड्यंत्र चार-पांच सालों से चल रहा था। दुष्यंत व दिग्विजय का जगह-जगह अपमान किया गया। लेकिन वे पार्टी की मजबूती के लिए डटे रहे। अजय चौटाला जनता के दिलों में वास करते हैं और अभय व उनकी टीम को इस फैसले को भुगतना पड़ेगा। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा सहित कई नेताओं पर षडयंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगाया।
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अजय के निष्कासन पर उठाए सवाल : राजू ने कहा कि अजय चौटाला के निष्कासन का पत्र फर्जी है। आरएस चौधरी ने डिजिटल हस्ताक्षर को सुप्रीमो ओपी चौटाला के हस्ताक्षर बताए हैं। क्योंकि 4 दिनों से ओपी चौटाला से कोई भी व्यक्ति नहीं मिला था। अशोक अरोड़ा बताएं कि पार्टी से निकालने से पूर्व उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया गया या नहीं? उनकी बात सुनी गई नहीं। कौन से आरोप के तहत उन्हें निकाला गया है? एक प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव को कैसे हटा सकते हैं। अजय चौटाला को पार्टी सुप्रीमो वर्ष 2004 में सीएम बनाना चाहते थे, लेकिन अभय चौटाला ने विरोध किया। जब दोनों नेता जेल गए, उस समय पार्टी के 32 विधायक थे। जो घटकर 19 रह गए।
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अभय चौटाला ने तीन बार धमकाया : राजू ढुल ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने पाई में युवा सम्मेलन बुलाया। उस समय 12 दिसंबर को रात को 8.11 बजे उनके पास अभय चौटाला का फोन आया। उन्होंने मुझे गालियां दीं और कहा था कि दिग्विजय का सम्मेलन करवाओगे तो पार्टी से बाहर कर दिए जाओगे। इसके बाद 5 अगस्त की रैली से पूर्व 2 अगस्त को कुरुक्षेत्र में कार्यकारिणी की बैठक में अभय चौटाला ने मुझे धमकाया। इसके बाद 16 अगस्त को होने वाले सम्मेलन से पूर्व 15 अगस्त को कैथल में एक पैलेस के बाहर सभी के सामने मुझे धमकी दी और कहा कि पार्टी को आपकी और युवाओं की जरूरत नहीं है।
जिला कार्यकारिणी व्यक्ति विशेष की पसंद, न कि इनेलो की : हरदीप सिंह व राजू ढुल पाई ने कहा कि जिला कार्यकारिणी में अधिकतर पदाधिकारी इनेलो संगठन की जगह एक व्यक्ति विशेष की पसंद के हैं। इसलिए वे जहां हैं, वहां होने का उन्हें कोई दुख नहीं हैं।