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आजीवन कारावास की सजाओं के विरोध में प्रदर्शन किया
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:12 AM IST
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आजीवन कारावास की सजा के विरोध में मजदूरों ने प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जन संघर्ष मंच हरियाणा की बैठक रविवार को जवाहर पार्क में हुई। जिसकी अध्यक्षता कामरेड फूल सिंह ने की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 18 मार्च को सेशन कोर्ट गुड़गांव द्वारा 13 बेकसूर मारुति मजदूरों को मारुति प्रबंधन और हरियाणा सरकार की साजिश के तहत बनवाए गए झूठे केसों में हुई आजीवन कारावास की सजा के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इन मजदूरों का मात्र इतना कसूर था कि इन्होंने यूनियन बनाने की हिम्मत की थी। जोकि मारुति प्रबंधन को नागवार गुजरी थी। इसलिए इन्हें कत्ल जैसे संगीन केस में फंसाया गया था। उन्होंने बताया कि मजदूरों ने वर्ष 2012 से ही लगातार सरकार से मांग की थी कि हमारे साथी बेकसूर हैं। उन पर झूठे केस बनाए गए हैं तथा उन्हें गैर कानूनी ढंग से नौकरियों से बरखास्त किया गया है। किंतु न तो पूर्व हुड्डा सरकार ने और न ही मौजूदा सरकार ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई। उल्टा कंपनी प्रबंधन को ही मजदूरों को अधिक से अधिक सजाएं दिलवाने के लिए सहायता की। जन संघर्ष मंच हरियाणा की ओर से लघु सचिवालय में राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम नायाब तहसीलदार सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माध्यम राष्ट्रपति से मांग की है कि जेल में बंद बेकसूर 13 मारुति मजदूरों की सजा को रद्द किया जाए। इस मौके पर सुदेश कुमारी महासचिव, ईश्वर गुहणा, जिला प्रधान संसार चंद्र, जिला सचिव चंद्र रेखा, प्रंातीय सचिव सोमनाथ आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जन संघर्ष मंच हरियाणा की बैठक रविवार को जवाहर पार्क में हुई। जिसकी अध्यक्षता कामरेड फूल सिंह ने की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 18 मार्च को सेशन कोर्ट गुड़गांव द्वारा 13 बेकसूर मारुति मजदूरों को मारुति प्रबंधन और हरियाणा सरकार की साजिश के तहत बनवाए गए झूठे केसों में हुई आजीवन कारावास की सजा के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इन मजदूरों का मात्र इतना कसूर था कि इन्होंने यूनियन बनाने की हिम्मत की थी। जोकि मारुति प्रबंधन को नागवार गुजरी थी। इसलिए इन्हें कत्ल जैसे संगीन केस में फंसाया गया था। उन्होंने बताया कि मजदूरों ने वर्ष 2012 से ही लगातार सरकार से मांग की थी कि हमारे साथी बेकसूर हैं। उन पर झूठे केस बनाए गए हैं तथा उन्हें गैर कानूनी ढंग से नौकरियों से बरखास्त किया गया है। किंतु न तो पूर्व हुड्डा सरकार ने और न ही मौजूदा सरकार ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई। उल्टा कंपनी प्रबंधन को ही मजदूरों को अधिक से अधिक सजाएं दिलवाने के लिए सहायता की। जन संघर्ष मंच हरियाणा की ओर से लघु सचिवालय में राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम नायाब तहसीलदार सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माध्यम राष्ट्रपति से मांग की है कि जेल में बंद बेकसूर 13 मारुति मजदूरों की सजा को रद्द किया जाए। इस मौके पर सुदेश कुमारी महासचिव, ईश्वर गुहणा, जिला प्रधान संसार चंद्र, जिला सचिव चंद्र रेखा, प्रंातीय सचिव सोमनाथ आदि मौजूद रहे।