फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डा. एके सिंह ने किया गांव कठवाड़ के खेतों का दौरा

अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डा. एके सिंह ने किया गांव कठवाड़ के खेतों का दौरा

Wed, 28 Feb 2018 12:25 AM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डा. एके सिंह ने किया गांव कठवाड़ के खेतों का दौरा

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एके सिंह, असिस्टेंट डिप्टी डायरेक्टर डॉ. वीपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ गांव कठवाड़ के खेतों का दौरा कर फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस प्रोजेक्ट के तहत गांव कठवाड़ में पिछले एक साल से पानी की समस्या का समाधान किया गया है। जिसमें 6 रिचार्ज बोर लगाकर यहां से बारिश के पानी को भूमि के नीचे भेजा जा रहा है। ताकि भू-जल रिचार्ज हो जाए और यहां धरती पर खड़े रहने वाले पानी के कारण फसलों को नुकसान ना हो। वहीं किसानों की मांग पर और खेत में छह रिचार्ज बोर का लाभ देख दो और लगाने की मंजूरी, प्रोजेक्ट की अवधि भी 2 साल के लिए बढ़ाई गई है।
सबसे पहले अधिकारियों की टीम ने गांव मूंदड़ी के किसान राजकुमार के खेत में पहुंची। जहां गेहूं की विभिन्न वैरायटियों के प्रयोग के तौर पर लगाए गए पौधों की जानकारी हासिल की। इसके बाद कठवाड़ के किसान तरसेम सिंह के खेत में पहुंचे। यहां गेहूं की फसल में मंडूसी की समस्या की रोकथाम के उपाय किसानों को बताए गए। इसके बाद किसान चांदी के खेत में किसानों के साथ बातचीत की। इस दौरान मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्था करनाल के वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी और बताया कि डेढ़ साल से यहां के किसानों को इसका काफी लाभ हुआ है। किसानों ने 6 रिचार्ज बोर के अलावा और भी बोर लगवाए जाने की मांग की। जिस पर आईसीएआर के महानिदेशक ने इन प्रोजेक्ट्स को स्वीकृत करते हुए प्रोजेक्ट की अवधि को 2 साल के लिए और बढ़ा दिया।
विज्ञापन


51 जिलों में चल रहा प्रोजेक्ट
डीडीजी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों से सीधा संपर्क करने के लिए इस तरह का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। देश के 51 जिलों में यह प्रोजेक्ट इस समय चल रहा है। जिसमें इस एरिया के गांव में ना केवल जमींदार बल्कि भूमिहीन किसान परिवार को भी किसी ना किसी तरह से लाभ पहुंचाने का प्रयास है। चाहे पशुपालन के माध्यम से हो, बागवानी के माध्यम से हो या किसी अन्य तकनीकें के माध्यम से। प्रयास रहेगा कि यह एरिया देश में मॉडल बनकर उभरे। फसल बीमा योजना, पराली की समस्या से निपटने सहित कई तरह की जानकारियां किसानों को दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गोबर सहित पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए भी आईसीएआर द्वारा कई योजनाएं चलाई हैं। किसानों से अपील है कि वे वैज्ञानिकों की सलाह के बिना अनावश्यक खाद या दवाएं अपनी फसलों में ना डालेें। ड्रिप इस अवसर पर सीएसएसआरआई के निदेशक डा. पीसी शर्मा, डा. परविंद्र सिंह श्योराण, कृषि उपनिदेशक डा. महावीर सिंह, डा. मुनीष वत्स, फार्मर फस्र्ट योजना के सदस्य प्रगतिशील किसान महेंद्र रसीना, केविके से डा. जसबीरसिंह, जिला परिषद के उपाध्यक्ष मनीष कठवाड़, किसान प्यारे लाल, रामनाथ, तरसेम सिंह, शेर सिंह, रामफल ग्योंग, राजकुमार, चरण सिंह भी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



खेत में छह रिचार्ज बोर का लाभ देख दो और लगाने की मंजूरी, प्रोजेक्ट की अवधि भी दो साल बढ़ाई
- अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर ने किया गांव कठवाड़ के खेतों का निरीक्षण
-सीएसएसआरआई करनाल द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट के परिणामों का अध्ययन किया, संस्थान ने इन गांवों में पानी की समस्या का किया है समाधान, चार साल से चल रहे प्रोजेक्ट का किसानों को हुआ है लाभ

फोटो - 1 व 2
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed