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गिरने शुरू हो गए हैं पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:47 AM IST
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भरभरा कर गिरा दूसरे शिव मंदिर का गुंबद
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गए स्मारक बिना संभालने के गिरना आरंभ हो गए हैं। शनिवार दोपहर को प्राचीन शिव मंदिर का गुंबद आखिर भर भरा कर नीचे आ ही गिरा। दोपहर का समय होने के कारण मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिसके कारण से जानमाल का बचाव हो गया। गुंबद गिरा भी मंदिर के अंदरूनी भाग में यदि यह आवासीय क्षेत्र में गिरता तो काफी नुकसान कर सकता था। कपिल सरोवर के किनारे पर स्थित इन शिव मंदिरों की संभाल में कोताही होने के कारण इनके शीर्ष काफी समय से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। समय रहते इन की संभाल नही हो पाई जिसके कारण गौरवपूर्ण अतीत का एक यादगार अहसास धूल धूसरित हो रही है। अद्भुत एवं विलक्षण मंदिर की जर्जर हुई स्थिति को लेकर स्थानीय व दूर दराज से दर्शन को आने श्रद्धालुओं में हालात के प्रति रोष व दुख व्याप्त है। नरेश वर्मा, राधेश्याम भट्ट, जगदीश रायका, रमेश बैरागी, कुंवर रविंद्र सूर्यवंशी, जसवंत भगत आदि का कहना है कि पुरातत्व विभाग ने जब से मंदिर को संरक्षित किया है, तब से ही मंदिर के रख रखाव में भारी कमी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि पुरातत्व विभाग संरक्षित स्मारकों व लोगों के लिए गले की हड्डी साबित हो रहा है। रमेश कुमार का कहना था कि मंदिर के आसपास सैकड़ों वर्षों से लोग अपने पुश्तैनी मकानों में रह रहे हैं। यदि वे अपने मकान को गिरवा कर दोबारा बनवाना चाहें तभी पुरातत्व विभाग की टीम आकर उन्हें यह कहते हुए रोक देती है कि संरक्षित की गई स्मारकों को नुकसान होगा। अब जब संरक्षित स्मारक गिर रही हैं तो उस और आर्केलोजिकल सर्वे आफ इंडिया का कोई ध्यान ही नहीं है।
नरेश कुमार ने कहा कि सरकार के कोटे से संरक्षित स्मारक के साथ लगते ही श्री कपिल मुनि मंदिर में सत्संग हाल बनाने के लिए भारी बजट आया था। सत्संग भवन के निर्माण के लिए नींव खोद दी गई पर पुरातत्व विभाग की टीम ने आकर कार्य को रुकवा दिया।
कलायत में इन स्मारकों की देखभाल के लिए विभाग की और से नियुक्त बलबीर सिंह व महानंद से बात की तो उन्होंने कहा कि शनिवार को कलायत क्षेत्र में नेट व फोन चल ही नही रहे जिसके कारण से वे इस बारे विभाग को सूचित नही कर पाए। नेट चलते ही वे गिरे हुए गुंबद की फोटो मेल कर विभाग को सूचित कर देंगे।
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गिरने शुरू हो गए हैं पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक
परिसर में स्थित पंचरथ शैली में बने मंदिर की एक दीवार हो चुकी है क्षतिग्रस्त
फोटो नंबर- 29, 30
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गए स्मारक बिना संभालने के गिरना आरंभ हो गए हैं। शनिवार दोपहर को प्राचीन शिव मंदिर का गुंबद आखिर भर भरा कर नीचे आ ही गिरा। दोपहर का समय होने के कारण मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिसके कारण से जानमाल का बचाव हो गया। गुंबद गिरा भी मंदिर के अंदरूनी भाग में यदि यह आवासीय क्षेत्र में गिरता तो काफी नुकसान कर सकता था। कपिल सरोवर के किनारे पर स्थित इन शिव मंदिरों की संभाल में कोताही होने के कारण इनके शीर्ष काफी समय से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। समय रहते इन की संभाल नही हो पाई जिसके कारण गौरवपूर्ण अतीत का एक यादगार अहसास धूल धूसरित हो रही है। अद्भुत एवं विलक्षण मंदिर की जर्जर हुई स्थिति को लेकर स्थानीय व दूर दराज से दर्शन को आने श्रद्धालुओं में हालात के प्रति रोष व दुख व्याप्त है। नरेश वर्मा, राधेश्याम भट्ट, जगदीश रायका, रमेश बैरागी, कुंवर रविंद्र सूर्यवंशी, जसवंत भगत आदि का कहना है कि पुरातत्व विभाग ने जब से मंदिर को संरक्षित किया है, तब से ही मंदिर के रख रखाव में भारी कमी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि पुरातत्व विभाग संरक्षित स्मारकों व लोगों के लिए गले की हड्डी साबित हो रहा है। रमेश कुमार का कहना था कि मंदिर के आसपास सैकड़ों वर्षों से लोग अपने पुश्तैनी मकानों में रह रहे हैं। यदि वे अपने मकान को गिरवा कर दोबारा बनवाना चाहें तभी पुरातत्व विभाग की टीम आकर उन्हें यह कहते हुए रोक देती है कि संरक्षित की गई स्मारकों को नुकसान होगा। अब जब संरक्षित स्मारक गिर रही हैं तो उस और आर्केलोजिकल सर्वे आफ इंडिया का कोई ध्यान ही नहीं है।
नरेश कुमार ने कहा कि सरकार के कोटे से संरक्षित स्मारक के साथ लगते ही श्री कपिल मुनि मंदिर में सत्संग हाल बनाने के लिए भारी बजट आया था। सत्संग भवन के निर्माण के लिए नींव खोद दी गई पर पुरातत्व विभाग की टीम ने आकर कार्य को रुकवा दिया।
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कलायत में इन स्मारकों की देखभाल के लिए विभाग की और से नियुक्त बलबीर सिंह व महानंद से बात की तो उन्होंने कहा कि शनिवार को कलायत क्षेत्र में नेट व फोन चल ही नही रहे जिसके कारण से वे इस बारे विभाग को सूचित नही कर पाए। नेट चलते ही वे गिरे हुए गुंबद की फोटो मेल कर विभाग को सूचित कर देंगे।
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गिरने शुरू हो गए हैं पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक
परिसर में स्थित पंचरथ शैली में बने मंदिर की एक दीवार हो चुकी है क्षतिग्रस्त
फोटो नंबर- 29, 30