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व्यापारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लूट रहे किसानों का धान
Updated Thu, 11 Oct 2018 12:14 AM IST
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व्यापारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लूट रहे किसानों का धान
फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में पीआर धान समर्थन मूल्य पर नहीं बिकने को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पूर्व किसानों ने किसान भवन में मासिक बैठक की। जिसमें किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कुछ किसानों ने बताया कि अनाज मंडी में व्यापारी और एजेंसियों के खरीद अधिकारी मिलीभगत करके पीआर धान को समर्थन मूल्य 1770 रुपये प्रति क्विंटल पर न खरीदकर नमी या डैमेज बताकर 1650 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद कर रहे है, जबकि जे फार्म समर्थन मूल्य के काटे जा रहे है। बीच का मुनाफा व्यापारी व कर्मचारी मिलकर खा रहे है। कई किसानों ने बताया कि वे मंडी में धान लेकर आये हुए है, पुरी तरह सुखी व साफ होने के बावजूद भी समर्थन मूल्य से कम भाव लगा रहे है। जिसके बाद सभी किसान युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में मंडी में उक्त ढेरियों पर पहुंचे और खरीद अधिकारियों को उन ढेरियों की नमी उनके सामने चैक करने के लिए बुलवाया। किसानों के बुलाने के बाद भी खरीद एजेंसियों का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसान लगभग 4 घंटे तक मंडी में ही अधिकारियों की इंतजार करते रहे।
खरीद अधिकारी कर गये मोबाइल बंद और कार्यालय से रहे गायब:-
अनाज मंडी में जब भाकियू के कार्यकर्ता पहुंचे और अधिकारियों को फोन कर मौके पर पहुंचने के लिए कहा, पहले तो हैफेड व डीएफएससी के खरीद अधिकारी टाल-मटोल करते रहे। जब किसानों ने मौके पर ही आकर धान की नमी चैक करने के लिए कहा तो अधिकारी मोबाइल बंद कर कार्यालय से भी गायब हो गये। रोष स्वरूप किसानों ने पुरी स्थिति से मार्केट कमेटी सचिव को अवगत करवाया तो घंटों बाद कमेटी कार्यालय से मंडी सुपरवाइजर आये। हद तो तब हो गई जब कई ढेरियों का मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा म्योश्चर चैक किया और मॉश्चयर 13 व 14 प्रतिशत पाया गया, जबकि 17 प्रतिशत म्योश्चर की छूट है। मंडी में पीआर धान लेकर आये किसान चतर सिंह हाबड़ी, सिंद्र हाबड़ी, टहल सिंह, विक्रम सिरसल व रणधीर सिंह ने बताया कि उनके धान को 1650 रुपए से 1700 रुपये तक भाव लगाया जा रहा है।
अधिकारी व व्यापारी खा रहे है बीच में कमीशन: विक्रम
भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने बताया कि खरीद अधिकारी मिलरों के साथ सेटिंग कर किसान का धान समर्थन मूल्य से कम भाव में खरीद कर जे व आई फार्म समर्थन मूल्य का काट रहे है और बीच का मुनाफा सब मिलकर खा रहे है। कसाना ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंडी की स्थिति में दो दिनों तक सुधार नहीं हुआ तो भाकियू मंडी के सभी गेटों को ताले लगाकर खरीद अधिकारियों को बंधक बनायेगी। इस मौके पर होशियार सिंह गिल, रणधीर बरसाना, राजकुमार, ओमप्रकाश, जितेंद्र कुमार, नन्हा कौल, चमेल सिंह, तख्त सिंह, पिरथी, सुरेश मुन्नारेहड़ी व रामपाल भी मौजूद रहे।
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फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में पीआर धान समर्थन मूल्य पर नहीं बिकने को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पूर्व किसानों ने किसान भवन में मासिक बैठक की। जिसमें किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कुछ किसानों ने बताया कि अनाज मंडी में व्यापारी और एजेंसियों के खरीद अधिकारी मिलीभगत करके पीआर धान को समर्थन मूल्य 1770 रुपये प्रति क्विंटल पर न खरीदकर नमी या डैमेज बताकर 1650 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद कर रहे है, जबकि जे फार्म समर्थन मूल्य के काटे जा रहे है। बीच का मुनाफा व्यापारी व कर्मचारी मिलकर खा रहे है। कई किसानों ने बताया कि वे मंडी में धान लेकर आये हुए है, पुरी तरह सुखी व साफ होने के बावजूद भी समर्थन मूल्य से कम भाव लगा रहे है। जिसके बाद सभी किसान युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में मंडी में उक्त ढेरियों पर पहुंचे और खरीद अधिकारियों को उन ढेरियों की नमी उनके सामने चैक करने के लिए बुलवाया। किसानों के बुलाने के बाद भी खरीद एजेंसियों का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसान लगभग 4 घंटे तक मंडी में ही अधिकारियों की इंतजार करते रहे।
खरीद अधिकारी कर गये मोबाइल बंद और कार्यालय से रहे गायब:-
अनाज मंडी में जब भाकियू के कार्यकर्ता पहुंचे और अधिकारियों को फोन कर मौके पर पहुंचने के लिए कहा, पहले तो हैफेड व डीएफएससी के खरीद अधिकारी टाल-मटोल करते रहे। जब किसानों ने मौके पर ही आकर धान की नमी चैक करने के लिए कहा तो अधिकारी मोबाइल बंद कर कार्यालय से भी गायब हो गये। रोष स्वरूप किसानों ने पुरी स्थिति से मार्केट कमेटी सचिव को अवगत करवाया तो घंटों बाद कमेटी कार्यालय से मंडी सुपरवाइजर आये। हद तो तब हो गई जब कई ढेरियों का मार्केट कमेटी अधिकारियों द्वारा म्योश्चर चैक किया और मॉश्चयर 13 व 14 प्रतिशत पाया गया, जबकि 17 प्रतिशत म्योश्चर की छूट है। मंडी में पीआर धान लेकर आये किसान चतर सिंह हाबड़ी, सिंद्र हाबड़ी, टहल सिंह, विक्रम सिरसल व रणधीर सिंह ने बताया कि उनके धान को 1650 रुपए से 1700 रुपये तक भाव लगाया जा रहा है।
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अधिकारी व व्यापारी खा रहे है बीच में कमीशन: विक्रम
भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने बताया कि खरीद अधिकारी मिलरों के साथ सेटिंग कर किसान का धान समर्थन मूल्य से कम भाव में खरीद कर जे व आई फार्म समर्थन मूल्य का काट रहे है और बीच का मुनाफा सब मिलकर खा रहे है। कसाना ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंडी की स्थिति में दो दिनों तक सुधार नहीं हुआ तो भाकियू मंडी के सभी गेटों को ताले लगाकर खरीद अधिकारियों को बंधक बनायेगी। इस मौके पर होशियार सिंह गिल, रणधीर बरसाना, राजकुमार, ओमप्रकाश, जितेंद्र कुमार, नन्हा कौल, चमेल सिंह, तख्त सिंह, पिरथी, सुरेश मुन्नारेहड़ी व रामपाल भी मौजूद रहे।
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