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वर्ष 2010 से 2015 तक कैथल शहर में हुए विकास कार्यों की विजिलेंस जांच शुरू

Tue, 27 Feb 2018 12:45 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:45 AM IST
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वर्ष 2010 से 2015 तक कैथल शहर में हुए विकास कार्यों की विजिलेंस जांच शुरू

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
वर्ष 2010 से 2015 तक नगर परिषद के माध्यम से शहर में हुए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की तीन साल बाद फिर से जांच शुरू हो गई है। विजिलेंस की ओर से पूर्व नगर परिषद चेयरमैन सहित 23 पार्षदों को जांच में शामिल होने के लिए मंगलवार को विजिलेंस कार्यालय में तलब किया गया है। कैथल नगर परिषद कार्यालय के माध्यम से इन सभी पार्षदों को नोटिस भेज दिया गया है।
कैथल निवासी जगरूप ढुल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में तीन साल पहले शिकायत भेजी थी। जिसमें ढुल ने 2010 से लेकर 2015 तक हुए विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी व कइयों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जिसमें मुख्य रूप से टेंडर छोड़े जाने के बाद नियमों की अनदेखी कर 200 टेंडर रिवाइज्ड कर दिए गए। भाई उदय सिंह किले की मिट्टी की खुदाई में 58 लाख का गोलमाल, 25 लाख के पौधे लगाए जाने में गोलमाल, 18 लाख रुपये से स्ट्रीट लाइट लगाए जाने में गोलमाल, नगर परिषद भवन निर्माण में धांधली, एक ही फर्म को बार-बार काम दिए जाने बारे, टुकड़ों में टेंडर दिए जाने, प्रशासनिक अनुमति बाद में दिए जाने, सीवरेज सफाई के लिए 22 लाख की गाड़ी का प्रयोग ना करने, विभिन्न जातियों के नाम पर सामुदायिक केंद्र दिखाते हुए जमीन देने, जाखौली अड्डा धर्मशाला को सामुदायिक भवन दिखाकर 87 लाख रुपये की ग्रांट दिए जाने सहित कई तरह के आरोप शामिल हैं।
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इन आरोपों पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने विजिलेंस को जांच के आदेश दिए थे। तीन साल के बीच इस मामले में तीन जांच अधिकारी बदले जा चुके हैं। पूर्व में कई बार परिषद कार्यालय से रिकॉर्ड का अवलोकन करने के साथ-साथ रिकॉर्ड तलब भी किया गया था। पिछले कई माह से यह जांच ठंडे बस्ते में थी। सोमवार को विजिलेंस के इंस्पेक्टर जांच अधिकारी राजपाल सिंह की ओर से परिषद कार्यालय में सूचना दी गई कि शिकायत अनुसार पूर्व चेयरमैन सहित पार्षदों को विजिलेंस कार्यालय में बुलाया जाए। जिस पर नगर परिषद के कर्मचारियों ने इन सभी पार्षदों को विजिलेंस कार्यालय में मंगलवार सुबह 11 बजे पेश होने के लिए नोटिस भेज दिए।
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इन पार्षदों को बुलाया गया है जांच में शामिल होने के लिए : नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल, पूर्व वाइस चेयरमैन रणबीर सैनी, वार्ड 1 के पूर्व पार्षद सुल्तान सिंह, पूर्व पार्षद नीतू राणा, पूर्व पार्षद शरणजीत कौर, पुष्पा देवी, अनिल कुमार, वर्षा रानी, चंचल कालड़ा, सुभाष चंद, उर्मिल, आशा रानी, कृष्ण गांधी, कमलेश, जयबीर सिंह, दरबारा सिंह, मेला राम, वेदप्रकाश, सेवावंती, शीतल कुमार, आनंद शर्मा, जोगेेंद्र सैनी व सुरेंद्र रांझा को जांच में शामिल होने के लिए बुलाए जाने की सूचना है।


विजिलेंस द्वारा पूर्व में विकास कार्यों संबंधी जांच में पूर्व पार्षदों को शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए परिषद के माध्यम से सूचना भेज दी गई है।
विक्रम सिंह, ईओ, नगर परिषद

अंबाला से इंस्पेक्टर राजपाल किसी मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने ही पूर्व पार्षदों को बुलाया है।
राजेंद्र शर्मा, विजिलेंस इंस्पेक्टर

मुझे जांच में शामिल होने का नोटिस मिला है। मंगलवार को विजिलेंस कार्यालय में जाकर ही पता चलेगा कि क्या मामला है।
रणबीर सैनी, पूर्व वाइस चेयरमैन


फ्लैग- वर्ष 2010 से 2015 तक कैथल शहर में हुए विकास कार्यों की विजिलेंस जांच शुरू
हेडिंग - पूर्व चेयरमैन सहित 23 पूर्व पार्षदों को विजिलेंस का नोटिस जारी
- विजिलेंस को विभिन्न जातियों को धर्मशालाओं के लिए जगह देने, नगर परिषद भवन के निर्माण में धांधली सहित कई तरह की शिकायतें दी थी शहरवासी जगरूप ढुल ने
सीएम कार्यालय के माध्यम से जारी हुए जांच के आदेश
फोटो संख्या-21
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