{"_id":"5995dfba4f1c1b73108b46ca","slug":"111502994362-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्वतरोही विक्रम पांचाल ने किया देश का नाम रोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्वतरोही विक्रम पांचाल ने किया देश का नाम रोशन
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
पर्वतारोही विक्रम पांचाल ने किया देश का नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। एक तरफ जहां पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में डूबकर देश की स्वतंत्रता का जश्न मना रहा था, वहीं पाई के पर्वतारोही विक्रम पांचाल ने 15 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी (माउंट किली मंजारो) पर तिरंगा फहराकर पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन किया। इससे पहले विक्रम ने रूस की सबसे ऊंची चोटी देश का तिरंगा फहराया था। लेकिन साउथ अफ्रीका के लिए पैसों की कमी के चलते उसको वापस भेज दिया गया था। विक्रम ने पहले की तरह एक बार फिर सरकार व प्रशासन के सामने देश का नाम रोशन करने के लिए मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन जिला प्रशासन व सरकार ने पहले की तरह इस बार भी विक्रम की कोई मदद नहीं की। इससे पहले भी कुछ एक व्यक्ति को छोड़कर न तो विधायक, सांसद, मंत्री, जिला प्रशासन किसी ने भी विक्रम की मदद नहीं की। लेकिन देश का नाम रोशन करने के जज्बे व बुलंद हौसलों के चलते विक्रम नहीं रुका। उसके परिवार ने ब्याज पर पैसा लिया। जिसकी सहायता से विक्रम ने 15 अगस्त को साउथ अफ्रीका में देश का झंडा फहराया।
विज्ञापन
पर्वतारोही विक्रम पांचाल ने किया देश का नाम रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। एक तरफ जहां पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में डूबकर देश की स्वतंत्रता का जश्न मना रहा था, वहीं पाई के पर्वतारोही विक्रम पांचाल ने 15 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी (माउंट किली मंजारो) पर तिरंगा फहराकर पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन किया। इससे पहले विक्रम ने रूस की सबसे ऊंची चोटी देश का तिरंगा फहराया था। लेकिन साउथ अफ्रीका के लिए पैसों की कमी के चलते उसको वापस भेज दिया गया था। विक्रम ने पहले की तरह एक बार फिर सरकार व प्रशासन के सामने देश का नाम रोशन करने के लिए मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन जिला प्रशासन व सरकार ने पहले की तरह इस बार भी विक्रम की कोई मदद नहीं की। इससे पहले भी कुछ एक व्यक्ति को छोड़कर न तो विधायक, सांसद, मंत्री, जिला प्रशासन किसी ने भी विक्रम की मदद नहीं की। लेकिन देश का नाम रोशन करने के जज्बे व बुलंद हौसलों के चलते विक्रम नहीं रुका। उसके परिवार ने ब्याज पर पैसा लिया। जिसकी सहायता से विक्रम ने 15 अगस्त को साउथ अफ्रीका में देश का झंडा फहराया।