फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया, कैसे काम चले भइया

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया, कैसे काम चले भइया

Fri, 06 Oct 2017 12:15 AM IST
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया, कैसे काम चले भइया
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया, कैसे काम चले भइया
विज्ञापन



नसीब सैनी
कैथल। नगर परिषद कैथल में आमदनी अठन्नी खर्च रुपया की कहावत चरितार्थ हो रही है। परिषद में तंगहाली का आलम यह है कि इस समय 450 से अधिक कर्मचारियों को वेतन तक देने के लिए राशि नहीं हैं। कई विभागों से आने वाली आमदनी पर लगी रोक सहित शहर में अटके प्रॉपर्टी टैक्स के चलते परिषद में आय नहीं हो पा रही। पूर्व में जमा राशि खर्च हो चुकी है। सरकार से बड़ी ग्रांट की दरकार है। राजनीतिक रूप से चल रही उठापटक के बीच परिषद का काम काज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
करीब तीन वर्ष पूर्व तक नगर परिषद के पास करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी सहित अन्य फंड्स में राशि थी, जो धीरे-धीरे खर्च हो चुकी है। इस समय आलम यह है कि महीना दर महीना किसी तरह से कर्मचारियों के लिए वेतन का जुगाड़ हो रहा है।
विज्ञापन


यहां से हो रही थी आय
नगर परिषद को स्टांप ड्यूटी, बिजली विभाग से 0.5 पैसे प्रति यूनिट, किराये से 80 लाख सालाना, एसडीएम व आरटीए कार्यालय से वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस व ड्राइविंग लाइसेंस में से निश्चित राशि सहित प्रॉपर्टी टैक्स से करीब 10 करोड़ रुपये की आय होती है। इस तरह से परिषद का खर्च चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां से फंड मिलना हुआ बंद : नगर परिषद द्वारा पूरे शहर की लाइटों सहित अन्य बिजली बिलों को भरने में बिजली विभाग से आने वाली आमदनी बिलों के तौर पर ही एडजस्ट हो जाती है। बिजली बिल करीब 40 से 45 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। एसडीएम व आरटीए विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस व वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस में से आने वाली निश्चित प्रतिशत की राशि अप्रैल माह से नहीं आई है। बताया जा रहा है कि नए सॉफ्टवेयर में इसके लिए प्रावधान ही नहीं हैं। शहर में करीब 8 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।

हुडा के सेक्टरों की रखरखाव का खर्च बढ़ा : नगर परिषद के हवाले किए गए हुडा के सेक्टर 19, 20 व मॉडल टाऊन जींद रोड के क्षेत्र के चलते खर्च बढ़ गया है। परिषद को यहां से कोई आय नहीं हो रही।

आमदनी कमी, खर्च ज्यादा : नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार परिषद के मासिक कार्य को चलाने के लिए लगभग सवा से डेढ़ करोड़ रुपया चाहिए। जिसमें 450 कर्मचारियों के वेतन सहित व्यवस्था के सारे खर्च शामिल हैं। लेकिन विभिन्न स्रोतों से केवल 80 से 85 लाख रुपये की आय परिषद को हो रही है। जिस कारण वित्तीय संकट महीने दर महीने बढ़ता जा रहा है।

शहर में लंबित पड़े प्रोजेक्टस : करीब 5 सालों से भाई उदय सिंह किले के निकट बनाए जा रहे मल्टीस्टोरी पार्किंग का कार्य बीच में है। इस भवन से परिषद को वाहन खड़ा करने के लिए किराये की सुविधा से आय बढ़ सकती है। इसके अलावा भी किराया व अन्य योजनाओं की कमी में परिषद में काम चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

कई माह का अभी तक अटका है वेतन : सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान शिवचरण का कहना है कि हर माह कर्मचारियों को वेतन के लिए आंदोलन करना पड़ता है। पिछले छह माह से ज्यादा परेशानी आ रही है। नियमित कर्मचारियों को 2 माह का वेतन अब मिला है। ठेके पर कार्यरत 110 कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिला है। छह माह में से केवल 1 माह 19 दिन का मिला है। 75 कर्मचारी डोर टू डोर के कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी हैं, 4 माह से उनका वेतन लटका है। कार्यालय के कच्चे कर्मचारियों का 2 माह से वेतन बकाया है। जवाहर पार्क के 30 कर्मचारियों का 2 माह से बकाया है।

व्यवस्था भगवान भरोसे होने के कारण परेशानी : सत्तापक्ष के चेयरमैन को हटाए जाने के बाद कांग्रेस पक्ष से डॉ. पवन थरेजा बतौर कार्यकारी चेयरमैन काम संभाले हुए हैं। राजनीतिक उठा-पठक के बीच स्टाफ की कमी के चलते भी काफी काम काज प्रभावित हो रहा है। अब यहां चेयरमैन के चुनाव पर लोगों की नजरें हैं।


अधिकारियों से पूरे आय व व्यय की जानकारी मांगी गई है। पता लगाया जाएगा कि किस मद से आय बंद हुई है और क्यों? फंड्स की किल्लत है। सरकार से भी मांग है कि परिषद के संचालन के लिए ग्रांट दी जाए, ताकि व्यवस्था बनी रह सके।
डॉ. पवन थरेजा, कार्यकारी चेयरमैन, नगर परिषद कैथल।

- आमदनी लगभग 85 लाख, खर्चा प्रति महीने लगभग डेढ़ करोड़, नतीजा फंड्स के अभाव में नगर परिषद तंगहाल
-हुडा के सेक्टरों का अतिरिक्त कार्यभार, एसडीएम व आरटीए कार्यालय से आनी वाली राशि पर रोक, नहीं हो रही सुनवाई
फोटो संख्या-29, 30
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed