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Kaithal News: मंडियों में हुई 10 लाख 94 हजार क्विंटल धान की खरीद ः एसडीएम
Thu, 09 Oct 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:34 AM IST
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गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि अब तक विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 10 लाख 94 हजार क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है।
विशेष रूप से, चीका मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 3 लाख 93 हजार क्विंटल, हैफेड द्वारा 2 लाख 35 हजार क्विंटल और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 3 लाख 52 हजार क्विंटल धान खरीदी गई। वहीं, रामथली मंडी में 34 हजार, अरनौली मंडी में 23 हजार और भागल मंडी में 8 हजार क्विंटल धान की खरीद दर्ज की गई। एसडीएम ने किसानों को सलाह दी कि धान बेचने से पहले यह सुनिश्चित करें कि धान पूरी तरह सूखी हो, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि उनका उचित प्रबंधन करें। अवशेषों का इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में किया जा सकता है या मिट्टी में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सकती है। सरकार द्वारा फसल अवशेषों के सही प्रबंधन पर प्रति एकड़ 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। संवाद
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विशेष रूप से, चीका मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 3 लाख 93 हजार क्विंटल, हैफेड द्वारा 2 लाख 35 हजार क्विंटल और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 3 लाख 52 हजार क्विंटल धान खरीदी गई। वहीं, रामथली मंडी में 34 हजार, अरनौली मंडी में 23 हजार और भागल मंडी में 8 हजार क्विंटल धान की खरीद दर्ज की गई। एसडीएम ने किसानों को सलाह दी कि धान बेचने से पहले यह सुनिश्चित करें कि धान पूरी तरह सूखी हो, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि उनका उचित प्रबंधन करें। अवशेषों का इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में किया जा सकता है या मिट्टी में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सकती है। सरकार द्वारा फसल अवशेषों के सही प्रबंधन पर प्रति एकड़ 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। संवाद
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