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Kaithal News: सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में 10 आरोपी बरी
Wed, 30 Apr 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सेशन जज डाॅ. नंदिता कौशिक ने सरकारी काम में बाधा डालने के एक मामले में 10 आरोपियों को शक का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। इन सभी के खिलाफ पुलिस सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह ने 20 जनवरी 2021 को थाना तितरम में सरकारी काम में बाधा डालने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज करवाया था।
इसी मामले में एक अभियुक्त संदीप उर्फ भोला को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। मामले के अनुसार, 20 जनवरी 2021 को एसआई बलवान सिंह पुलिस टीम के साथ ओवर लोडेड वाहनों की चेकिंग के लिए थाना तितरम के पास मौजूद थे। एक युवक अपनी बाइक पर उनकी गाड़ी के पीछे चल रहा था व अपने मोबाइल फोन से पुलिस की लोकेशन किसी को दे रहा था। कुछ शक होने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। उसने अपना नाम अभिषेक उर्फ राहुल निवासी कैथल बताया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला जिसमें राम राम व जय श्री राम नाम से दो ग्रुप बने हुए थे। पूछने पर अभिषेक ने बताया कि वह पुलिस की लोकेशन इन ग्रुपों में भेज रहा है क्योंकि इन ग्रुपों में भारी वाहन चालकों के नंबर भी थे। इस प्रकार उसने सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी में बाधा डाली है तथा सरकारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
पुलिस ने अभिषेक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह विनोद कुमार उर्फ अक्की, राकेश, संदीप, कपिल देव, गुरप्रीत उर्फ गोरा, आनंद सिंह, बलजीत सिंह, रणजीत सिंह उर्फ राणा और शैलेंद्र उर्फ शिंद्र को आरटीओ की लोकेशन की जानकारी दे रहा था।
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पुलिस ने इन सभी को भी गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने दोनों पक्षों को ध्यान से सुना और पाया कि सभी आरोपी निर्दोष हैं। इसलिए उन्हें शक का लाभ देते हुए अपने 62 पेज के फैसले में उन्हें बरी कर दिया।
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कैथल। अतिरिक्त सेशन जज डाॅ. नंदिता कौशिक ने सरकारी काम में बाधा डालने के एक मामले में 10 आरोपियों को शक का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। इन सभी के खिलाफ पुलिस सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह ने 20 जनवरी 2021 को थाना तितरम में सरकारी काम में बाधा डालने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज करवाया था।
इसी मामले में एक अभियुक्त संदीप उर्फ भोला को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। मामले के अनुसार, 20 जनवरी 2021 को एसआई बलवान सिंह पुलिस टीम के साथ ओवर लोडेड वाहनों की चेकिंग के लिए थाना तितरम के पास मौजूद थे। एक युवक अपनी बाइक पर उनकी गाड़ी के पीछे चल रहा था व अपने मोबाइल फोन से पुलिस की लोकेशन किसी को दे रहा था। कुछ शक होने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। उसने अपना नाम अभिषेक उर्फ राहुल निवासी कैथल बताया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला जिसमें राम राम व जय श्री राम नाम से दो ग्रुप बने हुए थे। पूछने पर अभिषेक ने बताया कि वह पुलिस की लोकेशन इन ग्रुपों में भेज रहा है क्योंकि इन ग्रुपों में भारी वाहन चालकों के नंबर भी थे। इस प्रकार उसने सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी में बाधा डाली है तथा सरकारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
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पुलिस ने अभिषेक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह विनोद कुमार उर्फ अक्की, राकेश, संदीप, कपिल देव, गुरप्रीत उर्फ गोरा, आनंद सिंह, बलजीत सिंह, रणजीत सिंह उर्फ राणा और शैलेंद्र उर्फ शिंद्र को आरटीओ की लोकेशन की जानकारी दे रहा था।
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पुलिस ने इन सभी को भी गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने दोनों पक्षों को ध्यान से सुना और पाया कि सभी आरोपी निर्दोष हैं। इसलिए उन्हें शक का लाभ देते हुए अपने 62 पेज के फैसले में उन्हें बरी कर दिया।