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Jind News: मेले में हुआ दंगल, कलवा गुज्जर ने जीता 1.1 लाख का इनाम
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03जेएनडी05: हटकेश्वर धाम में पूजा करने आए श्रद्धालु। श्रद्धालु
- फोटो : घटना के बाद जांच करती पुलिस।
सफीदों। सफीदों क्षेत्र के गांव हाट में श्रावण माह के अंतिम शनिवार व रविवार को महाभारत कालीन हाटकेश्वर तीर्थ पर मेले का आयोजन किया गया जिसमें इनामी कुश्ती दंगल भी करवाया गया। जिसमें कलवा गुज्जर ने इरफान को हराकर एक लाख एक हजार रुपये का इनामी दंगल जीता।
धाम के पवित्र सरोवर में स्नान कर श्रद्धालु दादा तीर्थ महाराज की पूजा अर्चना की। हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब व अन्य कई राज्यों से श्रद्धालु व पहलवान यहां पहुंचे। धाम में स्नान से 68 तीर्थों जैसा पुण्य प्राप्त होता है। मेले के दौरान हाटकेश्वर धाम व बाबा गिरड़ी दास मंदिर में भंडारा भी चला। धाम कमेटी प्रधान बिल्लू बूरा व श्री ठाकुर शिव मंदिर समिति प्रधान बलबीर बूरा ने बताया कि हाटकेश्वर धाम पर हर वर्ष सावन के अंतिम रविवार को मेले का आयोजन किया जाता है।
यह परंपरा वर्षों पुरानी है। शिव पुराण के अनुसार दधीचि ऋषि ने हाट गांव में ही राक्षसों का खात्मा करने के लिए अपनी हड्डियां दान की थी। बताया जाता है महर्षि की हड्डियों से एक वज्र बनाया गया है। जिससे दानवों का खात्मा किया गया। उसके बाद से मान्यता है कि हाटकेश्वर धाम पर सावन के अंतिम रविवार को स्नान करने से 68 तीर्थों के स्नान का फल प्राप्त होता है।
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फोटो कैप्शन
03जेएनडी04: कुश्ती दंगल में जोर आजमाइश करते हुए पहलवान। श्रद्धालु
03जेएनडी05: हटकेश्वर धाम में पूजा करने आए श्रद्धालु। श्रद्धालु
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धाम के पवित्र सरोवर में स्नान कर श्रद्धालु दादा तीर्थ महाराज की पूजा अर्चना की। हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब व अन्य कई राज्यों से श्रद्धालु व पहलवान यहां पहुंचे। धाम में स्नान से 68 तीर्थों जैसा पुण्य प्राप्त होता है। मेले के दौरान हाटकेश्वर धाम व बाबा गिरड़ी दास मंदिर में भंडारा भी चला। धाम कमेटी प्रधान बिल्लू बूरा व श्री ठाकुर शिव मंदिर समिति प्रधान बलबीर बूरा ने बताया कि हाटकेश्वर धाम पर हर वर्ष सावन के अंतिम रविवार को मेले का आयोजन किया जाता है।
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यह परंपरा वर्षों पुरानी है। शिव पुराण के अनुसार दधीचि ऋषि ने हाट गांव में ही राक्षसों का खात्मा करने के लिए अपनी हड्डियां दान की थी। बताया जाता है महर्षि की हड्डियों से एक वज्र बनाया गया है। जिससे दानवों का खात्मा किया गया। उसके बाद से मान्यता है कि हाटकेश्वर धाम पर सावन के अंतिम रविवार को स्नान करने से 68 तीर्थों के स्नान का फल प्राप्त होता है।
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03जेएनडी04: कुश्ती दंगल में जोर आजमाइश करते हुए पहलवान। श्रद्धालु
03जेएनडी05: हटकेश्वर धाम में पूजा करने आए श्रद्धालु। श्रद्धालु