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12 वर्ष से वर्कर्स की प्रोत्साहन राशि नहीं बढ़ रही : नीलम
Tue, 25 Mar 2025 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:17 AM IST
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24जेएनडी23-मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपती हुई आशा वर्कर्स। स्रोत यूनियन
जींद। सीटू से संबंधित आशा वर्कर्स एंड फेसिलिटेटर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर जींद जिले की आशा वर्कर्स और फेसिलिटेटर ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान नीलम, जिला सचिव राजबाला, जिला कैशियर जगवती ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 12 वर्ष से आशा वर्कर्स की प्रोत्साहन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आशा वर्कर्स की हड़ताल के दौरान 73 दिन के काटे गए मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए। एनएचएम को स्थाई प्रोग्राम बनाकर आशा वर्कर को पक्का कर्मचारी बनाया जाए। जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक 45 वें 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू करते हुए आशाओं को न्यूनतम वेतन 26 हजार दिया जाए। छह माह का सवेतन मातृत्व अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता के आधार पर अन्य पदों पर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए। सभी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष बनाए जाए।
आशा कार्यकर्ताओं को स्कूटर दिया जाए व ड्यूटी के लिए यात्रा व्यय का भुगतान किया जाए। अच्छी गुणवत्ता वाले टैबलेट, डेटा पैक, नेटवर्क और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाए जाए। ऑनलाइन काम के वर्कर्स को इंसेंटिव दिए जाए। सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे सहित सभी बुनियादी सेवाओं के निजीकरण के प्रस्ताव पर रोक लगाई जाए। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव कपूर सिंह, सीटू जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र, मुकेश, रोशनी, कविता, रामो, शीला और सरोज भी मौजूद रहे।
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जिला प्रधान नीलम, जिला सचिव राजबाला, जिला कैशियर जगवती ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 12 वर्ष से आशा वर्कर्स की प्रोत्साहन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आशा वर्कर्स की हड़ताल के दौरान 73 दिन के काटे गए मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए। एनएचएम को स्थाई प्रोग्राम बनाकर आशा वर्कर को पक्का कर्मचारी बनाया जाए। जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक 45 वें 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू करते हुए आशाओं को न्यूनतम वेतन 26 हजार दिया जाए। छह माह का सवेतन मातृत्व अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता के आधार पर अन्य पदों पर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए। सभी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष बनाए जाए।
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आशा कार्यकर्ताओं को स्कूटर दिया जाए व ड्यूटी के लिए यात्रा व्यय का भुगतान किया जाए। अच्छी गुणवत्ता वाले टैबलेट, डेटा पैक, नेटवर्क और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाए जाए। ऑनलाइन काम के वर्कर्स को इंसेंटिव दिए जाए। सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे सहित सभी बुनियादी सेवाओं के निजीकरण के प्रस्ताव पर रोक लगाई जाए। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव कपूर सिंह, सीटू जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र, मुकेश, रोशनी, कविता, रामो, शीला और सरोज भी मौजूद रहे।
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