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Jind News: सोशल मीडिया सहित सभी मीडिया माध्यमों पर रहेगी पैनी नजर
Fri, 29 Mar 2024 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 29 Mar 2024 01:21 AM IST
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जींद। लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स हैंडल आदि का राजनीतिक दल और प्रत्याशियों को सावधानी के साथ प्रयोग करना होगा। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर जारी होने वाली हर सूचना पर भारत चुनाव आयोग सहित जिला निर्वाचन कार्यालय की पैनी नजर रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि भारत चुनाव आयोग ने इस बार के लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए जिले से लेकर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित की है। टीम न केवल जारी सूचना की जांच करेगी, बल्कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी तरह का अनर्गल पोस्ट करने से बचें।
भ्रामक खबरों पर भी रखी जा रही है कड़ी नजर
भारत निर्वाचन आयोग व जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया के जरिए आने वाली भ्रामक खबरों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके दायरे में यूट्यूब चैनल के माध्यम से आने वाली खबरें भी आएंगी। इसके लिए आयोग ने एक्सपर्ट टीम तैयार की है, जिसमें आईटी से जुड़े लोग, मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। विभिन्न समाचार चैनल और अखबारों में आने वाली खबरें भी इसके दायरे में है। हर दिन जिला स्तर पर अखबार और चैनल में प्रकाशित खबरों की समीक्षा भी की जाएगी। अगर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का कोई मामला जिला प्रशासन की नजर में आएगा तो कारण बताओ नोटिस के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आईटी अधिनियम की धारा 69 और 79 (3) के तहत अधिकारियों को फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का अधिकार भारत चुनाव आयोग को है।
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भ्रामक खबरों पर भी रखी जा रही है कड़ी नजर
भारत निर्वाचन आयोग व जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया के जरिए आने वाली भ्रामक खबरों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके दायरे में यूट्यूब चैनल के माध्यम से आने वाली खबरें भी आएंगी। इसके लिए आयोग ने एक्सपर्ट टीम तैयार की है, जिसमें आईटी से जुड़े लोग, मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। विभिन्न समाचार चैनल और अखबारों में आने वाली खबरें भी इसके दायरे में है। हर दिन जिला स्तर पर अखबार और चैनल में प्रकाशित खबरों की समीक्षा भी की जाएगी। अगर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का कोई मामला जिला प्रशासन की नजर में आएगा तो कारण बताओ नोटिस के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आईटी अधिनियम की धारा 69 और 79 (3) के तहत अधिकारियों को फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का अधिकार भारत चुनाव आयोग को है।
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