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सीआरएसयू में हुई स्थायी भर्तियों के मामले की विजिलेंस जांच शुरू
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चौधरी रणबीर सिंह विवि में 2018 से 2021 के बीच हुई स्थायी नियुक्तियों के मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए विजिलेंस ने विवि से इन नियुक्तियों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड मांगा है। विजिलेंस के उप निरीक्षक बलजीत सिंह ने वीरवार को विवि पहुंचकर विश्वविद्यालय से जांच के लिए रिकॉर्ड मांगा।
गौरतलब है कि प्रोफेसर आरबी सोलंकी के कुलपति रहते सीआरएयू में मई 2018 से जनवरी 2021 तक भर्तियों की प्रक्रिया चली थी। इस दौरान 14 प्रोफेसर, तीन क्लर्क व दो चालकों की नियुक्ति की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के दौरान से ही इन पर सवाल उठ रहे थे। विवि के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने इसकी शिकायत सरकार को की थी, इस पर अब विजिलेंस ने जांच शुरू की है। इस मामले में शिकायतकर्ता प्रोफेसर संदीप बेरवाल के अलावा कोई जांच में शामिल नहीं हुआ। प्रोफेसर संदीप बेरवाल द्वारा चयन कमेटी की मीटिंग में ही नियुक्तियों में अनियमितता के आरोप लगाए थे। इसको लेकर बड़ा हंगामा हुआ और खुद प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने विवि में ही धरना भी दिया था। विवि के पूर्व रजिस्ट्रार राजबीर सिंह ने भी उनका समर्थन किया था। इस प्रकारण के बाद ही प्रोफेसर संदीप बेरवाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। वे फिलहाल निलंबित ही चल रहे हैं। वहीं भर्तियों के दौरान विवादों में रहने वाले कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी इसी साल 24 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए थे। उस समय के रजिस्ट्रार की प्रति नियुक्ति भी रद्द कर दी गई थी।
भर्तियों पर रोक के बाद दी नियुक्ति
वहीं आरोप हैं कि सरकार द्वारा 19 जनवरी को भर्तियों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद 19 जनवरी को ही दो चालकों को नियुक्ति दी गई। यह भी आरोप हैं कि इनकी नियुक्तियों को पीछे की तारीख में दिखाया गया है।
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विजिलेंस ने मांगा है रिकार्ड
विजिलेंस टीम जांच के लिए विश्वविद्यालय आई थी। विजिलेंस ने जून 2018 से जनवरी 2021 के दौरान हुई स्थायी भर्तियों का रिकार्ड मांगा है। ये रिकार्ड विजिलेंस को उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. राजेश बंसल, रजिस्ट्रार, सीआरएसयू
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गौरतलब है कि प्रोफेसर आरबी सोलंकी के कुलपति रहते सीआरएयू में मई 2018 से जनवरी 2021 तक भर्तियों की प्रक्रिया चली थी। इस दौरान 14 प्रोफेसर, तीन क्लर्क व दो चालकों की नियुक्ति की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के दौरान से ही इन पर सवाल उठ रहे थे। विवि के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने इसकी शिकायत सरकार को की थी, इस पर अब विजिलेंस ने जांच शुरू की है। इस मामले में शिकायतकर्ता प्रोफेसर संदीप बेरवाल के अलावा कोई जांच में शामिल नहीं हुआ। प्रोफेसर संदीप बेरवाल द्वारा चयन कमेटी की मीटिंग में ही नियुक्तियों में अनियमितता के आरोप लगाए थे। इसको लेकर बड़ा हंगामा हुआ और खुद प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने विवि में ही धरना भी दिया था। विवि के पूर्व रजिस्ट्रार राजबीर सिंह ने भी उनका समर्थन किया था। इस प्रकारण के बाद ही प्रोफेसर संदीप बेरवाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। वे फिलहाल निलंबित ही चल रहे हैं। वहीं भर्तियों के दौरान विवादों में रहने वाले कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी इसी साल 24 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए थे। उस समय के रजिस्ट्रार की प्रति नियुक्ति भी रद्द कर दी गई थी।
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भर्तियों पर रोक के बाद दी नियुक्ति
वहीं आरोप हैं कि सरकार द्वारा 19 जनवरी को भर्तियों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद 19 जनवरी को ही दो चालकों को नियुक्ति दी गई। यह भी आरोप हैं कि इनकी नियुक्तियों को पीछे की तारीख में दिखाया गया है।
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विजिलेंस ने मांगा है रिकार्ड
विजिलेंस टीम जांच के लिए विश्वविद्यालय आई थी। विजिलेंस ने जून 2018 से जनवरी 2021 के दौरान हुई स्थायी भर्तियों का रिकार्ड मांगा है। ये रिकार्ड विजिलेंस को उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. राजेश बंसल, रजिस्ट्रार, सीआरएसयू