{"_id":"67437f008de964540d010f64","slug":"toilets-constructed-at-the-cost-of-rs-11-lakh-in-civil-hospital-are-locked-jind-news-c-199-1-sroh1009-126203-2024-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: नागरिक अस्पताल में 11 लाख खर्च कर बनवाया शौचालय पर लगा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: नागरिक अस्पताल में 11 लाख खर्च कर बनवाया शौचालय पर लगा ताला
विज्ञापन
24जेएनडी34: नागरिक अस्पताल में शव गृह के पास बनवाया गया शौचालय, जिस पर ताला लगा है। संवाद
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से इमारतें तो बना दी गई हैं, लेकिन मरीजों को शौचालय की मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाने में अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।
शव गृह के पास ही वर्ष 2011 में 11 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरूष के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाया गया था। शुरू में तो इस शौचालय का रखरखाव ठीक से रखा गया। फिर इसे बंद कर दिया गया। बाद में आमजन के दबाव में इसे खोला भी गया, लेकिन अब इस शौचालय की व्यवस्था ठीक से न होने के चलते यह उपयोग लायक भी नहीं है। इसके चलते इस पर ताले लटके हुए हैं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले लोगों ने शौचालय व्यवस्था को लेकर रोष जताया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 तक की ओपीडी होती है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करवाने सहित अन्य कार्य करवाने के लिए भी सैंकडों लोग आते हैं। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भी लोग आते हैं। पोस्टमार्टम रूम के पास ही शौचालय बनवाया गया है लेकिन रखरखाव के अभाव में यह शौचालय उपयोग करने लायक नही है और इसे बंद कर दिया गया है। महिला शौचालय के बाहर तो ताला लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। पुरानी बिल्डिंग में शौचालय व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। गंभीर मरीज को जब परिजन शौच करवाने आते हैं तो यहां सफाई नहीं होने के कारण मुंह पर कपड़ा ढककर रखना पड़ता है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की जांच होती है। इसके अलावा पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड व लैब भी है। रात के समय आपातकालीन स्थिति में मरीज व उनके परिजनों को इमरजेंसी वार्ड में रूकना पड़ता है। वहीं लैब में मरीजों के सैंपल लेकर जांच होती है। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों का कहना है कि शौचालयों में साफ.-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। शौचालय को फिर से खुलवाया जाएगा और इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन
डाॅ. गोपाल गोयल सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।
विज्ञापन
शव गृह के पास ही वर्ष 2011 में 11 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरूष के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाया गया था। शुरू में तो इस शौचालय का रखरखाव ठीक से रखा गया। फिर इसे बंद कर दिया गया। बाद में आमजन के दबाव में इसे खोला भी गया, लेकिन अब इस शौचालय की व्यवस्था ठीक से न होने के चलते यह उपयोग लायक भी नहीं है। इसके चलते इस पर ताले लटके हुए हैं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले लोगों ने शौचालय व्यवस्था को लेकर रोष जताया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 तक की ओपीडी होती है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करवाने सहित अन्य कार्य करवाने के लिए भी सैंकडों लोग आते हैं। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भी लोग आते हैं। पोस्टमार्टम रूम के पास ही शौचालय बनवाया गया है लेकिन रखरखाव के अभाव में यह शौचालय उपयोग करने लायक नही है और इसे बंद कर दिया गया है। महिला शौचालय के बाहर तो ताला लगा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। पुरानी बिल्डिंग में शौचालय व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। गंभीर मरीज को जब परिजन शौच करवाने आते हैं तो यहां सफाई नहीं होने के कारण मुंह पर कपड़ा ढककर रखना पड़ता है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की जांच होती है। इसके अलावा पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड व लैब भी है। रात के समय आपातकालीन स्थिति में मरीज व उनके परिजनों को इमरजेंसी वार्ड में रूकना पड़ता है। वहीं लैब में मरीजों के सैंपल लेकर जांच होती है। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ रहती है। मरीजों का कहना है कि शौचालयों में साफ.-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन
शव गृह के पास शौचालय एडीसी कार्यालय की ओर से बनवाया गया है। शौचालय को फिर से खुलवाया जाएगा और इसके साथ ही अस्पताल परिसर में अन्य शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन
डाॅ. गोपाल गोयल सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।