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कल खटकड़ टोल पर पहुंचे टिकैत, खटकड़ में खाएंगे बाजरे की रोटी, पीएंगे लस्सी
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उिचाना। तीन फरवरी को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत खटकड़ टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचेंगे। इस दौरान अधिक भागीदारी जुटाने के लिए किसान नेताओं ने अलग-अलग चार टीमें बनाई हैं। खटकड़ टोल के पास मंच बनाया जाएगा तो टोल की दो लाइनों को वाहनों के आवागमन के लिए छोड़ा जाएगा। खटकड़ गांव में उन्हें बांगर का देसी भोजन कराया जाएगा। भोजन में बाजरे की रोटी, लहसून की चटनी और लस्सी होगी। मीठे में खीर बनाई जाएगी।
टिकैत के कार्यक्रम में भारी संख्या में भीड़ जमा कराने के लिए मुनादी करवाई जा रही है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था अलग-अलग रूट के हिसाब से की जाएगी। आजाद पालवां, सतबीर पहलवान, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, बिजेंद्र संधु ने बताया कि खटकड़ व झांझ की तरफ पार्किंग की व्यवस्था करवाई जाएगी। झांझ गांव से ट्रैक्टर के काफिले के साथ राकेश टिकैत टोल प्लाजा स्थित धरना स्थल पर आएंगे। मंच छोटा होगा ताकि ज्यादा लोग मंच पर न चढ़ सकें। इस दौरान वे खटकड़ गांव के गुरुद्वारा में भी मत्था टेकेंगे।
खटकड़ टोल पर 38 दिनों से किसानों का धरना जारी है। महिलाओं की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। घर के कामकाज करके महिलाएं धरने पर पहुंच रही हैं। कलाकार किसानों पर आधारित रागिनी गाकर जोश और उत्साह बढ़ा रहे हैं।
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टिकैत के कार्यक्रम में भारी संख्या में भीड़ जमा कराने के लिए मुनादी करवाई जा रही है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था अलग-अलग रूट के हिसाब से की जाएगी। आजाद पालवां, सतबीर पहलवान, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, बिजेंद्र संधु ने बताया कि खटकड़ व झांझ की तरफ पार्किंग की व्यवस्था करवाई जाएगी। झांझ गांव से ट्रैक्टर के काफिले के साथ राकेश टिकैत टोल प्लाजा स्थित धरना स्थल पर आएंगे। मंच छोटा होगा ताकि ज्यादा लोग मंच पर न चढ़ सकें। इस दौरान वे खटकड़ गांव के गुरुद्वारा में भी मत्था टेकेंगे।
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खटकड़ टोल पर 38 दिनों से किसानों का धरना जारी है। महिलाओं की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। घर के कामकाज करके महिलाएं धरने पर पहुंच रही हैं। कलाकार किसानों पर आधारित रागिनी गाकर जोश और उत्साह बढ़ा रहे हैं।
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