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Jind News: जांच में तीन स्कूली बसे जब्त, 2.58 लाख रुपये के चालान
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फोटो 20जेएनडी08-सफीदों क्षेत्र के एक निजी स्कूल में जांच करने पहुंची आटीए कार्यालय की टीम। स्रो
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जींद। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम ने वीरवार को सफीदों और पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में स्कूली बसों की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान पांच स्कूलों की 18 बसों की जांच की गई। जांच में फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत अन्य खामियां मिलने पर तीन बसों को जब्त कर 2.58 लाख रुपये का चालान किया।
स्कूली बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वीरवार को स्कूली बसों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर और एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक प्रतिनिधि शामिल होता है। टीम द्वारा बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है।
इसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ चालक और परिचालक के लाइसेंस की भी जांच की जाती है। पिछले सप्ताह जुलाना क्षेत्र में तीन स्कूलों की सात बसों की जांच की गई थी। सभी बसों में निर्धारित मानक पूरे पाए जाने के कारण उस दौरान कोई चालान नहीं किया गया था।
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वर्जन
कई बार बस चालक नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों में सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कर विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना है। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
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स्कूली बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वीरवार को स्कूली बसों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर और एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक प्रतिनिधि शामिल होता है। टीम द्वारा बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है।
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इसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ चालक और परिचालक के लाइसेंस की भी जांच की जाती है। पिछले सप्ताह जुलाना क्षेत्र में तीन स्कूलों की सात बसों की जांच की गई थी। सभी बसों में निर्धारित मानक पूरे पाए जाने के कारण उस दौरान कोई चालान नहीं किया गया था।
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कई बार बस चालक नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों में सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कर विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना है। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद