फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The waste of respect is making employees work

Jind News: कर्मचारियों की कामचाेरी करा रही इज्जत का कचरा

Sat, 15 Feb 2025 12:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
The waste of respect is making employees work
सुशील टुर्ण
विज्ञापन

जींद। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की कामचोरी विभाग की इज्जत का कचरा करा रही है। इसका खामियाजा जिलेभर के बुजुर्ग भुगत रहे हैं। नियमानुसार इन बुजुर्गों की पेंशन बनाने के लिए विभाग के कर्मियों को गांव में जाकर पेंशन धारक की जांच कर फोटो खींचकर अपलोड करनी होती है। इसके विपरीत विभाग के कर्मचारी गांव में न जाकर बुजुर्गों को ही जिला मुख्यालय बुला रहे हैं। इससे बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बार जिला समाज कल्याण विभाग के पास 5600 बुजुर्गाें की पेंशन बनाने के लिए प्रो एक्टिव के तहत सूची मिली है। पिछले तीन वर्ष में इतनी ज्यादा संख्या में पहली बार बुजुर्गों की सूची मिली। शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग कार्यालय में दिनभर बुजुर्गों की भीड़ लगी रही। इन बुजुर्गों को पेंशन बनने की फोन पर विभागीय कर्मियों ने जानकारी देकर दस्तावेज साथ लाने व फोटो खिंचवाने की बात कही थी। सबसे अधिक सफीदों खंड के बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग में आए हुए थे।
विज्ञापन

जींद से सफीदों की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। गांवों से आने वाले बुजुर्गों को इससे भी अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इन बुजुर्गों को जींद आने से पहले गांव से शहर में जाना पड़ता है। विभागीय कर्मियों की लापरवाही का खामियाजा बुजुर्ग भुगत रहे हैं। इससे पहले भी पेंशन के लिए धारकों को खंड के बीडीपीओ कार्यालय में बुलाया जाता रहा है, जबकि जिम्मेदार कर्मचारी की ड्यूटी होती है कि गांव में जाकर बुजुर्गों की पेंशन बनाई जाए। सरकार की योजना भी घर बैठे पेंशन देने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
समाज कल्याण विभाग पर अब बढ़ा पेंशन का काम
समाज कल्याण विभाग की तरफ से बनने वाली पेंशन का काम पहले जोनल क्रीड मैनेजर के पास था। इसमें 113 गांव व जिले के शहरों के 41 वार्ड में जोनल क्रीड मैनेजर पेंशन बनाने का काम करता था। अब यह काम जोनल क्रीड मैनेजर से वापस लेकर समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है। इसके कारण विभाग के पास काम की अधिकता हुई है। प्रो एक्टिव के तहत समाज कल्याण विभाग ने अब तक लगभग 22 हजार पेंशन बनाई हैं।
बाक्स
नरवाना में गलत तरीके से पेंशन बनाने का उछला था मामला
पिछले महीने समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली पेंशन राशि फर्जी तरीके से बनवाने का मामला भी उछला था, हालांकि इस मामले में विभागीय कार्रवाई चली हुई है। इसके बावजूद भी विभाग के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को निभाने से बच रहे हैं।
बाक्स
बदइंतजामी... सुबह 10 बजे से 3 बजे तक बैठे रहे बुजुर्ग
बुजुर्ग बीरमति व राजेंद्र ने बताया कि वह पेंशन बनवाने के लिए सुबह 10 बजे ही कार्यालय पहुंच गए थे, लेकिन कर्मचारी मौके पर नहीं मिलने के कारण वह पिछले कई घंटे से कार्यालय के बाहर ही बैठे हैं। शाम 3 बजे तक इंतजार करते रहे। कर्मचारी घर-घर जाकर पेंशन तो बनाने से रहे, लेकिन कार्यालय आने पर भी काम नहीं बन पा रहा है।

बाक्स
खंड स्तर पर जाकर पेंशन बनाई जाती है। जो लोग खंडस्तर पर कर्मचारी के बुलाने से नहीं पहुंचे थे, वह कार्यालय में आकर पेंशन बनवा रहे हैं। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि खंडस्तर पर पेंशन बनाने के लिए बुजुर्गों को बुलाया जाए।
-सरोज ढांडा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed