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सिर पर मंडरा रहे खतरे को नहीं भांप पाए करंट लगने से मरने वाले तीनों मजदूर

Wed, 01 Sep 2021 11:53 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 11:53 PM IST
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The three laborers who died due to electrocution could not understand the danger looming over their heads.
परिजनों के गले लिपटकर बिलखते निजवान। संवाद - फोटो : Jind
तूड़े की ट्रॉली 11 हजार वोल्टेज के बिजली के तारों से टकराने से बुधवार सुबह मलार गांव के हुए हादसे में जान गांवाने वाली पानीपत जिले के गांव गढ़ी बेसर निवासी 25 वर्षीय आमिर, 27 वर्षीय अमजद व गांव राणा माजरा निवासी 23 वर्षीय मोमिन की मौत हो गई। बिजली के तार उनके ऊपर ही था, लेकिन यह लोग सिर पर मंडरा रहे खतरे को नहीं भांप पाए। वहीं हादसे में गढ़ी बेसर गांव निवासी निजवान नामक दो युवकों ने मौत को न सिर्फ बेहद करीब से देखा, बल्कि मौत उनको छूकर निकल गई। दोनों को बिजली का झटका तो लगा, लेकिन उनकी जान बच गई। यह दोनों ट्रॉली के ऊपर बैठे थे, जबकि मरने वाले तीनों युवक तिरपाल से तूड़े की ट्रॉली को बांधकर खींच रहे थे। ऐसे में करंट के साथ अर्थ बनने से इन तीनों को जोर का झटका लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दरअसल ट्रैक्टर-ट्रॉली में तूड़ा भरने के लिए पानीपत के गढ़ी बेसर व राणा माजरा गांवों से 12 लोग मंगलवार को मलारा पहुंच गए थे। रात को इन्होंने ट्रॉली में करीब 180 क्विंटल तूड़ा भर लिया, लेकिन सुबह जब यह लोग वापस जा रहे थे तो खेत के कच्चे रास्ते में ट्रॉली धंस गई। इसको निकालने के लिए तिरपाल ट्रॉली से बांधकर मोमिन, आमिर व अमजद ने खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान हादसा हो गया। वहीं निजवान नामक दो युवक ट्रॉली के ऊपर बैठे थे, इनको झटका तो लगा, लेकिन जान बच गई।
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मौसम बना हादसे का कारण
बिजली निगम के एक अधिकारी ने बताया कि 11 हजार वोल्टेज की लाइन पावर हाउस से ट्रांसफार्मर तक बिजली पहुंचाने में प्रयोग होती है। बारिश के मौसम में बिना छूए भी इस लाइन से करंट लग सकता है। इसकी चपेट में आने से बिजली शरीर का सारा खून सुखा देती है और कुछ ही क्षण में व्यक्ति की मौत हो जाती है। जमीन पर खड़े होकर गीले तिरपाल से ट्रॉली खींचने के चलते करंट और भी तेज से आया, क्योंकि यह लोग जमीन पर थे। इससे अर्थ बन गया। उल्टा इनके कारण ही ट्रॉली के ऊपर बैठे लोगों को झटक लगा है। यदि तुरंत इनकी मौत नहीं होती तो ट्रॉली के ऊपर बैठे लोगों की भी जान जा सकती थी।
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मजदूरी कर पाल रहे थे परिवार का पेट
सफीदों के नागरिक अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि यह लोग ठेकेदार के लिए काम करते थे। एक ट्रॉली भरने के 600 रुपये मजदूरी लेते थे। मोमिन के दो लड़के व अमजद को एक लड़की है।
मंजर को याद कर बार-बार सिहर उठते हैं निजवान
गढ़ी बेसर गांव निवासी निजवान नामक दोनोें युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है, लेकिन घटना जेहन में आते ही सिहर उठते हैं। अस्पताल में भी जब कोई भी उनसे घटना के बारे में पूछता तो दोनों सिहर उठते और आंसू नहीं रोक पाते हैं।

पुलिस कर रही है मामले की जांच
सुबह पुलिस को जानकारी मिली थी कि मलार गांव के पास हादसा हुआ है। इसमें तीन लोगों की मौत हुई है। परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद हादसे के सही कारणों का पता लगाया जाएगा।
धर्मवीर सिंह खर्ब, डीएसपी।

 मलार गांव के खेत के कच्चे रास्ते में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली, जिससे हादसा हुआ। संवाद

मलार गांव के खेत के कच्चे रास्ते में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली, जिससे हादसा हुआ। संवाद- फोटो : Jind

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