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दरक रही शहर की सड़कों की हकीकत जानने के लिए निकली अधिकारियों की टीम ने नगर परिषद के काम पर जताई नाराजगी
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रोहतक रोड पर जांच करने पहुंचे अधिकारी। संवाद
- फोटो : Jind
जुलाई महीने में हुई बारिश के दौरान धंसी सड़कों की जांच के लिए डीसी नरेश कुमार द्वारा गठित कमेटी ने सोमवार को मामले की जांच शुरू की। इसमें एडीसी साहिल गुप्ता, जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, सिंचाई विभाग के एक्सईएन व डीएमसी संजय बिश्नोई भी मौके पर गए। इस दौरान सभी अधिकारियों ने रोहतक रोड, मिनी बाईपास का निरीक्षण किया। एडीसी साहिल गुप्ता ने नगर परिषद के काम पर नाराजगी जताई।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही डीसी नरेश कुमार ने एडीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। टीम ने सोमवार शहर में धंसी सड़कों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के इस दौरान टीम सबसे पहले रोहतक रोड पर धंसी सड़क का निरीक्षण किया। उसके बाद मिनी बाईपास पर धंसी सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भी पहले की तरह ही सभी अधिकारी एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। इस दौरान एडीसी के समक्ष ही बीएंडआर एक्सईएन सुलतान ने एडीसी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क निर्माण से पहले नगर परिषद ने अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन और जन स्वास्थ्य विभाग ने सीवरलाइन डाली थी। पाइपलाइन की लीकेज के कारण ही सड़क धंसी है। वहीं मिनी बाईपास पर एक्सईएन सुलतान सिंह कहा कि सड़क पिछले साल बनी थी। डेढ़ माह पहले नगर परिषद के ठेकेदार ने गोहाना रोड के नीचे पाइपलाइन डालने के लिए काम शुरू किया। इस लाइन में पानी छोड़ा गया। इसके बाद यह सड़क धंसी है। इस पर नगर परिषद एक्सईएन सुमित कुमार ने कहा कि जब तक बारिश के पानी की लाइन चालू भी नहीं हुई थी ऊपर से बरसाती पानी नीचे जाने से सड़क धंस सकती है। वहीं बस स्टैंड के पीछे धंसी सड़क के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतीश नैन ने नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराया। वहीं इससे पहले एडीसी कार्यालय में सभी अधिकारियों की मीटिंग हुई।
सब्जेक्ट कमेटी भी कर रही है जांच
वहीं इस मामले में विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी भी जांच कर रही है। पांच विधायकों की टीम ने पिछले महीने दौरा किया था। इसके बाद अब जांच की रिपोर्ट आनी है।
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नहीं आया एनआईटी का प्रतिनिधि
वहीं जांच में एनआईटी कुरुक्षेत्र के विशेषज्ञ को भी आना था, लेकिन नहीं आया। सूत्रों के अनुसार डीसी कार्यालय द्वारा गठित कमेटी में उनका नाम तो डाला गया, लेकिन उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई।
की जा रही है जांच
मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को पहली ही मीटिंग हुई है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनकी रिपोर्ट डीसी को सौंपी जाएगी।
साहिल गुप्ता, एडीसी।
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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही डीसी नरेश कुमार ने एडीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। टीम ने सोमवार शहर में धंसी सड़कों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के इस दौरान टीम सबसे पहले रोहतक रोड पर धंसी सड़क का निरीक्षण किया। उसके बाद मिनी बाईपास पर धंसी सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भी पहले की तरह ही सभी अधिकारी एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। इस दौरान एडीसी के समक्ष ही बीएंडआर एक्सईएन सुलतान ने एडीसी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क निर्माण से पहले नगर परिषद ने अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन और जन स्वास्थ्य विभाग ने सीवरलाइन डाली थी। पाइपलाइन की लीकेज के कारण ही सड़क धंसी है। वहीं मिनी बाईपास पर एक्सईएन सुलतान सिंह कहा कि सड़क पिछले साल बनी थी। डेढ़ माह पहले नगर परिषद के ठेकेदार ने गोहाना रोड के नीचे पाइपलाइन डालने के लिए काम शुरू किया। इस लाइन में पानी छोड़ा गया। इसके बाद यह सड़क धंसी है। इस पर नगर परिषद एक्सईएन सुमित कुमार ने कहा कि जब तक बारिश के पानी की लाइन चालू भी नहीं हुई थी ऊपर से बरसाती पानी नीचे जाने से सड़क धंस सकती है। वहीं बस स्टैंड के पीछे धंसी सड़क के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतीश नैन ने नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराया। वहीं इससे पहले एडीसी कार्यालय में सभी अधिकारियों की मीटिंग हुई।
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सब्जेक्ट कमेटी भी कर रही है जांच
वहीं इस मामले में विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी भी जांच कर रही है। पांच विधायकों की टीम ने पिछले महीने दौरा किया था। इसके बाद अब जांच की रिपोर्ट आनी है।
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नहीं आया एनआईटी का प्रतिनिधि
वहीं जांच में एनआईटी कुरुक्षेत्र के विशेषज्ञ को भी आना था, लेकिन नहीं आया। सूत्रों के अनुसार डीसी कार्यालय द्वारा गठित कमेटी में उनका नाम तो डाला गया, लेकिन उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई।
की जा रही है जांच
मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को पहली ही मीटिंग हुई है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनकी रिपोर्ट डीसी को सौंपी जाएगी।
साहिल गुप्ता, एडीसी।