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Jind News: बढ़ती गर्मी का बच्चों पर दिखने लगा असर
Wed, 22 May 2024 02:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 22 May 2024 02:26 AM IST
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21जेएनडी08 : नागरिक अस्पताल में बीमार बच्चों का इलाज करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रघुबीर पूनिया। स
जींद। एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी का असर बच्चों पर दिखाई देने लगा है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 के आसपास उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। नागरिक अस्पताल में एक ही बाल रोग विशेषज्ञ होने से पूरा दिन ओपीडी के आगे भीड़ लगी रहती है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सुबह 10 बजे के बाद और शाम को 5 बजे से पहले बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें, अन्यथा यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इस समय हवा में नमी की मात्रा बहुत कम है, इसलिए कूलर में पानी डालकर चलाने से काफी राहत मिलेगी।
पिछले एक सप्ताह से गर्मी पूरे उफान पर है। सूर्य सुबह से ही आग उगलने शुरू कर देते हैं। चार दिन से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ था, जो मंगलवार को 43 डिग्री दर्ज किया गया। इतनी भयंकर गर्मी का असर बच्चों पर अधिक हो रहा है। बच्चे गर्मी के कारण बीमार हो रहे हैं। इस समय बच्चों को गर्मी के कारण उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। ज्यादातर को उल्टी व दस्त की शिकायत रहती है, जबकि काफी बच्चों को बुखार भी आ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार यह सब गर्मी का असर है। ओपीडी में आने वाले 10 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को दाखिल भी करना पड़ रहा है। दो-तीन दिन अस्पताल में रहने के बाद ही बच्चे ठीक हो रहे हैं। अस्पताल में एक ही बाल रोग विशेषज्ञ होने के कारण ओपीडी के बाहर बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावकों की भीड़ रहती है। इस कारण उन्हें काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ता है।
विशेष सावधानी रखने की जरूरत : डॉ. पूनिया
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि इस समय गर्मी का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। उनको उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत हो रही है। बच्चों को धूप से बचाए रखने की जरूरत है। सुबह दस बजे के बाद और शाम पांच बजे से पहले बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दें। दिन में बच्चों को ओआरएस का घोल, नींबू पानी, लस्सी, शरबत जरूर पिलाएं। इसके अलावा नारियल का पानी भी काफी लाभदायक साबित होगा। इस समय हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।
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घर में सफाई जरूरी
डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि घर व आसपास में साफ-सफाई भी जरूरी है। यदि घर व आसपास में गंदगी होगी तो भी बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। इस समय मलेरिया व डेंगू का खतरा है, इसलिए घर में यदि सफाई होगी तो मच्छर नहीं होंगे। यदि घर में मच्छर नहीं होंगे तो मलेरिया व डेंगू का खतरा भी नहीं रहेगा।
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पिछले एक सप्ताह से गर्मी पूरे उफान पर है। सूर्य सुबह से ही आग उगलने शुरू कर देते हैं। चार दिन से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ था, जो मंगलवार को 43 डिग्री दर्ज किया गया। इतनी भयंकर गर्मी का असर बच्चों पर अधिक हो रहा है। बच्चे गर्मी के कारण बीमार हो रहे हैं। इस समय बच्चों को गर्मी के कारण उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। ज्यादातर को उल्टी व दस्त की शिकायत रहती है, जबकि काफी बच्चों को बुखार भी आ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार यह सब गर्मी का असर है। ओपीडी में आने वाले 10 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को दाखिल भी करना पड़ रहा है। दो-तीन दिन अस्पताल में रहने के बाद ही बच्चे ठीक हो रहे हैं। अस्पताल में एक ही बाल रोग विशेषज्ञ होने के कारण ओपीडी के बाहर बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावकों की भीड़ रहती है। इस कारण उन्हें काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ता है।
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विशेष सावधानी रखने की जरूरत : डॉ. पूनिया
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि इस समय गर्मी का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। उनको उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत हो रही है। बच्चों को धूप से बचाए रखने की जरूरत है। सुबह दस बजे के बाद और शाम पांच बजे से पहले बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दें। दिन में बच्चों को ओआरएस का घोल, नींबू पानी, लस्सी, शरबत जरूर पिलाएं। इसके अलावा नारियल का पानी भी काफी लाभदायक साबित होगा। इस समय हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।
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घर में सफाई जरूरी
डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि घर व आसपास में साफ-सफाई भी जरूरी है। यदि घर व आसपास में गंदगी होगी तो भी बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। इस समय मलेरिया व डेंगू का खतरा है, इसलिए घर में यदि सफाई होगी तो मच्छर नहीं होंगे। यदि घर में मच्छर नहीं होंगे तो मलेरिया व डेंगू का खतरा भी नहीं रहेगा।

21जेएनडी08 : नागरिक अस्पताल में बीमार बच्चों का इलाज करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रघुबीर पूनिया। स