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28 करोड़ रुपये से सुधरेगी कैथल रोड की हालत, बजट पास
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करीब एक साल से बदहाल कैथल मार्ग की हालत अब सुधरने जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। दो अगस्त को टेंडर खुलेंगे। एनएचएआई द्वारा इसके लिए 28 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। यह सड़क पिछले एक साल से बदहाल है और जिला स्तर की सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इसका मुद्दा उठाया जा चुका है।
गौरतलब है कि भिवानी-जींद-करनाल सड़क एनएचएआई के अधीन है। यहां सड़क तो बना दी गई, लेकिन इसके साथ नाले नहीं बनाए गए हैं। इससे शहर में, अमहेड़ी गांव व शाहपुर गांव में गंदा पानी सड़क पर आ रहा है। इसके कारण अमहेड़ी गांव तक चार जगह व शाहपुर गांव में सड़क टूट चुकी है। शाहपुर गांव में टूटी सड़क पर करीब छह महीने पहले कई हादसे भी हुए और यह मार्ग काफी चर्चाओं में रहा। ऐसे में अब एनएचएआई ने इसको ठीक करने व नाले बनाने की योजना बनाई है।
जिले का अति महत्वपूर्ण मार्ग है
कैथल रोड जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। जिले के लोगों को प्रशासनिक व सरकारी काम के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है। इसके लिए इसी मार्ग से जाना पड़ता है। यह सड़क टूटी होने के कारण परेशानी हो रही है।
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कैथल रोड से जुड़ते हैं तीन जिले
जींद से कैथल मार्ग पर कैथल, कुरुक्षेत्र व करनाल के रास्ते जाते हैं। नगूरां गांव से करनाल व कुरुक्षेत्र के लिए रास्ते निकलते हैं। ऐसे में इस रूट पर वाहन काफी अधिक होते हैं। एनएचएआई के अधीन आने के बाद भी लोगों को यहां बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
एक फुट तक बने है गड्ढे
कैथल रोड महत्वपूर्ण होने के बावजूद इस पर एक फुट तक गड्ढे बने हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में जब गड्ढों में पानी भर जाएगा तो इससे हादसे होने की आशंका बनी रहेगी।
सिर्फ टालमटोल में लगा है प्रशासन
यहां स्थिति बेहद गंभीर है। गर्मी में यह हाल है कि सड़क पर पानी रहता है। बारिश के मौसम में यहां और खराब स्थिति होगी। पिछले एक साल से प्रशासन से इसको ठीक करने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। यह मुद्दा सड़क सुरक्षा समिति की मीटिंग में भी उठा है।
सुनील वशिष्ठ, सदस्य, जिला सड़क सुरक्षा समिति।
अगले महीने खुलेंगे टेंडर
सड़क के किनारे नाले नहीं होने के कारण दिक्कत रही है, अब इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। दो अगस्त को टेंडर खोले जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत 28 करोड़ रुपये है। इससे नाले भी बनेंगे और सड़क भी।
एचएस सांगवान, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, रोहतक।
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गौरतलब है कि भिवानी-जींद-करनाल सड़क एनएचएआई के अधीन है। यहां सड़क तो बना दी गई, लेकिन इसके साथ नाले नहीं बनाए गए हैं। इससे शहर में, अमहेड़ी गांव व शाहपुर गांव में गंदा पानी सड़क पर आ रहा है। इसके कारण अमहेड़ी गांव तक चार जगह व शाहपुर गांव में सड़क टूट चुकी है। शाहपुर गांव में टूटी सड़क पर करीब छह महीने पहले कई हादसे भी हुए और यह मार्ग काफी चर्चाओं में रहा। ऐसे में अब एनएचएआई ने इसको ठीक करने व नाले बनाने की योजना बनाई है।
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जिले का अति महत्वपूर्ण मार्ग है
कैथल रोड जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। जिले के लोगों को प्रशासनिक व सरकारी काम के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है। इसके लिए इसी मार्ग से जाना पड़ता है। यह सड़क टूटी होने के कारण परेशानी हो रही है।
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कैथल रोड से जुड़ते हैं तीन जिले
जींद से कैथल मार्ग पर कैथल, कुरुक्षेत्र व करनाल के रास्ते जाते हैं। नगूरां गांव से करनाल व कुरुक्षेत्र के लिए रास्ते निकलते हैं। ऐसे में इस रूट पर वाहन काफी अधिक होते हैं। एनएचएआई के अधीन आने के बाद भी लोगों को यहां बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
एक फुट तक बने है गड्ढे
कैथल रोड महत्वपूर्ण होने के बावजूद इस पर एक फुट तक गड्ढे बने हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में जब गड्ढों में पानी भर जाएगा तो इससे हादसे होने की आशंका बनी रहेगी।
सिर्फ टालमटोल में लगा है प्रशासन
यहां स्थिति बेहद गंभीर है। गर्मी में यह हाल है कि सड़क पर पानी रहता है। बारिश के मौसम में यहां और खराब स्थिति होगी। पिछले एक साल से प्रशासन से इसको ठीक करने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। यह मुद्दा सड़क सुरक्षा समिति की मीटिंग में भी उठा है।
सुनील वशिष्ठ, सदस्य, जिला सड़क सुरक्षा समिति।
अगले महीने खुलेंगे टेंडर
सड़क के किनारे नाले नहीं होने के कारण दिक्कत रही है, अब इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। दो अगस्त को टेंडर खोले जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत 28 करोड़ रुपये है। इससे नाले भी बनेंगे और सड़क भी।
एचएस सांगवान, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, रोहतक।