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खेल विभाग के निदेशक को कोच नहीं बता पाया जिले के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नाम

Wed, 16 Sep 2020 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:03 AM IST
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The coach of the sports department could not tell the names of international players of the district
मीटिंग में मौजूद कोच और अन्य कर्मचारी। - फोटो : Jind
जिले के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का नाम कोच को अंगुलियों पर याद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना कोई छोटी बात नहीं होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलकर खिलाड़ी आपके जिले व क्षेत्र का नाम रोशन करते हैं। यह नसीहत खेल विभाग के निदेशक डॉ. एसएस फुलिया ने मंगलवार को सुबह 11 बजे रानी तालाब के पास स्थित एक होटल में हुई खेल विभाग के अधिकारियोें के साथ बैठक में एक कोच को दी, जो जिले के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का नाम नहीं बता सका था। जिला अधिकारी विनोद बाला के नेतृत्व में कोचों के साथ हुई बैठक में फुलिया ने कोचों से जिले की खेल उपलब्धियों के बारे में जानकारी ले रहे थे। निदेशक द्वारा पूछे जाने पर कोच ने यह तो बताया कि जिले के खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा उपलब्धियां कुश्ती में हासिल की हैं और जिले के 15 से 20 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया हुआ है, मगर नाम पूछने पर वह नहीं बता सका।
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निदेशक ने कहा कि जींद जिला अपेक्षा के अनुसार खेलों में अपनी उपलब्धियां नहीं बढ़ा सका है। अगर जींद अपेक्षा के अनुसार खेलों में अपनी उपलब्धियां बढ़ाता तो वह सोनीपत की जगह जींद का नाम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोजल के लिए भेजते। निदेशक ने मीटिंग में मौजूद अधिकारियों को सिविल सर्विस कंडक्ट रूल व आरटीआई एक्ट 2005 के बारे में जानकारी दी।
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अगर कोच सक्षम होगा तो दूसरे जिले से भी कोचिंग लेने आएंगे खिलाड़ी
बैठक के दौरान खेल निदेशक डॉ. एसएस फुलिया ने कोच से खिलाड़ियों को लेकर आ रही समस्याओं के बारे में पूछा तो एक कोच ने कहा कि खिलाड़ी थोड़े समय के बाद जींद के कोच से कोचिंग लेकर दूसरे प्राइवेट अकादमी वाले कोच के पास चले जाते हैं। इस पर निदेशक ने कहा कि इसमें कमी कोच की है। अगर कोच सक्षम हो तो आपके जिले का ही नहीं दूसरे जिले व राज्यों के खिलाड़ी भी आपसे पास कोचिंग लेने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि यहां मेरे आने का उद्देश्य केवल आपको डांटना नहीं, बल्कि खेल को किस तरह से आगे बढ़ाया जाए इस पर चर्चा करना है।
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उपलब्धियों को बढ़ाओ सुविधा भी मिलेगी
निदेशक ने कहा कि अच्छी सुविधा के लिए पहले अपने जिले की उपलब्धियों को बढ़ाओ। अगर उपलब्धियां बढ़ाओगे तो आपको सुविधा भी दी जाएगी। ऐसा नहीं है कि आपको हम खेलने के लिए जगह, खेल का सामान व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं, लेकिन वहां खेलने के लिए कोई खिलाड़ी ही न आए और उन चीजों का फायदा न हो।
खिलाड़ियों पर काम करने की जरूरत
उन्होंने कहा कि एक कोच को खिलाड़ियों पर काम करने की जरूर होती है। कोच को 15 से 20 दिन में पता लग जाता है कि किस खिलाड़ी में कितनी प्रतिभा है। उसके बाद सभी खिलाड़ियों को उनकी क्षमता के अनुसार कोचिंग दें। खिलाड़ियों की क्षमता के अनुसार तीन श्रेणियों में बांटे। इसके बाद जो खिलाड़ी कमजोर है, उस पर मेहनत ज्यादा करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी आगे आकर अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
नरवाना में पीडब्ल्यूडी अधिकारी को फोन पर समस्या हल करने के दिए निर्देश
मीटिंग के दौरान एक कोच ने कहा कि नरवाना में हैंडबॉल का वुडन इंफ्रास्ट्रक्चर खराब हो चुका है। इसके लिए खेल विभाग ने 10 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर पीडब्ल्यूडी विभाग नरवाना को भेज दिया है। कई बार रिमाइंडर भी डाल दिया गया है, लेकिन पीडब्ल्यूडी कोई काम नहीं कर रहा। इसके बाद निदेशक ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी से फोन पर बातचीत की और फटकार लगाते हुए समस्या का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर फिर भी कोई दिक्कत आती है तो वे निदेशक से संपर्क करें। वहीं नंदगढ़ में लेट तक कोचिंग लेने वाले खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्टेडियम में लाइट का प्रबंध करवाने के निर्देश दिए।

जिला स्तर पर एथलीट के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की मांग
नरवाना में छह लाख रुपये की कीमत से एथलीट के सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण करवाया गया है। इसको जल्द ही खेल विभाग टेकओवर करने वाला है। बैठक के दौरान एक कोच ने कहा कि जिले में एथलीट के भी काफी अच्छे खिलाड़ी हैं। आठ से दस खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन जिला स्तर पर सिंथेटिक ट्रैक नहीं है, केवल नरवाना में ही सिंथेटिक ट्रैक है। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जिला स्तर पर भी सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाना चाहिए। वहीं एकलव्य स्टेडियम के हैंडओवर के बारे में जिला अधिकारी विनोद बाला ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री मनोहरलाल के संज्ञान में है।

एक होटल में जिला खेल अधिकारी और कोचों के साथ बैठक करते खेल विभाग के निदेशक डॉ. एसएस फुलिया।

एक होटल में जिला खेल अधिकारी और कोचों के साथ बैठक करते खेल विभाग के निदेशक डॉ. एसएस फुलिया।- फोटो : Jind

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