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Jind News: सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद टूटी प्रशासन की नींद
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फोटो : 1अनाज मंडी मार्ग के पास खड़े बेसहारा पशु। संवाद
प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद लावारिस कुत्तों के बधियाकरण और शेल्टर होम के प्रबंध को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बधियाकरण को लेकर रेवाड़ी और धारूहेड़ा में पहले ही टेंडर हो चुका है।
दोनों जगह पर अब शेल्टर होम बनाने को लेकर भी जमीन और पैसा तय हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल, स्कूल कॉलेज, बस अड्डा रेलवे स्टेशन से लावारिस कुत्ते हटाने के भी आदेश दिए हैं।
वहीं शहर में कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण को लेकर पिछले 4 साल में कोई भी कार्य नहीं हो पाया है जबकि चार सालों में नगर परिषद पहल से कार्य करवा सकता था। नगर परिषद की भी नींद तभी टूटी जब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देशभर में कड़े आदेश जारी किए।
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पिछले 4 सालों में इस पर कोई कार्य न होने की वजह से अब कुत्तों की संख्या काफी अधिक हो चुकी है जबकि नगर परिषद 3 हजार कुत्तों का टारगेट मानकर चल रहा है। अगर इतने कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण हो भी जाता है, तब भी समस्या कम नहीं होगी। 2 वर्ष पहले जब नगर परिषद ने सर्वे कराया था तो करीब 4500 बेसहारा पशुओं को चिह्नित किया था।
कुत्ते हर गली हर नुक्कड़ में देखने को मिलते हैं। सवाल है कि आखिर शहर में केवल 3 हजार ही कुत्ते हैं? हकीकत में इनकी संख्या इससे कई गुना है। अभी हाल ही में सड़कों से पशुओं को हटाया गया था लेकिन फिर भी कोई खास फायदा नहीं दिखा। आज भी पशु हर सड़क व चौराहे पर घूमते हुए नजर आते हैं।
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वार्ड-30 स्थित मीट मार्केट में बनाया जा रहा है शेल्टर होम
वार्ड नंबर 30 स्थित मीट मार्केट को कुत्तों के शेल्टर होम के लिए तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इसमें आवारा कुत्तों के रखने की व्यवस्था होगी। शहर में कुत्तों की नसबंदी करने के लिए नगर परिषद की तरफ से वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। 3 हजार कुत्तों की नसबंदी पर 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कुत्तों को रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा ताकि संक्रमण का खतरा कम हो। नसबंदी अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। सबसे पहले शहर के उन क्षेत्रों को चुना जाएगा जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद विशेष टीम मौके पर जाकर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी केंद्रों तक ले जाएगी।
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धारूहेड़ा में कुत्तों की बधियाकरण के लिए टेंडर जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा।
नगर पालिका क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर पालिका ने एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत टेंडर जारी किया है। यह टेंडर 13.50 लाख रुपये की लागत से आमंत्रित किया गया है।
यह कार्य धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में कुत्तों की बधियाकरण, टीकाकरण व सुरक्षित पुनर्वास से संबंधित है। साथ ही नगर पालिका की ओर से करीब 18 लाख रुपये की लागत से एक डॉग यार्ड का निर्माण कराया जाएगा।
इस शेल्टर में शहर की गलियों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा। बजट प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
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इस साल कुत्तों के काटने के 6800 से अधिक मामले सामने आ चुके
जनवरी से अभी तक कुत्तों के काटने के 6800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। जिले में रोजाना 50 से 60 कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले नागरिक अस्पताल के हैं। बाकी ग्रामीण क्षेत्र के मामले इससे ज्यादा हो सकते हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक में जाते हैं।
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कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण को लेकर वर्क ऑर्डर दिए जा चुके हैं। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही शेल्टर होम की व्यवस्था भी होगी। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद लावारिस कुत्तों के बधियाकरण और शेल्टर होम के प्रबंध को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बधियाकरण को लेकर रेवाड़ी और धारूहेड़ा में पहले ही टेंडर हो चुका है।
दोनों जगह पर अब शेल्टर होम बनाने को लेकर भी जमीन और पैसा तय हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल, स्कूल कॉलेज, बस अड्डा रेलवे स्टेशन से लावारिस कुत्ते हटाने के भी आदेश दिए हैं।
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वहीं शहर में कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण को लेकर पिछले 4 साल में कोई भी कार्य नहीं हो पाया है जबकि चार सालों में नगर परिषद पहल से कार्य करवा सकता था। नगर परिषद की भी नींद तभी टूटी जब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देशभर में कड़े आदेश जारी किए।
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पिछले 4 सालों में इस पर कोई कार्य न होने की वजह से अब कुत्तों की संख्या काफी अधिक हो चुकी है जबकि नगर परिषद 3 हजार कुत्तों का टारगेट मानकर चल रहा है। अगर इतने कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण हो भी जाता है, तब भी समस्या कम नहीं होगी। 2 वर्ष पहले जब नगर परिषद ने सर्वे कराया था तो करीब 4500 बेसहारा पशुओं को चिह्नित किया था।
कुत्ते हर गली हर नुक्कड़ में देखने को मिलते हैं। सवाल है कि आखिर शहर में केवल 3 हजार ही कुत्ते हैं? हकीकत में इनकी संख्या इससे कई गुना है। अभी हाल ही में सड़कों से पशुओं को हटाया गया था लेकिन फिर भी कोई खास फायदा नहीं दिखा। आज भी पशु हर सड़क व चौराहे पर घूमते हुए नजर आते हैं।
वार्ड-30 स्थित मीट मार्केट में बनाया जा रहा है शेल्टर होम
वार्ड नंबर 30 स्थित मीट मार्केट को कुत्तों के शेल्टर होम के लिए तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इसमें आवारा कुत्तों के रखने की व्यवस्था होगी। शहर में कुत्तों की नसबंदी करने के लिए नगर परिषद की तरफ से वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। 3 हजार कुत्तों की नसबंदी पर 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कुत्तों को रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा ताकि संक्रमण का खतरा कम हो। नसबंदी अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। सबसे पहले शहर के उन क्षेत्रों को चुना जाएगा जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद विशेष टीम मौके पर जाकर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी केंद्रों तक ले जाएगी।
धारूहेड़ा में कुत्तों की बधियाकरण के लिए टेंडर जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा।
नगर पालिका क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर पालिका ने एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत टेंडर जारी किया है। यह टेंडर 13.50 लाख रुपये की लागत से आमंत्रित किया गया है।
यह कार्य धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में कुत्तों की बधियाकरण, टीकाकरण व सुरक्षित पुनर्वास से संबंधित है। साथ ही नगर पालिका की ओर से करीब 18 लाख रुपये की लागत से एक डॉग यार्ड का निर्माण कराया जाएगा।
इस शेल्टर में शहर की गलियों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा। बजट प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
इस साल कुत्तों के काटने के 6800 से अधिक मामले सामने आ चुके
जनवरी से अभी तक कुत्तों के काटने के 6800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। जिले में रोजाना 50 से 60 कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले नागरिक अस्पताल के हैं। बाकी ग्रामीण क्षेत्र के मामले इससे ज्यादा हो सकते हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक में जाते हैं।
कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण को लेकर वर्क ऑर्डर दिए जा चुके हैं। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही शेल्टर होम की व्यवस्था भी होगी। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।