फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Teachers will go door-to-door to bring dropout children back to school.

Jind News: ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लाने के लिए घर-घर जाएंगे शिक्षक

Tue, 30 Dec 2025 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
Teachers will go door-to-door to bring dropout children back to school.
29जेएनडी02-जिला ​शिक्षा अ​धिकारी कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। शिक्षा विभाग ने जिले में ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए बड़ी पहल शुरू की है। विभाग के निर्देश पर अब शिक्षकों की टीमें घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की तलाश करेंगी जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है या फिर स्कूल में नाम दर्ज होने के बाद भी नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं।
शिक्षा विभाग का यह अभियान एक जनवरी से शुरू होगा और नौ जनवरी तक चलेगा। इस बार विभाग का लक्ष्य 300 ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से स्कूलों में नामांकन कराकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना है। अभियान के तहत शिक्षकों को क्षेत्रवार घरों में जाकर बच्चों से बातचीत कर उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाना होगा आखिर बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान शिक्षकों को सिर्फ आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं रहना बल्कि बच्चों और उनके परिजनों को पढ़ाई के महत्व के बारे में समझाकर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए प्रेरित करना भी उनका दायित्व होगा। जिन बच्चों का नाम किसी कारणवश स्कूल से कट चुका है,उनका पुन: नामांकन कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, जो बच्चे आर्थिक या सामाजिक कारणों के चलते स्कूल नहीं आ पा रहे, उनके लिए विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी परिवारों को दी जाएगी। कई बच्चे आर्थिक तंगी, पारिवारिक मजबूरियों, बाल श्रम, प्रवास, पढ़ाई में रुचि की कमी या अन्य सामाजिक कारणों से स्कूल छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल तक लाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए अध्यापकों, बीआरपी, सीआरपी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूल प्रबंधन समितियों की मदद ली जाएगी।

ब्लॉक और स्कूल स्तर पर गठित की टीम
शिक्षा विभाग ने अभियान के लिए ब्लॉक और स्कूल स्तर पर टीमें गठित कर दी गई हैं। हर टीम में संबंधित स्कूल के शिक्षक व अधिकारी शामिल रहेंगे। शिक्षकों को यह भी कहा गया है कि वे क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी परिवारों, मजदूर वर्ग और अस्थायी बस्तियों का विशेष रूप से सर्वे करें, क्योंकि इन जगहों पर अधिकतर बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। अभियान के तहत ड्रॉपआउट बच्चों के नाम, उम्र, अभिभावक, पता, पिछली पढ़ाई से जुड़ी जानकारी व स्कूल छोड़ने का कारण ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
---------------------
शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहें बच्चे
सरकार की मंशा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। इसलिए यह अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि जिम्मेदारी के साथ चलाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। शिक्षकों का मानना है कि यदि समाज, अभिभावक और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो स्कूल छोड़ चुके अधिकांश बच्चों को फिर से पढ़ाई की राह पर लाया जा सकता है। अभियान पूरा होने के बाद विभाग रिपोर्ट तैयार करेगा और जिन बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा।

-------------
अभियान के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। ड्रापआउट बच्चों को पढ़ाने के लिए 30 सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। अभिभावकों से आह्नान है कि बच्चों के भविष्य के लिए उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें। -रितु पंघाल, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article