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Jind News: टीबी मरीजों को अब प्रतिमाह एक हजार रुपये मिलेंगे
Wed, 06 Nov 2024 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 06 Nov 2024 12:37 AM IST
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नागरिक अस्पताल में सैंपल देता मरीज। संवाद
जींद। निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को उनके खाने-पीने के लिए प्रदेश सरकार 500 की जगह एक हजार रुपये देगी। इससे टीबी के मरीजों को अच्छी डाइट लेकर जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी।
इस समय नागरिक अस्पताल में 1904 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक मरीज को ठीक होने में छह महीने का समय लगता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस तरह के मरीजों के खाते में प्रति माह 500 रुपये जमा करवाता था, लेकिन अब हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं जिले की 19 टीबीमुक्त ग्राम पंचायतों को जून में सम्मानित किया गया था।
टीबी एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी के जीवाणु हवा के जरिये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। टीबी के मुख्य लक्षणों में दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, थकावट होना, वजन कम होना व सांस लेने में दिक्कत होना मुख्य रूप से शामिल हैं। टीबी के इलाज के लिए छह महीने लग जाते हैं। अगर मरीज दवा बीच में छोड़ देता है तो दोबारा से इलाज शुरू किया जाता है। ऐसे में मरीजों को पौष्टिक आहार देने के लिए पहले विभाग की ओर से 500 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
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इस तरह दी जाती है टीबी के मरीजों को दवाइयां
वेट
बैंड-डोज
25-34 किलो 2 टैबलेट
35 से 49 किलो 3 टैबलेट
50 से 64 किलो 4 टैबलेट
65 से 75 किलो 5 टैबलेट
75 से ज्यादा किलोभार के मरीज को छह टैबलेट दी जाती है।
टीबी मरीजों को विभाग की तरफ से निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। -डॉ. पालेराम कटारिया, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।
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इस समय नागरिक अस्पताल में 1904 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक मरीज को ठीक होने में छह महीने का समय लगता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस तरह के मरीजों के खाते में प्रति माह 500 रुपये जमा करवाता था, लेकिन अब हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं जिले की 19 टीबीमुक्त ग्राम पंचायतों को जून में सम्मानित किया गया था।
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टीबी एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी के जीवाणु हवा के जरिये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। टीबी के मुख्य लक्षणों में दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, थकावट होना, वजन कम होना व सांस लेने में दिक्कत होना मुख्य रूप से शामिल हैं। टीबी के इलाज के लिए छह महीने लग जाते हैं। अगर मरीज दवा बीच में छोड़ देता है तो दोबारा से इलाज शुरू किया जाता है। ऐसे में मरीजों को पौष्टिक आहार देने के लिए पहले विभाग की ओर से 500 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
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इस तरह दी जाती है टीबी के मरीजों को दवाइयां
वेट
बैंड-डोज
25-34 किलो 2 टैबलेट
35 से 49 किलो 3 टैबलेट
50 से 64 किलो 4 टैबलेट
65 से 75 किलो 5 टैबलेट
75 से ज्यादा किलोभार के मरीज को छह टैबलेट दी जाती है।
टीबी मरीजों को विभाग की तरफ से निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। -डॉ. पालेराम कटारिया, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।