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Jind News: आर्थिक प्रगति के साथ सतत विकास जरूरी, तभी मजबूत होगा सुशासन और जनविश्वास

Tue, 20 Oct 2026 03:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:03 AM IST
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Sustainable development is essential alongside
15-आईआईएम रोहतक में लॉ समिट-2026 में न्यायमूर्ति अनूरूप सिंघी को सम्मानित करते निदेशक प्रो धीरज
रोहतक। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक में शनिवार को वार्षिक लॉ समिट-2026 का आयोजन किया गया। ‘सुशासन, विश्वास और विकास’ थीम पर आयोजित सम्मेलन में आर्थिक प्रगति और सतत विकास के बीच संतुलन, कॉरपोरेट प्रशासन, वित्तीय सेवाओं में नियामकीय विश्वास और बदलते कारोबारी परिवेश में कानून की भूमिका पर चर्चा हुई। राजस्थान हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनूरूप सिंघी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनूरूप सिंघी ने कहा कि सुशासन, विश्वास और विकास के लक्ष्य हासिल करने के लिए आर्थिक प्रगति के साथ सतत विकास का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
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व्यवसाय और कानून दोनों ही निरंतर बदलते क्षेत्र हैं। इसलिए कानूनी प्रक्रियाओं और दृष्टिकोणों को बाजार की बदलती परिस्थितियों तथा कारोबारी जरूरतों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया। इस में 50 से अधिक विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के साथ 400 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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एआई के दौर में मानवीय विवेक बनाए रखना जरूरी

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि लॉ समिट संस्थान की महत्वपूर्ण परंपरा बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को रटकर सीखने के बजाय सवाल पूछने, स्वतंत्र चिंतन करने और जिज्ञासा के साथ सीखने की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने केंद्र सरकार के मिशन कर्मयोगी का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक सेवा में पेशेवर दक्षता, नैतिक आचरण और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया।
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चार पैनल चर्चाओं में कॉरपोरेट प्रशासन और कानून पर मंथन
सम्मेलन में कॉरपोरेट संस्थानों, वित्तीय सेवा कंपनियों और विधि फर्मों के विशेषज्ञों ने चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया। इनमें कानूनी सुशासन और व्यावसायिक प्रगति के बीच समन्वय, वित्तीय सेवाओं में नियामकीय विश्वास, आधुनिक कॉरपोरेट बोर्डरूम में सुशासन तथा कानूनी सलाहकारों की बदलती भूमिका शामिल रही।



कानून और प्रबंधन की संयुक्त शिक्षा पर जोर
आईआईएम रोहतक के अनुसार, संस्थान में 1,600 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान वर्ष 2021 से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन लॉ (आईपीएल) संचालित कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानूनी विशेषज्ञता के साथ व्यावसायिक और प्रबंधकीय दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देना है।
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